मेरी छोटी सी कहानी
पता है, जब मैं छोटा था तो मेरी माँ हर सुबह पैदल कालका जी मंदिर जाया करती थीं।
हमारे घर से मंदिर लगभग 8 किलोमीटर दूर था।
घर की हालत बहुत अच्छी नहीं थी।
बाऊजी किसी मानसिक परिस्थिति के कारण ज़्यादा काम नहीं कर पाते थे। बीमारी नहीं थी, मगर ज़िंदगी में कुछ ऐसे मोड़ आए कि वो संभल नहीं पाए।
आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि घर चलाना भी मुश्किल होता था।
माँ जैसे-तैसे काम करके घर चलाती रहीं, मगर एक चीज़ उन्होंने कभी नहीं छोड़ी – माता रानी के मंदिर जाना।
फिर एक दौर आया जब बुद्धिज़्म का प्रभाव बढ़ा और लोगों को कई तरह के लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाया जाने लगा।
हमारे आसपास भी बहुत लोग उस तरफ चले गए, मगर हमारा परिवार नहीं डिगा।
कुछ समय बाद क्रिश्चियन मिशनरियों ने भी स्थायी नौकरी और दूसरी सुविधाओं का लालच देकर लोगों को कन्वर्ट करना शुरू किया।
कई लोगों ने धर्म बदल भी लिया।
मगर हमारे घर में एक ही बात थी
“जो है, जैसे है, अपने धर्म के साथ ही रहेंगे।”
इतना ही नहीं, एक समय ऐसा भी आया जब हमारे परिवार का बॉयकॉट तक कर दिया गया।
फिर भी हमारे परिवार ने अपना धर्म नहीं छोड़ा।
समय बदला।
हम पढ़े-लिखे, मेहनत की, और धीरे-धीरे हालात बेहतर हो गए।
लोगों को विरासत में ज़मीन, जायदाद और गहने मिलते हैं।
मुझे मेरी माँ ने मेरा धर्म दिया है।
और बाऊजी से मैंने देखा कि धर्म के लिए अडिग कैसे रहा जाता है।
तो भाई, मैं इसे कैसे छोड़ दूँ?
यही तो मेरी असली विरासत है।
और सच कहूँ, जब कोई हमारे आराध्य का मज़ाक उड़ाता है ना…
तो शायद आज मैं कुछ नहीं कर पा रहा हूँ, मगर इतना याद रखना
समय वही है जिसने हमें भूखे दिन भी दिखाए थे
और वही समय आज माता रानी की कृपा से हमें यहाँ तक लेकर आया है।
और आगे भी बदलेगा।
बस एक बात साफ़ है
मेरी डिक्शनरी में हमारे आराध्य के अपमान के लिए माफ़ी नहीं है।
और हाँ, आख़िर में यह भी लिख दूँ
आपकी किताबों में मुझे “दलित” लिखा गया है…
मगर सच कहूँ तो मैं खुद को बस एक गर्वित हिंदू मानता हूँ।
🌹 जय माता दी 🌹
हर हर महादेव 🔱🚩
@narendramodi
मेरठ आगमन (22 फरवरी) पर स्वागत है लेकिन आमजन को इतनी परेशानी होगी आपकी सिक्योरिटी की वजह से, यह खेदजनक है। जो काम सिर्फ योगीजी या अन्य मंत्री द्वारा भी सम्भव था उसमें भी आपका आना समझ से परे है। खैर.....
अंजना ओम कश्यप पत्रकारिता की शेरनी हैं 🔥🤟
सवर्णों से नफ़रत करने वाली RJD प्रवक्ता कंचना यादव डिबेट में आई हुई थी
अंजना जी : UGC पर आप क्या कहेंगे?
कंचना यादव पर्सनल टारगेट करते हुए अंजना जी की भूमिहार जाति और पति को टारगेट करती हैं
अंजना जी ठहरी शेरनी
इन्होंने वही पर कंचना यादव की ऐसी तैसी कर दीं
अंजना ओम कश्यप : भगाओ इस मुर्ख को यहां से, पता ना किसने इसको प्रवक्ता बना दिया
हटाओ इसे स्क्रीन से
बेइज्जत करके कंचना यादव को भगा दिया
अच्छा लग रहा है, सभी सवर्ण पत्रकार अपने बच्चों के भविष्य के लिए खुलकर लड़ रहे हैं।
हां मैं भी! तभी तो 4 साल से गरीब बच्चों के लिए मुफ्त स्कूल चला रही हूं जहां उनकी जाति नहीं पूछी जाती। जहां सिर्फ उन्हें हम पढ़ाते नहीं हैं बल्कि शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ते भी हैं.. सिर्फ शिक्षा नहीं देते बल्कि उनके स्वास्थ्य और संस्कारों का भी ध्यान रखते हैं..आज तक किसी बच्चे की जाति नहीं पूछी..ये है मेरा DNA Dr Mukesh Kumar @mukeshbudharwi 🙏 लेकिन यही बच्चे जब बड़े होंगे तो आप जैसे लोग उनको मेरे खिलाफ भड़काएंगे..उन्हें बताएंगे कि मैंने उनका कितना शोषण किया है.. ये है आपका DNA 🙏
#UGCRollBack @dpradhanbjp@ARanganathan72@AmanChopra_@SushantBSinha@shubhankrmishra@RajatSharmaLive@Aamitabh2@ajeetbharti
@ajeetbharti
आखिर @ajeetbharti जैसा कोई तो ऐसा साहस लेकर आया जिससे दूसरों को भी बल मिले। हम देशभक्त हो सकते हैं अंधभक्त नहीं, मुझे गरियाने से पहले जान लें सभी कि मेरे छोटे बेटे का नाम "नमो" है तो जो हमको पसन्द है उसको गरियाने का हक भी हमी को है।
@chetakofficial From last 28 march, my scooter at chetak showroom to change my scooter battery but till date no update. So bad service even I registered a complaint on toll free number but no response.