आज #रविवार है, भैरूजी का वार है प्रत्येक रविवार को @NFUofficial1 के सदस्यों को आपस में जोड़ने का कार्यक्रम रहता है। 🫂❣️
इसके लिए सबसे पहले इस पोस्ट को रिपोस्ट करें और रिपोस्ट करने वाले ईमानदारी से एक-दूसरे को फॉलो करें।🙏 @JATbera1#नेशनल_फ्रीडम_यूनियन
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर सिद्ध समाज के पहले भारतीय प्रशासनिक अधिकारी बने सुनील सिद्ध का देव दर्शन यात्रा के दौरान धरा धाम कतरियासर में ग्रामीणजनों द्वारा सादर स्वागत एवं सम्मान किया गया। आपकी मेहनत, लगन और समर्पण पर हमें गर्व है। आभार। 🙏
आज #रविवार है। आज के दिन @NFUofficial1 के सभी साथियों को आपस मे जोङने 🫂का कार्यक्रम रहता है। इसके लिए आप सब इस ट्वीट को retweet करें और रीट्वीट करने वाले आपस में ईमानदारी से एक दूसरे को follow करें।
#नेशनल_फ्रीडम_यूनियन@JATbera1
“अभ्यर्थियों को सूचित किया जाता है कि यदि उनका विषय समूह उपलब्ध नहीं है, तो वे ‘Subject Group’ एवं ‘Subject Details’ में ‘Not Applicable’ का चयन करें। इसी प्रकार, यदि आवश्यक बोर्ड/विश्वविद्यालय/संस्थान ड्रॉप-डाउन सूची में उपलब्ध नहीं है, तो ‘Others’ का चयन कर आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया पूर्ण करें।”
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राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट बदलने वाले गिरोह के पकड़े जाने के 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार की रहस्यमयी चुप्पी चिंताजनक है।
हमारी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आजीवन कारावास, 10 करोड़ जुर्माना और दोषियों की संपत्ति ज़ब्त जैसा देश का सबसे सख्त कानून बनाया और बिना किसी भेदभाव के RPSC सदस्य तक को जेल की सलाखों के पीछे भेजकर नजीर पेश की। हमने गड़बड़ी मिलने पर कभी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर केवल पूर्ववर्ती सरकारों पर दोष नहीं मढ़ा, बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की।
अब 'जीरो टॉलरेंस' का दावा करने वाली भाजपा सरकार बताए कि वह अपने कार्यकाल (2024-25) के दौरान हुई परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच करवाने की घोषणा करने से क्यों बच रही है? क्या भाजपा सरकार युवाओं के साथ न्याय नहीं करना चाहती है?
आज शाम 5 बजे तक
लिखना ना भूलें ✌️✌️
OMR घोटालों को लेकर बाड़मेर के युवाओं के द्वारा जल्द सबसे पहले आंदोलन का आगाज किया जाना प्रस्तावित है, रणनीति तैयार की जा रही है।
Today: 5-7PM
#OMR_घोटाला_मांगे_CBI_जांच
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में OMR शीट बदलने के खुलासे ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। SOG की रिपोर्ट के अनुसार 9 साल पहले यानी 2018 से पूर्व की भाजपा सरकार से शुरू हुआ यह खेल 2026 तक जारी रहा है जो बेहद ही चिंताजनक तथ्य है। जो कर्मचारी इस फर्जीवाड़े में लिप्त थे, वे 2024 और 2025 में भी सक्रिय तथा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में पदस्थ थे।
कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक के नासूर को मिटाने के लिए देश में सबसे पहले कदम उठाते हुए उम्रकैद की सजा, दोषियों की संपत्ति जब्त एवं 10 करोड़ जुर्माने का कड़ा कानून बनाया। इतिहास में पहली बार आरपीएससी (RPSC) के सदस्य को गिरफ्तार किया गया। कांग्रेस सरकार के दौरान SOG ने 250 से अधिक गिरफ्तारियां कीं और पेपर लीक माफियाओं की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया।
कांग्रेस सरकार ने कभी भी राजनीति को न्याय के आड़े नहीं आने दिया। जहां कमी थी उसका सामना करते हुए सुधार किया। कई परीक्षाओं को रद्द तक करने की परिस्थिति बनी तो युवाओं के हित में यह निर्णय भी लिया गया। चाहे कांग्रेस शासन हो या भाजपा शासन हो, अगर किसी ने भी बेईमानी की हो उन्हें पेपर लीक पर बने नए कड़े कानून के तहत सजा दिलाई जाए जिससे न्याय सुनिश्चित हो सके।
परन्तु ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार पेपर लीक, OMR शीट बदलने जैसे गंभीर मुद्दों को न्याय सुनिश्चित करने की बजाय केवल राजनीति का माध्यम बना रही है इसलिए निष्पक्ष जांच करवाने की बजाय केवल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आयोजित हुईं परीक्षाओं को आरोपित करने का प्रयास कर रही है।
पिछले 2 साल में राजस्थानी कर्माचरी चयन बोर्ड द्वारा सूचना सहायक, संविदा नर्स (GNM/ANM), कृषि पर्यवेक्षक, कनिष्ठ लेखाकार, संगणक, समान पात्रता परीक्षा (CET- स्नातक व सीनियर सेकंडरी), पशु परिचर, कनिष्ठ अनुदेशक, LDC, कनिष्ठ अभियंता (JEN), पटवारी, वाहन चालक और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (Grade 4) की परीक्षाएं संपन्न हुईं जिनमें 35 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
ये सभी परीक्षाएं उसी सिस्टम और स्टाफ की देखरेख में हुईं जो अब ओएमआर शीट में गड़बड़ी के लिए पकड़े गए हैं। इस कारण अब इन सभी परीक्षाओं की शुचिता संदेह के घेरे में है। अभ्यर्थियों द्वारा लगातार ये शिकायत की जा रही है कि बीते 2 सालों से भर्ती परीक्षाओं की कट ऑफ असामान्य रूप से अधिक जा रही है जिससे उनके मन में शंकाएं उपज रही हैं जिन्हें दूर किया जाना आवश्यक है।
मैं मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से आग्रह करता हूं कि इस नए खुलासे के बाद अब 2024 व 2025 की सभी परीक्षाओं की भी गंभीरता एवं गहराई से जांच करवाई जाए। मुझे उम्मीद है कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए सरकार तत्काल कदम उठाएगी।
कर्मचारी चयन बोर्ड के कई कर्मचारियों को OMR को फर्जी तरीके से भरने में कई गिरफ्तारियां को लेकर आज SOG खुलासा करने जा रही है।
काफी भर्तियों के पद अधिक होने पर भी कट ऑफ आसमान छू रही है,आज 3 बजे SOG प्रेस कांफ्रेस कर करेगी खुलासा..
आपके अनुसार कौन-कौन सी भारतीयों में घोटाला हुआ है?
आपके सुझाव आमंत्रित हैं।।
हद हो गई फिर तो क्या ही विश्वास करे , इतनी high cut-off और ऐसे खेल बच्चा बेचारा क्या ही करेगा ,क्या पूरे सिस्टम को बदलना नहीं चाहिए
#rsmmb#चतुर्थ_श्रेणी_परिणाम