@AshokShrivasta6 देख भाई दलाल लिखा तो तूने भी व्याकरण के हिसाब से सही नहीं है और न ही मैं सही लिख पाऊंगा। लेकिन जिस तरह से तूने अपने मालिक के दूध का कर्ज चुकाया है सैल्यूट है तेरे दलाली को, साले कीड़े पड़ेंगे तुझे।
@SidharthYadavIN जब सभी लोग एक ही भाषा बोलने लगें तो समझ जाओ अपने आका को बचाने का काम मिला है। सब सारे एक ही बात कॉपी पेस्ट कर रहे हैं और ये तुच्छ अपने आप को दिल्ली विश्वविद्यालय का बताता है।
@alok_ajay देखा भ*वे तेरा जुबान कितना आसानी से ठीक हो गया। यही जुबान रख दलाल डॉक्टर। पहले "गेंडी-गेंडी" करता रहता था, आज अपना और बीजेपी दोनों का "गेंडी" बचाता फिर रहा है।