‘एक जनपद, एक व्यंजन’ (ODOC) – हर जनपद के पारंपरिक स्वादों को पहचान और बाज़ार से जोड़ने की पहल।
रसोइयों व उद्यमियों के लिए मंच।
👉 जुड़ें और स्वाद को आगे बढ़ाएं।
प्रोत्साहित करके हम स्वस्थ जीवनशैली के साथ-साथ हरित भविष्य के निर्माण में भी योगदान दे सकते हैं। इस विश्व पर्यावरण दिवस पर आइए ऐसे भोजन को अपनाएं जो स्वास्थ्य, आजीविका और प्रकृति—तीनों का सम्मान करता हो। स्वस्थ भोजन | स्वच्छ प्रक्रियाएं | सतत भविष्य
#WorldEnvironmentDay#ODOC
विश्व पर्यावरण दिवस
स्वस्थ पृथ्वी की शुरुआत स्वस्थ विकल्पों से होती है।
वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन (ODOC) पहल के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की समृद्ध पाक विरासत प्राकृतिक सामग्री, पारंपरिक ज्ञान, स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर प्रक्रियाओं तथा स्थानीय उत्पादों पर आधारित है।
खेतों से सीधे प्राप्त ताज़ी सामग्री से लेकर क्षेत्रीय व्यंजनों तक, ODOC स्थानीय किसानों, उद्यमियों और समुदायों को सशक्त बनाते हुए सतत खाद्य प्रणाली को बढ़ावा देता है। स्थानीय व्यंजनों को अपनाकर, खाद्य परिवहन की दूरी कम करके और जिम्मेदार उपभोग को
अयोध्या की इस पारंपरिक कचौड़ी को जनपद की खास पहचान के रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि स्थानीय व्यंजनों को बेहतर ब्रांडिंग, नई पहचान और बड़े बाजारों तक पहुँच मिल सके।
अयोध्या की कचौड़ी — खस्ता स्वाद, सात्विक परंपरा और जनपद की खास पहचान।
#AyodhyaKachori#ODOC
अयोध्या की सुबह का असली स्वाद यहाँ की प्रसिद्ध खस्ता कचौड़ी में बसता है। बाहर से कुरकुरी और अंदर से उड़द या मूंग दाल के मसालेदार मिश्रण से भरी यह कचौड़ी अयोध्या के पारंपरिक खानपान की खास पहचान है। इसे गरमागरम मसालेदार आलू की सब्ज़ी के साथ परोसा जाता है
@dmayodhya@AyodhyaCDO
आलू-चना की सब्ज़ी परोसते हैं।
हनुमानगढ़ी, राम की पैड़ी, चौक घंटाघर और अयोध्या की पुरानी गलियों में मिलने वाली यह कचौड़ी सिर्फ एक स्ट्रीट फूड नहीं, बल्कि अयोध्या की परंपरा, स्वाद और स्थानीय पहचान का अनुभव है।
One District One Cuisine (ODOC) के तहत
बल्कि अयोध्या की परंपरा, स्वाद और स्थानीय पहचान का अनुभव है। One District One Cuisine (ODOC) के तहत अयोध्या की इस पारंपरिक कचौड़ी को जनपद की खास पहचान के रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि स्थानीय व्यंजनों को बेहतर ब्रांडिंग,
औरैया का देशी घी : शुद्धता, स्वाद और परंपरा की सुनहरी विरासत
उत्तर प्रदेश की रसोई में देशी घी की सुगंध सदियों से स्वाद और समृद्धि का प्रतीक रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए औरैया ने शुद्ध देशी घी के उत्पादन में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है।
@DMAuraiya@CdoAuraiya
यह पहल स्थानीय दुग्ध उत्पादकों और प्रसंस्करण इकाइयों को सशक्त बनाते हुए इस पारंपरिक उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
जो इसे अन्य मिठाइयों से अलग बनाती है।
‘एक जनपद–एक व्यंजन’ (ODOC) पहल के अंतर्गत शाहजहांपुर की इस पारंपरिक मिठास को व्यापक पहचान दिलाने और स्थानीय खाद्य विरासत को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
#ODOC#Shahjahanpur#LaungBarfi#TraditionalSweets
शाहजहांपुर की लौंग बर्फी – स्वाद, सुगंध और परंपरा का अनूठा संगम
शाहजहांपुर की पारंपरिक मिठाइयों में लौंग बर्फी, जिसे स्थानीय भाषा में ‘लौज’ तथा कई स्थानों पर ‘लौंग लता’ के नाम से भी जाना जाता है, अपनी विशिष्ट मिठास, मनमोहक सुगंध और सांस्कृतिक विरासत के लिए विशेष पहचान रखती है।
फुल क्रीम दूध को धीमी आँच पर लंबे समय तक पकाकर तैयार किए गए मुलायम मावे में लौंग, इलायची और केसर का समावेश इसे विशेष स्वाद और सुगंध प्रदान करता है। इसकी पहचान केवल इसकी मिठास नहीं, बल्कि लौंग की विशिष्ट खुशबू और पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया भी है,