@tribalvoice99 अपने कॉलेज के तरफ से पौधारोपण के लिए गया था। मुश्किल से 10 पौधे लगे होंगे पर अगले दिन न्यूज़पेपर में छपा था कि फलां कॉलेज के छात्रों ने 150 पौधे लगाए गए।
@HindiFirstLang तो भाई इनको ज्वाइन करने के बाद हीं क्यों पता चल रहा है कि सैलरी कम है काम ज्यादा है। जाहिर सी बात है कि इसरो में ज्वाइन करके के बस अपनी कीमत बढ़ा रहे हैं ये।
बोधगया का महाबोधि मंदिर बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र केंद्र है लाखों श्रद्धालु हर साल आते उनकी आस्था का असली सम्मान तभी है जब इस मंदिर का प्रबंधन बौद्ध समा�� के हाथों में हो राष्ट्रीय लोक मोर्चा बिहार सरकार से मांग करता है कि कानूनी बदलाव करके यह जिम्मेदारी बौद्ध समाज को सौंपी जाए।
@YuvasochRajeev एक बड़ा कारण है कि पहले सोशल मीडिया का उतना प्रचलन नहीं था। आज बिहार की अधिकांश आबादी तक इंटरन��ट की पहुंच है। सकारात्मक हो या नकारात्मक लोग विचार रखेंगे हीं। किसी के व्यवसाय का मजाक बनाने पर लोग जवाब देंगे हीं।