गरीब बच्चों के पोशाक बेच कर दार्जिलिंग में कोठी बनाने के फिराक में बिहार के बाबू।
कितने गंदे लोग हैं यार। थू।
मामला सासाराम के एक आंगनबाड़ी केंद्र का है बच्चों के लिए पहले मुफ्त पोशाक आती है।
बच्चों को पोशाक पहनाया।
फोटों खिंचा।
उसके बाद पोशाक उतरवा कर नंगा कर दिया।
नग्न बच्चों का वीडियो वायरल होने से हड़कंप।
अधिकारियों ने पानी देने से मना किया…
लड़की जो हर साल प्याऊ लगाती थी
राहगीरों और जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करती थी
उसे प्याऊ बंद करनी पड़ी और मटके फोड़ने पड़े…
क्योंकि अधिकारियों का कहना है…
पानी हम दे रहे हैं… और क्रेडिट आपको मिल रहा है
इससे बड़ी नीचता और क्या होगी…!!
ओडिशा के बालासोर जिले में एक मृत आदिवासी व्यक्ति के शव को पोस्टमार्टम के बाद साइकिल पर ले जाने की मजबूरी यह दिखाती है कि आज भी गरीब परिवार सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाओं और एंबुलेंस जैसी बुनियादी सेवाओं से वंचित हैं। सरकारें चाहे कितने भी विकास के दावे करें, लेकिन जब किसी परिवार को अपने प्रियजन का शव साइकिल पर ढोना पड़े, तो यह पूरे सिस्टम की असफलता को उजागर करता है। यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि उन लोगों के प्रति संवेदनहीनता है जो वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। देश का असली विकास तब होगा जब गांव, आदिवासी क्षेत्र और गरीब समुदाय भी सम्मान के साथ जी सकें और मृत्यु के बाद भी उन्हें गरिमा मिल सके। स्वास्थ्य, सड़क, एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं किसी पर एहसान नहीं, बल्कि हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार हैं।
BJP के एक केंद्रीय मंत्री के बेटे पर “POCSO” एक्ट में 8 मई को FIR दर्ज हुआ है, तब से वो फरार चल रहा है।
ऐसे में लोग पूरे शहर में मंत्री और उसके बेटे की तस्वीर को लगा दिए हैं, क्या लगता है गिरफ्तारी होगी या नहीं..?
अगर 38 साल के प्रतीक यादव बीमार थे तो आज से पहले किसी बड़े हॉस्पिटल जैसे मेदांता में एडमिट क्यों नहीं कराया गया??
उनकी पत्नी अर्पणा विष्ट को बीमारी के हालत में प्रतीक यादव के साथ इलाज के दौरान क्यों नहीं देखा गया ??
हाय रे दादा रे राजकुमार भाटी ने ब्राह्मण वोट काट दिए
अरे मूर्खो ब्राह्मण समाज ने सपा को वोट ही कब दिया है आंकड़े देखो
2014 में BJP को 84% ब्राह्मण वोट
2017 में BJP को 89% ब्राह्मण वोट
2019 में BJP को 92% ब्राह्मण वोट
2022 में BJP को 92% ब्राह्मण वोट
2024 में BJP को 95% ब्राह्मण वोट
ब्राह्मण समाज ने 2024 में भाजपा के साथ गए फिर भी अखिलेश 37 सीट जीते और कांग्रेस की 6 जितवा दिए PDA के वोट से
मै राजकुमार भाटी के साथ हु सपा के मजबूत आवाज है , मीडिया जब कहती अखिलेश सरकार जातिवादी है
तब राजकुमार भाटी का जबाव होता है
लैपटॉप बस यादव को मिला
एक्सप्रेस वे पर बस यादव चलता है
एंबुलेंस बस यादव के लिए है
यूपी 100 सेवा बस यादव के लिए थी
उसक बाद मीडिया चुप हो जाती है
केजरीवाल तो फर्जी बदनाम थे.
असल शीशमहल तो कुमार विश्वास ने बनवाया है.
घर के अंदर सैलून है, जिम है, थियेटर है. लिफ्ट है.
कुमार विश्वास बता रहे है- यह हमारा सैलून है, उधर एक स्टीम रूम है
एंकर पूछ रही कि घर में शॉपिंग मॉल भी है ?
आधे घंटे से तड़प रहे थे.."कई नर्सों से बोला किसी ने नहीं सुना..एक आए थे घूम फिर के चले गए"..अब
मेरे Papa चले गए"...!
UP की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर है..."पिता के शव के पास रोती बिलखती बिटिया स्वास्थ्य महकमे को कोस रही है"...!
जौनपुर में Satish Gupta चार दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती हुए थे इलाज के नाम पर 2 बोतल Glucose लगा कर किस्मत पर छोड़ दिया गया..!
दवाइयां इंजेक्शन सब बाहर से मंगवाए गए...हालात बिगड़ने कर बच्ची नर्स को बुलाती रही लेकिन कोई मरीज को देखने नहीं आया..अंततः Satish Gupta की मौत हो गई...!
बेचारी मासूम बच्ची अब System को कोस रही है..बिटिया को सुनिए..👇👇👇
NEET पेपर लीक के बाद अब छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर भी सवाल उठे
वीडियो वायरल हो रहे हैं जहां परीक्षा केंद्रों पर लड़कियों के हेयर क्लिप और एक्सेसरी तक कैंची से कटवाए गए
कई छात्रों से Tulsi mala और Janeu जैसे धार्मिक धागे उतारने को भी कहा गया
अभी कुछ दिनो पहले ही प्रतीक यादव की सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी...
जिसमें प्रतीक ने अपनी पत्नी भाजपा महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को परिवार तोडने वाला बताया था
प्रतीक ने यह भी लिखा था कि- मैं जल्द से जल्द इस मतलबी महिला को तलाक देने जा रहा हूं ,उसने मेरा परिवारिक रिश्ते खराब कर दिए
हालाँकि उसके कुछ दिनो बाद ही प्रतीक ने वीडियो मे आकर बताया की अब सब कुछ ठीक है !!
ऐसे मे प्रतीक की संदिग्ध मौत की खबर आना तमाम विवादो को जन्म देता है !!
#PrateekYadav
प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है जिसमें चौंकाने वाली चीजें बताई गई हैं
प्रतीक यादव की विस्तृत रिपोर्ट में उन चोटों का जिक्र किया गया है जो उनके मृत्यु के पहले लगी हैं, जबकि
उनकी डेथ का कारण पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म बताया गया है।
प्रतीक यादव के शरीर पर 6 जगह चोट के निशान मिले हैं जिसमें 1, 2 और तीसरी चोट 5 से 7 दिन पुरानी है, जबकि 4, 5 और छठी चोट, मौत से एक दिन पहले की बताई जा रही है।
सवाल उठता है कि
आखिर ये चोट लगी कैसे? कौन है इसकी वजह ये बड़ा सवाल है?
पढ़िए और तय कीजिए, आख़िर किन्हें हमने देश के माथे पर बिठा दिया है!
डिस्क्लेमर ~ जो आप पढ़ने जा रहे हैं, वह किसी फ़िल्म की कहानी नहीं है।
बात 24 अप्रैल की है।
एक लड़की फतेहपुर में अपने मंगेतर के साथ बुआ के घर जा रही थी। रास्ते में भाजपा नेता बबलू सिंगरौर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर दोनों को रोक लिया और मंगेतर के सामने ही लड़की के साथ गैंगरेप किया।
इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया और धमकी देते हुए वे वहाँ से निकल गए।
सोचिए, दूल्हे की आँखों के सामने उसकी मंगेतर के साथ दरिंदगी हुई। दूल्हे ने कहा~
“मेरे सामने मेरी मंगेतर के साथ भाजपा नेता और उसके दो साथियों ने दरिंदगी की, लेकिन मैं अपनी मंगेतर का साथ कैसे छोड़ देता?”
और सोमवार को उसने पहले मंदिर में अपनी मंगेतर से शादी की, फिर रात में बैंड-बाजे के साथ बारात लेकर मैरिज हॉल पहुँचा।
शादी के दिन दूल्हे ने कहा~
“इस घटना के दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। मैंने अपनी मंगेतर से किए वादे को निभाया है। हर परिस्थिति में साथ रहने का संकल्प लिया है। मैं हमेशा उसका साथ दूँगा। लेकिन मेरी मांग है कि आरोपी किसी भी कीमत पर जेल से बाहर नहीं आने चाहिए।”
26 अप्रैल को पुलिस ने रेप की एफआईआर दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। भाजपा नेता बबलू सिंगरौर को 6 मई को गिरफ्तार किया गया।
लेकिन सवाल अब भी वही है ~ आख़िर भाजपा नेताओं के भीतर इतना दुस्साहस कैसे आ जाता है कि वे राह चलती लड़की को रोककर बलात्कार जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दे देते हैं?