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तट पर बैठे-बैठे तेरे हाथ कहाँ कुछ आएगा
रत्न मिलेंगे तुझको जब सागर के तह में जाएगा
कुछ ना आए हाथ समझना डुबकी अभी अधूरी है
चाहे कितना भी मुश्किल हो, पहला कदम जरूरी है।
पंक्तियां : डॉ विष्णु सक्सेना 🌻
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तट पर बैठे-बैठे तेरे हाथ कहाँ कुछ आएगा
रत्न मिलेंगे तुझको जब सागर के तह में जाएगा
कुछ ना आए हाथ समझना डुबकी अभी अधूरी है
चाहे कितना भी मुश्किल हो, पहला कदम जरूरी है।
पंक्तियां : डॉ विष्णु सक्सेना 🌻
कृषि की तय मानकों के अनुसार पढ़ाई नहीं कराने वाले निजी विश्वविद्यालयों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी :- किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री @KamalPatelBJP#JansamparkMP@JansamparkMP