उत्तराखंड आपदा प्रभावित है मौसम खराब चल रहा है , बाड़ और पत्थर गिर रहे है 14 जुलाई को ukpsc (जो कभी काम नहीं करता) आज उससे बाढ़ और पत्थर गिरने पर भी एग्जाम करवाना है पहाड़ का बच्चा ही जब पेपर नहीं दे पाएगा तो कहे का पहाड़ी प्रदेश posptone ukpsc psc @anil_baluni@pushkardhami
📿 नमः शिवाय शान्ताय नमः शान्ततमाय च॥ 🔱
आप सभी को #महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ! हम सभी इस #Mahashivratri भगवान शिवजी के जीवन से प्रेरणा लें और योगमार्ग पर चलकर, अन्धकार से प्रकाश की ओर प्रवृत्त होवें। ओम् 🙏
आजकल तेज शोर मचाना एक मांगलिक कार्य है; इसके बिना त्यौहार, अनुष्ठान अधूरे माने जाते हैं। पर लोगों को समझना होगा कि ये न केवल स्वास्थ्य और समाज के लिये हानिकारक है, बल्कि एक 'पाप' भी है!
इस माह फ़रवरी 2024 में UP State और CBSE बोर्ड के दसवीं और बारहवीं की परीक्षा प्रस्तावित हैं,और भी कई प्रतियोगी परीक्षाएं होनी है,शादियों में देर रात्रि में होने वाले डीजे और पटाखों के शोर न तो नींद लेने देते हैं और न ही पढ़ाई हो पाती है+@CMOfficeUP@dmbulandshahr@bulandshahrpol
On #ParakramDiwas our respectful tributes to the legendary freedom fighter and visionary leader, #NetajiSubhasChandraBose ji on his birth anniversary (23 January).
His indomitable spirit and devotion to the motherland will always be an inspiration for us. 🙏🇮🇳
The launch of Aditya-L1 by #PSLVC57 is accomplished successfully🇮🇳 Watch this video to understand the sun and our first solar mission! #AdityaL1Launch
🔗 https://t.co/Mb04Fdu9Qs
Historic day for Bhārata (India)! 🇮🇳 Congratulations to @isro and every Bhāratīya for the remarkable success of #Chandrayaan3 mission. Bhārata is the FIRST NATION to reach the South Pole of the Moon. #IndiaOnTheMoon
आइए, आज #HanumanJayanti के अवसर पर, सोशल मीडिया पर 'जयन्ती' और 'जन्मोत्सव' के नाम पर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी की परीक्षा करते हैं और दोनों के वास्तविक अर्थ जानते हैं.. (१)
@SanatKumaara @VedicWisdom1@RapperPandit ठीक है, पर क्या उद्योगपर्व ३२.५ "संजयोऽथ भूमिपते नमस्ते.." में भी अभिवादन नहीं है (द्वारपाल का धृतराष्ट्र को)?
और, एक शंका ये भी है कि जब 'नम:' और 'ते' का प्रयोग सामान्यत: होता ही था, तो किसी से मिलने पर (नम: का)सत्कार, सेवा आदि अर्थों में 'नमस्ते' कहने पर क्या दोष था?
@SanatKumaara @VedicWisdom1@RapperPandit उदाहरण के लिए– महाभारत सभापर्व (६५.१९) में शकुनि को युधिष्ठिर के लिए कहते दिखाया है– ज्येष्ठो राजन् वरिष्ठोऽसि नमस्ते भरतर्षभ॥
रामायण में भी माता सीता कहती हैं– नमस्ते राक्षसोत्तम (अरण्य० ४.३)
(ये वाद-विवाद नहीं, शंका है)
@SanatKumaara एक प्रश्न है– रामायण, महाभारत आदि में जहाँ-जहाँ कोई 'नमस्ते' बोल रहा है, तो वह सामने वाले व्यक्तिविशेष को नमन लिए है या उसके भीतर ईश्वर के लिए (जैसा कि कुछ लोग मानते हैं)? क्योंकि मनुष्यों को भी नमस्ते के प्रमाण वहाँ हैं.. @SanatKumaara @VedicWisdom1@RapperPandit
स्वामी दयानन्द जी ने पहली बार 'नमस्ते' नहीं गढ़ा लेकिन उसको पुन: समाज में प्रचलित अवश्य किया था; लंबे समय तक कई लोगों ने इस बात का विरोध भी किया, उन्हीं में से एक (कालूराम शास्त्री) ने आर्यसमाज के विरोध में ये भी लिखा कि 'नमस्ते केवल ईश्वर के लिए है'–
People are ranting about his Janeu, they don't even know that Janeu has nothing to do with Caste, All Dwijas (those who studied Vedas) would wear it irrespective of Caste.
One would become a Brahmin/Kshatriya etc after getting Janeu.