@DrKumarVishwas@atulkanakk पिछली बार आप आप अलवर आये थे तब बारिश हो गयी थी, तब वादा किया था जल्दी ही वापस आने का, जल्दी से आओ कविवर आप ,आप एक उत्सव हो , प्रेरणा हो, राजनीति से लेकर साहित्य तक आप हमारी उम्मीदें हो
@jihazoor85@DrKumarVishwas कड़वी सच्चाई बन चुकी है ये बात अब इस महल लोकतंत्र की, पँचायत स्तर पर पंच के चुनाव से लेकर कॉलेज के चुनावों तक सब में जाति , धर्म, पैसा, और गुंडई हावी है, सिर्फ भाषणों में होती है अच्छी बातें, ये सबसे बड़ी चुनौती है हमारे लिए
नाखुश रहने की जैसी प्रवत्ति में ढल गया हूँ... जीवन ने भिन्न-भिन्न ऐसी यातनाएं दी हैं कि अब खुशियां आने पर भी ज्यादा खुश नहीं होता और परेशानियों को ही नियति मान लिया है...!!!