हिसार स्थित ओ.पी. जिंदल मॉडर्न स्कूल में नवनिर्मित भवनों के उद्घाटन समारोह में दादी @SavitriJindal जी की अध्यक्षता में माननीय मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP जी व भाजपा हरियाणा के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ शिरकत करने का सुअवसर प्राप्त हुआ।
विद्यालय के नवनिर्मित भवन विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं एवं आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। यह संस्थान आने वाली पीढ़ियों को ज्ञान, संस्कार और उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निरंतर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। सभी सम्मानित विद्यालय प्रबंधनों, शिक्षकों, अभिभावकों व विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ।
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के उपप्रधान, वरिष्ठ समाजसेवी, भाई पप्पूराम डारा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई। गुरु महाराज से आपके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ। @papuramdara
ॐ नमः शिवाय! 🙏
देवों के देव महादेव की आराधना के पावन महापर्व महाशिवरात्रि की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
भगवान भोलेनाथ की कृपा हम सभी पर सदैव बनी रहे। वे हर जीवन से दुःख और बाधाओं का नाश कर सुख, शांति, समृद्धि एवं आरोग्य का आशीर्वाद प्रदान करें और सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें।
महादेव का आशीर्वाद सब पर बना रहे।
हर हर महादेव! 🙏🏻
#महाशिवरात्रि #Mahashivratri #HarHarMahadev
1. *कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।*
*मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥*
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की पावन धरती से भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया यह दिव्य गीता संदेश आज भी उतना ही प्रेरणादायी और प्रासंगिक है। मेरे सभी समर्पित कार्यकर्ता इसी निष्काम कर्म के सिद्धांत को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए वर्षों से निष्ठा, समर्पण और आत्मीयता के साथ मेरे साथ खड़े हैं तथा सच्चे राजनीतिक संबंधों का एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
सिरसा और पानीपत के पश्चात आज कुरुक्षेत्र में आयोजित ऐतिहासिक स्नेह मिलन एवं जलपान कार्यक्रम में उमड़े अपार जनसमूह ने यह स्पष्ट कर दिया कि वास्तविक रिश्ते किसी पद, सत्ता या स्वार्थ से नहीं, बल्कि विश्वास, अपनत्व और समर्पण से निर्मित होते हैं। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षों से चले आ रहे संघर्ष, सेवा, विश्वास और पारिवारिक संबंधों का भव्य उत्सव बन गया।
इस अभूतपूर्व जनसमर्थन और स्नेह को देखकर हृदय स्वाभाविक रूप से स्वर्गीय युगपुरुष चौधरी भजनलाल जी के पावन स्मरण से भर उठता है। यद्यपि उन्हें हमारे बीच से गए अनेक वर्ष बीत चुके हैं, फिर भी उनका आशीर्वाद, उनके संस्कार और जनता के हृदय में उनके प्रति सम्मान व प्रेम आज भी उसी प्रकार जीवंत और अटूट है।
मेरे लिए प्रत्येक कार्यकर्ता केवल संगठन का साथी नहीं, बल्कि मेरी सबसे बड़ी शक्ति, मेरी अमूल्य धरोहर और मेरी पहचान है। आप सभी का विश्वास, स्नेह और समर्पण मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है, जिसे मैं सदैव अपना सौभाग्य और अमूल्य दायित्व मानता हूँ।
मैं यह विश्वास दिलाता हूँ कि उचित समय आने पर आपके विश्वास, त्याग और समर्पण का सम्मान करने तथा आपके साथ हर परिस्थिति में मजबूती से खड़े रहने का हरसंभव प्रयास करूँगा।
आप मेरे कार्यकर्ता नहीं, मेरे परिवार हैं। और परिवार कभी परिस्थितियों से नहीं बदलता। यही परिवार मेरी सबसे बड़ी शक्ति है, मेरी सबसे बड़ी पूँजी है और मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।
एक बार पुनः आज के इस ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व रूप से सफल स्नेह मिलन एवं जलपान कार्यक्रम की सफलता के लिए मैं कुरुक्षेत्र के अपने प्रत्येक आत्मिक पारिवारिक साथियों को दिल की गहराइयों से हार्दिक बधाई और साधुवाद देता हूँ।
आप सबने केवल एक कार्यक्रम को सफल नहीं बनाया, बल्कि यह सिद्ध कर दिया कि विश्वास, प्रेम और परिवार का रिश्ता समय और परिस्थितियों से कहीं अधिक मजबूत होता है।
आप सभी को मेरा हृदय से प्रणाम। 🙏
4. *कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।*
*मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥*
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की पावन धरती से भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया यह दिव्य गीता संदेश आज भी उतना ही प्रेरणादायी और प्रासंगिक है। मेरे सभी समर्पित कार्यकर्ता इसी निष्काम कर्म के सिद्धांत को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए वर्षों से निष्ठा, समर्पण और आत्मीयता के साथ मेरे साथ खड़े हैं तथा सच्चे राजनीतिक संबंधों का एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
सिरसा और पानीपत के पश्चात आज कुरुक्षेत्र में आयोजित ऐतिहासिक स्नेह मिलन एवं जलपान कार्यक्रम में उमड़े अपार जनसमूह ने यह स्पष्ट कर दिया कि वास्तविक रिश्ते किसी पद, सत्ता या स्वार्थ से नहीं, बल्कि विश्वास, अपनत्व और समर्पण से निर्मित होते हैं। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षों से चले आ रहे संघर्ष, सेवा, विश्वास और पारिवारिक संबंधों का भव्य उत्सव बन गया।
इस अभूतपूर्व जनसमर्थन और स्नेह को देखकर हृदय स्वाभाविक रूप से स्वर्गीय युगपुरुष चौधरी भजनलाल जी के पावन स्मरण से भर उठता है। यद्यपि उन्हें हमारे बीच से गए अनेक वर्ष बीत चुके हैं, फिर भी उनका आशीर्वाद, उनके संस्कार और जनता के हृदय में उनके प्रति सम्मान व प्रेम आज भी उसी प्रकार जीवंत और अटूट है।
मेरे लिए प्रत्येक कार्यकर्ता केवल संगठन का साथी नहीं, बल्कि मेरी सबसे बड़ी शक्ति, मेरी अमूल्य धरोहर और मेरी पहचान है। आप सभी का विश्वास, स्नेह और समर्पण मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है, जिसे मैं सदैव अपना सौभाग्य और अमूल्य दायित्व मानता हूँ।
मैं यह विश्वास दिलाता हूँ कि उचित समय आने पर आपके विश्वास, त्याग और समर्पण का सम्मान करने तथा आपके साथ हर परिस्थिति में मजबूती से खड़े रहने का हरसंभव प्रयास करूँगा।
आप मेरे कार्यकर्ता नहीं, मेरे परिवार हैं। और परिवार कभी परिस्थितियों से नहीं बदलता। यही परिवार मेरी सबसे बड़ी शक्ति है, मेरी सबसे बड़ी पूँजी है और मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।
एक बार पुनः आज के इस ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व रूप से सफल स्नेह मिलन एवं जलपान कार्यक्रम की सफलता के लिए मैं कुरुक्षेत्र के अपने प्रत्येक आत्मिक पारिवारिक साथियों को दिल की गहराइयों से हार्दिक बधाई और साधुवाद देता हूँ।
आप सबने केवल एक कार्यक्रम को सफल नहीं बनाया, बल्कि यह सिद्ध कर दिया कि विश्वास, प्रेम और परिवार का रिश्ता समय और परिस्थितियों से कहीं अधिक मजबूत होता है।
आप सभी को मेरा हृदय से प्रणाम। 🙏
कुरुक्षेत्र के गाँव अजराना कलां निवासी हमारे मेहनती, कर्मठ एवं समर्पित साथी अज़ीज़ गोल्डी राणा जी के बड़े भाई श्री राज तंवर जी के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति और संबल दें।
ॐ शांति। भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 🙏
"जनता का अपनापन किसी पद या पहचान का मोहताज नहीं होता, बल्कि वर्षों की निष्ठा, सेवा और विश्वास से कमाया जाता है और यही विश्वास सबसे बड़ी पूंजी होता है।"
आप सभी के लोकप्रिय जननेता चौ. कुलदीप बिश्नोई जी आगामी दिनों में हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में आप सबके बीच उपस्थित रहेंगे।
ये कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि वर्षों से बने आत्मीय, पारिवारिक और सामाजिक संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने का एक सुनहरा अवसर हैं। चौधरी साहब ने हमेशा हर सुख-दुःख की घड़ी में जनता के साथ खड़े होकर अपने रिश्तों को निभाया है। अब एक बार फिर वे आप सभी से सीधे संवाद करेंगे।
सभी कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों से विनम्र अनुरोध है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपना स्नेह प्रदान करें तथा अपने अमूल्य सुझाव और विचार साझा करें।
आपका अटूट विश्वास और स्नेह ही हमें जनसेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
“आपका भरोसा... हमारी सबसे बड़ी पूंजी।
आपका सहयोग... हमारी अटूट प्रतिबद्धता।”
आज हरियाणा के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री नायब सिंह सैनी जी से दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में आत्मीय भेंट हुई।
उनसे मिलकर हर बार एक अलग ही आत्मीयता और अपनत्व का अनुभव होता है। आज राजनीतिक और व्यक्तिगत विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।
साथ ही, स्वर्गीय युगपुरुष चौधरी भजनलाल जी के नाम पर उन द्वारा दो विद्यालयों का नामकरण किए जाने के लिए मैंने अपने भाई रणधीर जी के साथ मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। यह निर्णय स्वर्गीय चौधरी भजनलाल जी के जनसेवा के प्रति समर्पण और उनके योगदान को दिया गया एक सम्मान है।
इतने महत्वपूर्ण पद पर आसीन होने के बावजूद उनकी सरलता, विनम्रता और सहजता वास्तव में प्रेरणादायी है। बड़े पद पर पहुँचने के बाद भी अपने व्यवहार में इतना अपनापन बनाए रखना विरले नेताओं की पहचान होती है।
आज भी उन्होंने मुझे जो स्नेह, सम्मान और आत्मीयता प्रदान की, उसके लिए मैं हृदय की गहराइयों से उनका आभार व्यक्त करता हूँ। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे हरियाणा की सेवा में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित करते रहें।
में भूल कैसे जाऊ मेरे उस भाई को जो मेरे लिए 24 घंटे धूप हो ठंड हो चाहे बारि, उसमें हमेशा खड़ा रहता था।
नहीं रहा वो दुनिया में तो क्या वो आज भी मेरे दिल में जिन्दा है।
पुण्यतिथि पर #सत_सत_नमन_संदीप
आज हरियाणा के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के साथ पर्यावरण संरक्षण की अमर प्रतीक, वीरांगना माँ अमृता देवी बिश्नोई जी की प्रतिमा के अनावरण का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
माँ अमृता देवी का जीवन त्याग, साहस, नारी शक्ति और प्रकृति के प्रति अटूट समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। अपने प्राणों की आहुति देकर उन्होंने यह संदेश दिया कि वृक्ष, वन्यजीव और प्रकृति केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और भविष्य की अमूल्य धरोहर हैं।
यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी कि पर्यावरण की रक्षा केवल हमारा दायित्व नहीं, बल्कि आने वाले कल के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है।
मैं हरियाणा सरकार तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने माँ अमृता देवी बिश्नोई जी के अद्वितीय बलिदान को सम्मानित करते हुए पर्यावरण संरक्षण की इस गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सराहनीय और ऐतिहासिक कार्य किया।
माँ अमृता देवी का त्याग हम सभी के लिए प्रेरणा है और सदैव रहेगा।
“सिर सांटे रुख रहे, तो भी सस्तो जाण” — यह अमर संदेश आज भी हमें प्रकृति की रक्षा के लिए समर्पण और बलिदान की प्रेरणा देता है।
आज मुझे इस विश्वविद्यालय में आकर अपने पूज्य पिताजी, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री, युगपुरुष, बिश्नोई रत्न स्वर्गीय चौधरी भजन लाल जी की बहुत याद आई।
उन्होंने इस विश्वविद्यालय की स्थापना केवल ईंट, पत्थर और भवनों का परिसर बनाने के लिए नहीं की थी। उनका सपना था कि यहाँ से निकलने वाला हर विद्यार्थी केवल डिग्री लेकर न जाए, बल्कि ज्ञान, संस्कार, सेवा, संवेदनशीलता और राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेकर निकले। उनका विश्वास था कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और समाज का उत्थान है।
उन्होंने राजनीति को कभी सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं माना, बल्कि जनसेवा का सबसे बड़ा दायित्व समझा। उनके दरवाज़े पर आने वाला कोई भी व्यक्ति स्वयं को आम नागरिक नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य महसूस करता था। हर वर्ग, हर समाज, हर क्षेत्र और हर व्यक्ति के सुख-दुःख में खड़े रहना ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी।
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय भी उनकी उसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उनका मानना था कि किसी प्रदेश का वास्तविक विकास केवल सड़कों, पुलों और इमारतों से नहीं होता, बल्कि शिक्षा, संस्कार, शोध और जागरूक युवाओं से होता है। इसी सोच के साथ उन्होंने हरियाणा के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस विश्वविद्यालय की स्थापना की।
वे अक्सर कहा करते थे—“जनता का विश्वास ही सबसे बड़ा पद होता है।” यही वाक्य आज भी मेरे सार्वजनिक जीवन का सबसे बड़ा मार्गदर्शक है।
आज मेरे लिए यह क्षण इसलिए भी अत्यंत भावुक है कि उसी विश्वविद्यालय की धरती पर, जिसकी कल्पना मेरे पिताजी ने की थी, आज पर्यावरण संरक्षण की अमर प्रतीक, वीरांगना माँ अमृता देवी बिश्नोई जी की प्रतिमा का अनावरण हमारे लोकप्रिय एवं यशस्वी मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP जी के कर-कमलों द्वारा की गई।
यह केवल एक प्रतिमा का अनावरण नहीं है, बल्कि दो महान विचारधाराओं का संगम है(स्वर्गीय चौ भजन लाल जी एवं माता अमृता देवी जी) एक, जिसने शिक्षा के माध्यम से भविष्य गढ़ने का संकल्प लिया और दूसरी, जिसने प्रकृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर मानवता को अमर संदेश दिया।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि यदि आज मेरे पिताजी हमारे बीच होते, तो वे इस पल को अपने जीवन के सबसे संतोषजनक और गौरवपूर्ण क्षणों में से एक मानते।
गुरु महाराज की जय
माँ अमृता देवी अमर रहे
चौ भजन लाल जी अमर रहे।