बिहार में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा हाल ही में आंदोलित छात्रों पर पुलिस द्वारा AK-47 का इस्तेमाल लोकतंत्र के माथे पर कलंक है।
रोजगार, निष्पक्ष भर्ती और अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे छात्रों के सामने यदि सरकारें संवाद की जगह बंदूक खड़ी कर दें, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है।
मैं प्रधानमंत्री श्री @narendramodi को कहना चाहता हूं कि छात्रों की आवाज़ को गोलियों और लाठियों से नहीं दबाया जा सकता |
मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूँ |
@officecmbihar
जो बोल रहे है धर्मेंद्र प्रधान को हटाने वाले प्रोटेस्ट को विदेशों से मिल रही है फंडिंग ? ये है वो फंडिंग जिसका दिल करता वो यहाँ वहीं मदद लेकर पहुँच जाता है!
कम से कम रोटी मत छीनो !
नोटबंदी के बाद फूड बंदी करदी है !
दिल्ली जितने भी ऑनलाइन प्लेटफार्म से खाना मंगवाते थे उन सभी को बंद कर दिया है , आस पास की मार्केट बंद करदी है !
जो भी दिल्ली जंतर मंतर आए अपने साथ अपने साथियों के लिए कम से कम 10 आदमियों का खाना पानी जरूर लेकर आये !!!
जहाँ संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूँ।
मासूमों पर हुए अत्याचार के विरुद्ध अपना कर्तव्य निभा रहा हूँ।
जय भीम, जय भारत।
#संसद_मार्च#जंतर_मंत्र
राजस्थान उच्च न्यायालय की डिविजन बैंच ने ,S.I. भर्ती 2021 को एकलपीठ द्वारा रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा है जो स्वागत योग्य निर्णय है | S.I. भर्ती 2021 में हुई धांधली तथा पेपर लीक की वजह से लाखों मेहनतकश अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने मेहनतकश अभ्यर्थियों के पक्ष में इस भर्ती को रद्द करवाने के लिए लंबा आंदोलन किया,बड़ी रैली भी राजधानी जयपुर में की और जब राजस्थान उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने S.I. भर्ती 2021 को रद्द करने का फैसला दिया तो राजस्थान की दोगली बीजेपी सरकार ने इस भर्ती को यथावत रखवाने का पुरजोर प्रयास किया मगर आज फिर से मेहनतकश अभ्यर्थियों की भावनाओ की कोर्ट में जीत हुई है |