मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी छुट्टी बढ़ा दीजिए! यूपी में शिक्षकों ने उठाई मांग- एक जुलाई से खोले जाएं स्कूल
शिक्षक संगठनों ने भीषण गर्मी और जनगणना कार्य में शिक्षकों की व्यस्तता के कारण परिषदीय विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश 15 जून से बढ़ाकर 1 जुलाई तक करने की मांग की है।
1-शिक्षक संगठनों ने ग्रीष्मावकाश बढ़ाने की मांग की।
2-जनगणना कार्य में व्यस्तता मुख्य कारण बताया।
3-भीषण गर्मी से बच्चों के स्वास्थ्य को खतरा
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश 15 जून को समाप्त होने के बीच शिक्षक संगठनों ने स्कूल एक जुलाई से खोलने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि इस बार अवकाश अवधि में बड़ी संख्या में शिक्षक जनगणना कार्य में लगे रहे, जिससे उन्हें वास्तविक अवकाश नहीं मिल सका।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने कहा कि जनगणना का कार्य 22 मई से 20 जून तक चल रहा है और कई शिक्षकों की ड्यूटी अभी भी जारी है। ऐसे में 16 जून से विद्यालय खुलने पर शिक्षकों की कमी दिखाई दे सकती है।
शिक्षकों ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान, बोर्ड परीक्षाओं और जनगणना जैसे कार्यों में लगातार सहयोग दिया है। इसलिए उन्हें 15 दिन का उपार्जित अवकाश दिया जाए या विद्यालय एक जुलाई से संचालित किए जाएं।
वहीं, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने भी मुख्यमंत्री से ग्रीष्मावकाश 30 जून तक बढ़ाने की मांग की है। प्रदेश महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि भीषण गर्मी और लू के कारण बच्चों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य, अभिभावकों की चिंता और जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों की परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को संवेदनशील निर्णय लेना चाहिए।
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किसी भी शिक्षक संगठन ने भीषण गर्मी और जनगणना कार्य होने पर भी
ग्रीष्मकालीन अवकाश 30 जून तक बढ़ाने की मांग नहीं की।
बात संघ अध्यक्ष दिनेश शर्मा तक पहुंचा दीजिए
मुझे ब्लाक कर रखा है
कर्मठ शिक्षक, कठोर डयूटी और ये आग बरसता हुआ आसमान।
क्या सरकार करेगी इन राष्ट्र निर्माताओं के अधिकारों का सम्मान?
अर्जित अवकाश (EL) ही है शिक्षकों के इस कठिन श्रम का उचित मुआवजा।
#EarnedLeave_For_Census
कर्मठ शिक्षक, कठोर डयूटी और ये आग बरसता हुआ आसमान।
क्या सरकार करेगी इन राष्ट्र निर्माताओं के अधिकारों का सम्मान?
अर्जित अवकाश (EL) ही है शिक्षकों के इस कठिन श्रम का उचित मुआवजा।
#EarnedLeave_For_Census
जनगणना के आंकड़ों में छुपा है, एक शिक्षक के त्याग का गहरा सागर।
क्या इस त्याग का बदला चुकाएगी सरकार, EL का आदेश देकर गागर में सागर?
बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को न्याय की अंतिम उम्मीद @UPGovt से है।
#EarnedLeave_For_Census
भीषण गर्मी और लू के बीच, शिक्षक कर रहे जनगणना का काम।
छुट्टियों में कर्तव्य निभा रहे, अब तो मिले मेहनत का परिणाम।
माननीय मुख्यमंत्री जी, बेसिक शिक्षकों को अविलंब EL प्रदान करें।
#EarnedLeave_For_Census
भीषण गर्मी और लू के बीच, शिक्षक कर रहे जनगणना का काम।
छुट्टियों में कर्तव्य निभा रहे, अब तो मिले मेहनत का परिणाम।
माननीय मुख्यमंत्री जी, बेसिक शिक्षकों को अविलंब EL प्रदान करें।
#EarnedLeave_For_Census
एक रिचार्ज ऐसा भी होना चाहिए… जिसमें सिर्फ़ बात हो, इंटरनेट नहीं...!!😉
भारत में आज भी करोड़ों लोग मोबाइल को मनोरंजन नहीं,सिर्फ़ ज़रूरत के लिए इस्तेमाल करते हैं।
उनके लिए फोन का मतलब है घर की ख़बर लेना, हाल-चाल पूछना, काम की बात करना।
लेकिन हक़ीक़त यह है कि उन्हें हर बार डेटा वाला महंगा रिचार्ज कराना पड़ता है,जबकि वे इंटरनेट का इस्तेमाल करते ही नहीं।
ग्रामीण इलाक़ों के लोग, वरिष्ठ नागरिक, छोटे दुकानदार,मज़दूर वर्ग और साधारण उपयोगकर्ता इन सबकी ज़रूरत नेट नहीं, नेटवर्क है।
फिर सवाल उठता है जब उपयोग नहीं है, तो ज़बरदस्ती डेटा क्यों...?
जब ज़रूरत सिर्फ़ कॉल की है, तो विकल्प क्यों नहीं...?
डिजिटल इंडिया ज़रूरी है,लेकिन हर भारतवासी डिजिटल नहीं है।
सच्ची सुविधा वही है जहाँ चुनाव का अधिकार मिले डेटा चाहिए या सिर्फ़ बात।
शायद अब वक्त आ गया है कि टेलीकॉम कंपनियाँ एक जैसा रिचार्ज सबके लिए की जगह ज़रूरत के हिसाब से रिचार्ज दें...!!🙆🏼♂️
शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बनाई जाने वाली व्यवस्था के लिए गठित की गई कमेटी में शामिल शिक्षक प्रतिनिधियों को निम्न सीमित सुझाव देने चाहिए ⤵️
1- शिक्षकों को पूर्ण राजकीय दर्जा दिया जाना चाहिए*
2- प्रत्येक विद्यालय में पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक, क्लर्क व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नियुक्त किया जाए जिससे सब कार्य नियतमः संचालित किए जा सकें
3- शिक्षकों को बिना वरिष्ठता खोए अंतर्जनपदीय ट्रांसफर देकर उनको गृह स्थान के निकट नियुक्ति दें
4- विद्यालय का समय सर्दियों में 10 से 3 व गर्मियों 9 से 1 किया जाए तथा नई शिक्षा नीति के अनुसार दिन तथा कार्यदिवस लागू किया जाए
5 - शिक्षकों के लिए अर्ध अवकाश की व्यवस्था लागू की जाए