आशीर्वाद है, दसवें का मंगल । कैसा भी हो, शत्रु राशि में हो कि मित्र में, योगकारक हो कि ग्नातिकारक, जैसा भी है आशीर्वाद है दसवें का मंगल ।
मेरे स्टूडेंट स्पष्ट देख पा रहे होंगे क्यों कह रहा मैं ये ।
फिर से फ़र्ज़ी SC/ST।
मेडिकल का टैलेंटेड छात्र वैभव जैन।
>> कक्षा की एक लड़की ने कहा — मेरी बहन का स्कोरर बन जा। वैभव ने मना कर दिया।
— नतीजा? >> फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर अश्लील फोटो अपलोड किए।
>> फिर SC-ST एक्ट + 354 का केस ठोक दिया। 50 दिन जेल।
>> सेकंड ईयर की परीक्षा हथकड़ी में दी।
>> MBBS पास करने के बाद सरकारी नौकरी नहीं मिली।
>> सदम में पिता को पैरालिसिस हो गया।
>> छह साल बाद कोर्ट ने सब झूठा पाया और बरी कर दिया। >> लड़की खुद अवैध एडमिशन के कारण पहले ही कॉलेज से निकाली जा चुकी थी।
>> जाति प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी तक कोर्ट ने मानने से इनकार कर दिया।
एक इनकार। एक झूठा केस। एक पूरा करियर और परिवार तबाह।
SC-ST एक्ट अब सुरक्षा नहीं, हथियार बन चुका है। और सरकार अभी भी चुप है।
सभी सवर्ण साथियों सुनो - महिपाल सिंह मकराणा का अगला राज्य हरियाणा है
350 km की पैदल यात्रा करेंगे
आप सभी हरियाणा दिल्ली के आस पास के जितने लोग है उस यात्रा में जरूर शामिल हों
बाकी कुछ मीटिंग करने वाले लोग है - वो मीटिंग मीटिंग खेले - जिनमें जुनून होता है वो कार्य करता है उसके साथ कारवां अपने आप खड़ी हो जाती
So Dinesh Thakur’s foundation funded Indian journalists who targeted Indian pharma companies in order to help US companies.
& Saurav Das is a part of that cabal.
Tarun ji has unearthed a pharma connection almost no one knew about.
Brilliantly researched thread!!👏👏
यह लड़का च..र जाति का है दिल्ली में 200 करोड़ के टाइप 8 बंगले में रहकर UPSC की तैयारी कर रहा है फॉर्च्यूनर से कोचिंग जाता है क्या ऐसे लोगो को आरक्षण की ज़रूरत है ?
लेकिन यह किसी ग़रीब बच्चे की सीट लेकर उसका हक़ खायेगा इसी लिए आरक्षण में वर्गीकरण बहुत ज़रूरी है जो ग़रीब बच्चों को उनका हक़ मिले !!
मुझे गरीबों के अधिकार की लड़ाई में आप सब की मदद की ज़रूरत है साथ दीजिए !!
#reservationpolitics #Subcategorization #India #DalitRights #scstreservation
बी वी रमण अपनी किताब एस्ट्रोलोजी इन वेदर प्रेडिक्शन में कहते हैं - when jupiter is at perihilion great droughts have been seen.
दिसंबर 2034 में गुरु पेरीहीलीयन पर पहुंचेगा । 2029 मैं अकाल दुर्भिक्ष की प्रेडिक्शन कर चुका हूं । मुझे भी देखना है कि क्या जो प्रेडिक्शन मैं 2029-30 के लिए कर चुका हूं वो क्या 2034 तक खिंचेगी ।
केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि SC/ST कोटा में ‘क्रीमी लेयर’ की अवधारणा नहीं लागू होगी क्योंकि वह केवल OBC के लिए थी। तो मोदी जी, OBC रिजर्वेशन तो पहले था ही नहीं, फिर वो क्यों आया और आपकी पार्टी ने उसका समर्थन क्यों किया था?
दूसरी बात, आपके वकील ने कहा कि ‘आय के आधार पर’ SC/ST आरक्षण बिलकुल नहीं होगा क्योंकि उसका आधार केवल ‘आर्थिक पिछड़ापन’ ही नहीं, ‘ऐतिहासिक उत्पीड़न और अन्याय’ है। ‘केवल’ आर्थिक पिछड़ापन कहाँ, आप तो इनकम को कहीं भी आधार नहीं मानते!
जिस EWS का आप ढोल पीटते हैं, उसमें न तो फॉर्म के दाम कम हैं, न हॉस्टल की फीस, न कोर्स फीस… तो ये दो कौड़ी का राजनैतिक झुनझुने का सामान्य वर्ग करे क्या? @narendramodi यह बताएँ कि सामान्य वर्ग के टैक्स के पैसों से फंड हो रही SC/ST आरक्षण सब्सिडी का लाभ, सामान्य वर्ग के EWS को ही क्यों नहीं मिलता?
कोई तर्क है इसका कि आप जिसे सर्टिफाइड गरीब मानते हैं, वो प्रमाण पत्र उससे माँगते हैं, उसे सत्यापित करते हैं और उसे नौ लाख से सोलह लाख तक का लोन ले कर पढ़ाई करनी पड़ती है। फिर आप 1000 SC और 1000 OBC जातियों के शून्य प्रतिनिधित्व पर मौन हो जाते हैं कि इन जातियों का आरक्षण कहाँ है?
सत्य यह है कि आपका ‘विकसित भारत’ टूटते हायवे और निम्न गुणवत्ता के 50% लोगों से भरे कॉलेजों और विद्यालयों से कभी पूरा नहीं हो सकता। आरक्षण की समीक्षा करनी ही होगी, उसे तार्किक रूप से लाना ही होगा।
१. शून्य प्रतिनिधित्व वाली जातियों की पहचान
२. EWS की SC के स्तर की आर्थिक छूट
३. न्यूनतम अंक का विधान, GC से 10% से अधिक का कटऑफ में अंतर न हो SC/ST में
४. सक्षम लोगों को फर्जी तर्क के कारण आरक्षण न दिया जाए
५. हर श्रेणी में सबसे गरीब, पिछड़े को ही आरक्षण मिले
६. हर दस वर्ष में जातियों की समीक्षा और निष्कासन, नई जातियों को लिस्ट में जोड़ना बंद करें
क्या आप जानते हैं?
-SC/ST एक्ट में सिर्फ लाखों का मुआवजा ही नहीं दिया जाता, बल्कि पेंशन भी दी जाती है!
जब इस एक्ट के तहत कई फ़र्ज़ी मामले निकलते हैं, तब भी सरकार बजाय इस एक्ट के दुरूपयोग पर ध्यान के, पैसे बांट रही है।
सोचने की बात है-
ऐसे अगर आप किसी को केस करने के लिए पैसे देते रहोगे तो कानून का दुरूपयोग कैसे रुकेगा?
एक बार सवर्ण समाज जरूर सुने और इस संदेश को आगे बढ़ाए... 🙏
कोई पार्टी या पार्टी का अध्यक्ष तय नहीं करेगा; जो तय करेगा वो सवर्ण समाज तय करेगा हमे कहाँ जाना है
सवर्ण समाज का साथ और क्षत्रिय की जुबान है एक बार कमान से निकला तीर दोबारा लौटकर नही आता....
राजस्थान तो झांकी है, दिल्ली हिलानी बाकी है ✊
ये वही महिपाल सिंह मकराना है जो पुरूषोत्तम रूपाला के एक बयान को लेकर देश व्यापी क्षत्रिय समाज का आंदोलन खड़ा कर दिया था और BJP के 400 सीटो का सपना 240 पर लाकर पटक दिया था
ये वही महिपाल सिंह मकराना है जो #UGC के खिलाफ 23 दिन कि पदयात्रा से दो राज्यो के उपचुनाव बिहार बांकीपुर, मध्यप्रदेश दतिया का BJP को हार का मुंह देखना पड़ा सवर्ण बाहुल्य सीटे थी दोनो
UGC ROLLBACK नही तो @BJP4India
को वोट सवर्ण समाज नही देगा
सवर्ण एकता जिंदाबाद ✊🚩
#mahipalsinghmakrana
Every Parliament session should have one week for "What I Did for My Constituency."
Every MP should show what they did in the last quarter with data and facts.
Parliament is for work, not for fights, poems or shayaris.
So, show us your work!
कहने को सामान्य वर्ग के नेता हैं संजय सिंह, लेकिन आवाज़ किसकी उठा रहे हैं?
-आरक्षित वर्गों की!
यही सच्चाई है-
SC/ST/OBC नेता उनकी आवाज़ उठाते हैं!
GC नेता भी SC/ST/OBC की ही आवाज़ उठाते हैं!
मतलब ये कि
संसद में जनरल कैटेगरी का प्रतिनिधित्व 0 है!
आरक्षण तो GC को मांगना चाहिए!!
बता दें कि आरोपी OBC हैं!
लेकिन ये दलित चिंतक जानबूझकर आरोपी को "सवर्ण" बता रहा है, ताकि लगे कि अपराध जनरल कैटेगरी वालों ने किया है!
वैसे विवाद जाति की वजह से नहीं, घोड़ा चरने की वजह से हुआ था!
ऐसे ही गलत जानकारी देकर, आपसी बहुजनी विवाद को GC पर थोपकर आरक्षण की मांग की जाती है!
महिपाल सिंह मकराना जी ने CM House घेरने की घोषणा कर दिया है। UGC को लेकर नरेंद्र मोदी ने उड़ता तीर अपने हाथ में ले लिया है अब यह विरोध तब तक चलेगा जब तक नरेंद्र मोदी रहेगा।
मैं महिपाल सिंह मकराना जी के साथ हूं और रहूंगा।