"बाईक एवं कार रैली"
स्वाभिमान महारैली ऋषिकेश से जुड़ने के लिए
दिनांक: 29 सितंबर 2024
समय: सुबह 8:30 बजे
मॉल ऑफ देहरादून, मोहकमपुर(देहरादून) से बाईक एवं कार रैली आईडीपीएल, ऋषिकेश को प्रस्थान करेगी l
Call: 8218515926, 9808372656, 8273123651
WA: 84455 87857
#मूल_निवास#भू_कानून
@pushkardhami बार-बार बेवकूफ़ ना बनाएं...अब कमेटी बना दी,अब दूसरी कमेटी समीक्षा के लिए बना दी..बजट सत्र मैं भी कानून लेकर आऊंगा.. पहाड़ी बार-बार बेवकूफ़ बनने वाला नहीं है.. #मूलनिवास#भुकानून
धामी जी ने बदल दिया उत्तराखंड...हम सामान्य वर्ग के छात्रों को होटल में जाकर बर्तन ही धोने पड़ेंगे अब...गाँव में रोजगार 0,
सरकारी सेवा में 100 में से सिर्फ 10 सीटें, गाँव में अस्पताल, स्कूल, कॉलेज नहीं..ये विकास है इन सरकारों का..#Uttarakhand@baramasa_in@MinakshiKandwal@aajtak
नौकरी- उत्तराखंड सिंचाई विभाग
पद संख्या- 140
सामान्य लड़कों- मात्र 14 😭
सैलरी- 35,400 से 1,12,400 रुपये
ये सभी आरक्षण चल रहे उत्तराखंड में तो कैसे सामान्य वर्ग के बच्चे लगेंगे नौकरी?
1- जातिगत आरक्षण,
2- महिला आरक्षण,
3- स्वतंत्रता सेनानी के आश्रितों का आरक्षण,
4- दिव्यांग आरक्षण,
5- भूतपुर सैनिक आरक्षण,
6- अनाथ आरक्षण,
7- खिलाड़ी आरक्षण,
8- उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी के आश्रितों
सामान्य वगऺ के लड़कों के लिए 140 पदों में से केवल 14 पद, अब इसी के ख़िलाफ़ कोर्ट में याचिका लगाई गई है 🔥
आपका क्या कहना है इस आरक्षण के जालों पर 😱
देवभूमि उत्तराखंड की तपोभूमि, तीर्थनगरी और गढ़वाल हिमालय के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में 29 सितंबर 2024 को होगी मूल निवास स्वाभिमान महारैली।
चलो ऋषिकेश
रविवार, सुबह 10 बजे
आई.डी.पी.एल से त्रिवेणी घाट, ऋषिकेश
प्रदेश भर से सभी स्वाभिमानी उत्तराखंडी 29 सितंबर को ऋषिकेश में जुटेंगे और उत्तराखंड में मूल-निवास और सशक्त भू-कानून लागू करने के लिए अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। आप सभी उत्तराखंडी भारी संख्या में 29 सितंबर 2024 को ऋषिकेश पहुंचे।
जै हिमालय, जै देवभूमि उत्तराखंड ⛰️🚩
रिपोस्ट करके ये संदेश सभी तक पहुंचा दो 🙏
#उत्तराखंड_मांगे_भू_कानून
#Rishikesh | #Uttarakhand
बुधवार रात खड़िया खान के पास भूस्खलन हुआ है, जिससे खड़िया खान से 300 मीटर की दूरी पर स्थित मनगड़ गांव के 6 घर ध्वस्त हो गए।
"ग्राम प्रधान राजन सिंह और जिला पंचायत सदस्य दीवाकर रावल ने बताया की पिछले लंबे समय से खड़िया खान से गांव को खतरा और भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने की शिकायत की जा रही थी, इससे पहले खड़िया खनन के दौरान भारी भरकम मशीनें लगाई गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र की जमीन धंसना शुरू हो गई थी, उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति द्वारा खड़िया खनन का कार्य नियमों के खिलाफ किया गया था।"
Youtube link - https://t.co/9ai0rCSmiW
#Uttarakhand
टिहरी गढ़वाल के कठुड़ के बाद अब टिहरी क्षेत्र के ही घरगांव में जमीन खरीद फरोख्त पर पूर्णत पाबंदी लग गयी है।जब तक सरकार बहरी होने का ढोंग करेगी,तब तक जनता को उसे आईना दिखाना चाहिए।मूल निवास भू कानून आंदोलन की मशाल पूरे उत्तराखंड गाँव गाँव तक पहुंचाएंगे हम इसके लिए प्रतिबद्ध है
देवभूमि सिर्फ़ एक ज़मीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का मूल है। इसे उसके मूल रूप में बचाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
देव-बंद के अवैध निर्माण के खिलाफ़ हो रहे प्रदर्शन हमारी आस्था की रक्षा के लिए हैं।
https://t.co/2eeCly9mBO
'वेरिफिकेशन ड्राइव' (सत्यापन अभियान) पहाड़ियों को बेवकूफ बनाने के सिवा ज्यादा कुछ नहीं है। अप्रैल 2022 में भी इसी तरह का अभियान चलाया था, उससे क्या हुआ? कुछ नहीं।
अब समय आ गया है कि पहाड़ियों को उनके अधिकार दिए जाए और भू कानून लागू किया जाए, नहीं तो देवभूमि अपनी सांस्कृतिक विरासत को कुछ ही वर्षों में खो देगी। जब असम और अन्य पहाड़ी राज्य यह कर सकते हैं, हिमाचल ने भी किया है तो फिर देवभूमि उत्तराखंड को यह करने से क्या रोक रहा है?
तुम जब तक 10 का सत्यापन करोगे, तब तक 100 और आ जाएंगे, जब तक 100 का करोगे, तब तक 1000 और घुस जाएंगे और ये सिलसिला ऐसे ही चलता रहेगा। देवभूमि का मूल स्वरूप बदलने से बचाना है तो भू कानून लागू करना ही होगा और कई दूसरे सख्त कदम उठाने होंगे। जब तक मूलनिवासियों से उनके अधिकार छीनते रहोगे, तब तक उत्तराखंड का पतन होता रहेगा।
ऋषिकेश में शराब तस्कर ने पत्रकार योगेश डिमरी को मार-मार कर अधमरा कर दिया। चमोली में पहाड़ की बेटी से छेड़छाड़ हुई। रोज जगह-जगह स्थानीय लोग निशाना बन रहे हैं। क्या हमारा प्यारा उत्तराखंड ऐसे ही जंगलराज में बदलता रहेगा?
#Uttarakhand
अब कई नेता,राजनैतिक दल भी मूल निवास का समर्थन कर रहे हैं l लेकिन वे चालाकी से सिर्फ मूल निवास की बात करते हैं, #मूलनिवास_1950 की नहीं l @UKGaneshGodiyal गणेश गोदियाल जी भी 20 साल वाले मूल निवास की बात कर रहे हैं l लेकिन ये नेता इस बात को समझ ले हमें सिर्फ Cut of Date 1950 चाहिए l
गणेश गोदियाल जी से दो सवाल l
1) गोदियाल जी जनता को बताएं की वे 20 साल वाले मूल निवास की मांग कर रहे हैं या मूलनिवास 1950 की ?
2) जैसे संविधान के अनुच्छेद 342(1) के द्वारा Tribe Status मिलता है l जिसके कारण मूलनिवास 1950 मिलता है l
वैसे ही गणेश गोदियाल जी बताएं की संविधान के कौन से अनुच्छेद द्वारा General Category के लोगो को मूल निवास 1950 मिल सकता है ?
मूल निवास 1950 ही सही l
उससे कम मंजूर नहीं l