@awesh29 Jo log kise k caste ko lekar bolte hain unke liye ye ek misal hain.
Logo ko samajhna chahoye kise k dharm jaat nahi galat hota insaan galat hota hai.
यह मध्य प्रदेश के खंडवा में तैनात अपर सत्र न्यायाधीश अक्षय कुमार द्विवेदी हैं। यह उन लोगों में से हैं जिन्हें हम सबको प्यार करना चाहिए।
जज साहब ने आलीशान सरकारी बंगला, वीआईपी कार और अन्य सरकारी सुविधाएं लेने से इंकार कर दिया है। वे एक छोटे से कमरे में रहते हैं, अपना खाना खुद बनाते हैं और रोजाना पैदल ही कोर्ट जाते हैं।
जज अक्षय ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को आवेदन देकर अपनी सैलरी आधी करने की मांग भी की है। निजी संपत्ति के नाम पर उनके पास सिर्फ अपनी मां द्वारा दिया गया एक मोबाइल फोन है। उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का फैसला किया है। तबादले पर उन्होंने विभाग से कहा है कि उन्हें देश में कहीं भी भेजा जाए, वे न्यूनतम सरकारी सुविधाएं ही लेंगे।
बचपन में अपनी मां को संपत्ति विवाद के दौरान अदालत के चक्कर लगाते देखकर उन्होंने जज बनने का निर्णय लिया था। इसी कारण वे अपनी अदालत में आने वाले मुकदमों, खासकर जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा बेहद तेजी से करते हैं ताकि आम लोगों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
सलाम जज साहब
@Amit24TD Yaar caste kyu laa rahe ho isme beech me. Jisne bhi kiya hai galat hai magar uske jaati ya dharm se kya farq padta.
Ye jaati dharm me sab bate hue ho bas isi ka fayda politician uthate hain.
@TrueStoryUP Isme logo ko galat nahi dikhega bas hindu muslim dikhega.
Dono taraf yahi hai yahi hindu ladki hoti tab to media bhi aa jata
Magar ladki muslim hai to media nhi ayega magar muslim log is isko galat bolenge. Hindu ladki hoti to usi dharm k log ladki ko galat bolte.