लेकिन दूसरी लहर के बाद ज्यो ही कोरोना खत्म हुआ, इन सब को पिछवाड़े पर लात मार के निकाल दिया गया, आज जयपुर में 2-3 महीने से धरने पर बैठे है पर इनकी आवाज आज तक किसी ने नही सुनी...
प्राइवेट जॉब को छोड़ चुके है, सरकारी से निकाल दिया अब जाए तो जाए कहा....
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