कांग्रेस के इस एक ट्वीट से पूरी भाजपा मंडली, संघी, अंधभक्त, मंत्री, नेता, BJP IT सेल, गोदी मीडिया सब विधवा विलाप कर रहे है, जबकि कांग्रेस ने न किसी का नाम लिखा है, न फोटो लगाया है।
सिर्फ जिम्मेदारी के समय– Gayab लिखा है।
यह रहा तुम्हारा 'पंगा'👇
– जनवरी 1562- राजा भारमल की बेटी से अकबर की शादी (कछवाहा-अंबेर)
– 15 नवंबर 1570- राय कल्याण सिंह की भतीजी से अकबर की शादी (राठौर-बीकानेर)
– 1570- मालदेव की बेटी रुक्मावती का अकबर से विवाह (राठौर-जोधपुर)
– 1573- नगरकोट के राजा जयचंद की बेटी से अकबर की शादी (नगरकोट)
– मार्च 1577- डूंगरपुर के रावल की बेटी से अकबर का विवाह (गहलोत-डूंगरपुर)
– 1581- केशवदास की बेटी की अकबर से शादी (राठौर-मोरता)
“जहांगीर”
– 16 फरवरी, 1584- भगवंत दास की बेटी से राजकुमार सलीम (जहांगीर) की शादी (कछवाहा-आंबेर)
- 1587- जोधपुर के मोटा राजा की बेटी से जहांगीर का विवाह (राठौर-जोधपुर)
– 28 मई 1608- राजा जगत सिंह की बेटी से जहांगीर की शादी (कछवाहा-आंबेर)
-1 फरवरी, 1609- रामचंद्र बुंदेला की बेटी से जहांगीर का विवाह (बुंदेला, ओरछा)
“दानियाल”
– 2 अक्टूबर 1595- रायमल की बेटी से अकबर के बेटे दानियाल का विवाह (राठौर-जोधपुर)
“परवेज”
– अप्रैल 1624- राजा गजसिंह की बहन से जहांगीर के बेटे राजकुमार परवेज की शादी (राठौर-जोधपुर)
“सुलेमान”
-1654- राजा अमरसिंह की बेटी से दाराशिकोह के बेटे सुलेमान की शादी (राठौर-नागौर)
“मुअज्जम”
-17 नवंबर 1661- किशनगढ़ के राजा रूपसिंह राठौर की बेटी से औरंगज़ेब के बेटे मो. मुअज़्ज़म की शादी (राठौर-किशनगढ़)
“आजम”
– 5 जुलाई 1678- राजा जयसिंह के बेटे कीरत सिंह की बेटी से औरंगज़ेब के बेटे मो. आज़म की शादी (कछवाहा-आंबेर)
“कामबख़्स”
– 30 जुलाई 1681- अमरचंद की बेटी औरंगज़ेब के बेटे कामबख्श की शादी (शेखावत-मनोहरपुर)
इनका नाम अजित डोभाल है, येही हैं भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जिनकी उम्र 80 साल है.
पुलवामा हमले के बाद इन्हें और गृहमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए था. पुलवामा से बॉर्डर 150 किलोमीटर से ज्यादा दूर है,
और पहलगाम से बॉर्डर 200 किलोमीटर से ज्यादा दूर है. इसके बावजूद पुलवामा हुआ और पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ.
पर्यटक यह सोच कर पहलगाम गए थे की कश्मीर में आतंकवाद नही है, सरकार ने आतंकवाद को खत्म कर दिया है. जैसा दावा बीजेपी सरकार और मीडिया करते रहती है.
आतंकवादी खुलेआम घूम कर पर्यटकों को मार कर चले गए. अपने ही देश में पर्यटकों को छुपकर इधर उधर भागना पड़ा. इतनी बड़ी सुरक्षा चूक के बावजूद अजित डोभाल NSA पद पर बनाए हुए हैं.