छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की भर्ती को लेकर किए गए वादे और धरातल की सच्चाई में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। चुनाव पूर्व बीजेपी ने 57,000 रिक्त शिक्षक पदों को भरने की गारंटी दी थी, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद यह संख्या 33,000 पर सिमटती दिख रही है।
यह बदलाव सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की उम्मीदों से खेलना है, जो वर्षों से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी सरकार की इस वादाखिलाफी को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं और तंज कस रहे हैं।
यदि सरकार ने 57,000 पदों की गारंटी दी थी, तो फिर अब 33,000 पदों की घोषणा क्यों की जा रही है? क्या यह महज चुनावी वादा था या युवाओं के भविष्य के साथ किया गया खिलवाड़? शिक्षक भर्ती में देरी और पदों की संख्या में कटौती ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या सफाई देती है।
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छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने वाला वित्त मंत्री जब भी सरकारी नौकरी की बात आती है तो मुख्यमंत्री का नाम लेकर अपने आप को बचाने की कोशिश करते हैं आपसे नहीं संभल रहा है वित्त विभाग तो मुख्यमंत्री को दे दीजिए छत्तीसगढ़ के युवाओं का 1 साल बर्बाद कर दिये ओपी चौधरी जी 👌👌