After the lapse of two days, it was informed that the matter had been forwarded to the Antophill Traffic Division. Subsequently, it was stated that action had been taken by the Antophill Traffic Division.
However, upon seeking details regarding the specific action taken, no response has been provided. More importantly, there is no visible improvement on the ground, and the situation remains exactly the same as before.
In these circumstances, it is unclear what action, if any, has actually been taken. The public is entitled to know the nature of the action undertaken and the outcome thereof.
You are therefore requested to kindly review the matter and take necessary and effective action to resolve the issue at the earliest.
@MTPHereToHelp@CPMumbaiPolice@TV9Marathi@tv_mumbai@zoru75@mashrujeet@mybmc@CaptTamilSelvan
खूपच भन्नाट पत्रकारिता करत आहात भाऊ.
अहो, जरा हेही दाखवा की रस्त्यावर चालण्यासाठी जागाच उरलेली नाही. इथे कोणत्या प्रकारे अतिक्रमण झाले आहे, हे का दाखवत नाही? एका सामान्य माणसाला चालण्यासाठी असलेला संपूर्ण फूटपाथ अतिक्रमित झाला आहे, रस्त्यावरही अतिक्रमण झाले आहे, आणि परिस्थिती अशी आहे की फक्त एक चारचाकी वाहन जाईल एवढीच जागा शिल्लक राहिली आहे. पण हे सर्व तुम्ही दाखवत नाही.
जर खरोखर जनतेच्या समस्या दाखवायच्या असतील, तर सर्वप्रथम हे अतिक्रमण हटवा. रस्ता आणि फूटपाथ मोकळे झाले की सर्वांसाठी मार्ग आपोआप उपलब्ध होईल. मग प्रश्न असा आहे की पोलीस कारवाई का करत नाहीत? बीएमसी कारवाई का करत नाही? रस्ता अतिक्रमणमुक्त का होत नाही, जेणेकरून प्रत्येक नागरिकाला सुरक्षित आणि सुलभपणे ये-जा करता येईल?
रस्ता हा ना पार्किंगसाठी आहे, ना व्यवसाय करण्यासाठी. रस्त्याचा उद्देश फक्त वाहतूक आणि नागरिकांच्या ये-जा करण्यासाठी आहे. त्यामुळे खऱ्या समस्येकडे लक्ष द्या आणि बेकायदेशीर अतिक्रमण तसेच रस्त्यांवरील कब्ज्यांविरुद्ध कठोर कारवाई करा.
मुंबईतील माध्यमे, मुंबई पोलीस आणि बीएमसी प्रशासन यांना विनंती आहे की या गंभीर समस्येकडे तात्काळ लक्ष द्यावे आणि आवश्यक ती कारवाई करावी, जेणेकरून सामान्य नागरिकांना त्यांचा रस्ता परत मिळू शकेल.
This is a Central Government residential colony situated on land owned by the Government of India. It is not public land that can be used by anyone without authorization. The premises are meant exclusively for Central Government employees and their families, who pay the prescribed licence fee/HRA and other charges as applicable.
The Government is securing the colony by constructing and maintaining boundary walls around the allotted land and keeping only authorized entry and exit gates operational. Therefore, it is difficult to understand why a misleading narrative is being circulated regarding unauthorized access through closed routes.
No residential society permits unrestricted entry to outsiders into its private premises. The same principle applies here. Unauthorized access cannot be justified merely because a group of people demands it. Legality is determined by law, not by public pressure or signature campaigns.
This is Government property meant for the use and security of Central Government employees and their families. Any proposal that compromises security, encourages unauthorized movement, or seeks access through routes that have been lawfully closed must be examined strictly in accordance with rules and regulations.
Before circulating videos or news items, please verify the facts and legal position. Responsible reporting requires proper verification rather than promoting incomplete or misleading information.
Please act responsibly and avoid spreading unverified information that may create confusion among residents.
इस मांग को एक सरल उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए मैं पिछले 10 वर्षों से आपकी दुकान का नियमित ग्राहक हूँ और लगातार आपसे सामान खरीदता रहा हूँ। अब यदि मैं यह कहूँ कि चूँकि मैं 10 साल से आपका ग्राहक हूँ, इसलिए अब मुझे आपकी दुकान से सामान मुफ्त में मिलना चाहिए, क्योंकि यह मेरा अधिकार बन गया है, तो क्या आप मुझे मुफ्त में सामान देंगे?
स्पष्ट रूप से नहीं। किसी सेवा या सुविधा का लंबे समय तक उपयोग करने मात्र से उस पर स्वामित्व या मुफ्त उपयोग का अधिकार स्वतः नहीं बन जाता। अधिकार और सुविधाएँ नियमों, स्वामित्व तथा संबंधित प्रावधानों के अनुसार निर्धारित होती हैं, केवल पुराने उपयोग के आधार पर नहीं।
@tv_mumbai@CPMumbaiPolice@MumbaiPolice@mybmc बच्चों को स्कूल जाने से कोई नहीं रोक रहा है, लेकिन उनका आना-जाना अधिकृत गेट से ही होना चाहिए, क्योंकि यह कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला है।
सीजीएस कॉलोनी, सेक्टर-7, एंटॉप हिल, मुंबई में जिस प्रकार से रात के समय हथियारों के साथ चोरी की घटनाएँ सामने आ रही हैं, वह अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है। लगभग 10,000 केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की सुरक्षा आज एक बड़े प्रश्नचिह्न के सामने खड़ी है।
रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), जिसे भारत सरकार के नियमों के अंतर्गत मान्यता प्राप्त है, लगातार यह मांग कर रही है कि पूरे सेक्टर को सुरक्षित करने के लिए उचित बाउंड्री वॉल बनाई जाए तथा अनधिकृत प्रवेश मार्गों को बंद किया जाए। लेकिन अत्यंत दुखद स्थिति यह है कि स्थानीय विधायक R Tamil Selvan द्वारा इस कार्य का विरोध किया जा रहा है और यह कहा जा रहा है कि “बाहर के लोगों को सरकारी कॉलोनी में आने से कैसे रोका जा सकता है?”
सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार की आवासीय भूमि का उद्देश्य बाहरी लोगों के निर्बाध आवागमन के लिए है, या फिर वहाँ रहने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है?
जब स्थानीय पुलिस स्वयं यह कहती है कि “आप अपनी बाउंड्री सुरक्षित कीजिए,” और दूसरी ओर सीपीडब्ल्यूडी सुरक्षा के उद्देश्य से बाउंड्री निर्माण का प्रयास करती है, तब इस प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण प्रतीत होता है। यदि भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा किसी भी राजनीतिक दबाव या वोट बैंक की राजनीति से ऊपर होनी चाहिए। सेक्टर-7 के निवासी केवल इतना चाहते हैं कि उनका आवासीय परिसर सुरक्षित हो, अनधिकृत प्रवेश बंद हों, और उनके परिवार भयमुक्त वातावरण में रह सकें।
कल रात लगभग 2 बजे सेक्टर-7 में चोरी की एक गंभीर घटना हुई, जिसका वीडियो भी साझा किया जा रहा है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि किस प्रकार चोर धारदार हथियारों के साथ कॉलोनी में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर R Tamil Selvan द्वारा सीपीडब्ल्यूडी को “नंगा करने” जैसी भाषा का उपयोग किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं गैर-जिम्मेदाराना प्रतीत होता है। क्या यही एक जनप्रतिनिधि का दायित्व है?
सभी माननीय अधिकारियों एवं संबंधित विभागों से विनम्र निवेदन है कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जाए, सेक्टर-7 की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत किया जाए, अनधिकृत प्रवेश मार्गों को बंद किया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु उचित एवं कठोर कार्रवाई की जाए।
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आज 14 मई 2026 को, मेरे सामने 14 मई 2025 की एक पुरानी Google Photo आई, जिसमें सीजीएस कॉलोनी, सेक्टर-7, एंटॉप हिल की सड़कें पूरी तरह अवैध पार्किंग से भरी हुई दिखाई दे रही थीं। यह तस्वीर उस दौर की याद दिलाती है जब एशिया की सबसे बड़ी Central Government Residential Colonies में गिनी जाने वाली यह कॉलोनी अव्यवस्था, अवैध पार्किंग और ट्रैफिक समस्याओं से जूझ रही थी।
टैक्सियों और अन्य वाहनों की गलत पार्किंग के कारण सड़कें इतनी संकरी हो गई थीं कि एम्बुलेंस, स्कूल बस और फायर ब्रिगेड तक को परेशानी होती थी। विशेष रूप से मोनोरेल के नीचे वाला रास्ता तो लोगों ने practically वन-वे मान लिया था, क्योंकि एक तरफ की अवैध पार्किंग ने पूरे रास्ते को दबा दिया था।
लेकिन ट्रैफिक विभाग एंटॉप हिल डिवीजन के ट्रैफिक इंचार्ज श्री वाय. सिंह पाटिल जी ने लगातार कार्रवाई करते हुए वहां की अवैध पार्किंग हटवाई और रास्ते को दोबारा पूरी तरह खुलवाया। आज वहां दोनों तरफ से सुचारु ट्रैफिक चलता है और क्षेत्र की ट्रैफिक समस्या काफी हद तक सुधरी है।
इसी दौरान हमने भी ट्विटर और इंटरनेट के माध्यम से लगातार ट्रैफिक पुलिस तक क्षेत्र की समस्याएं पहुंचाने का प्रयास किया। जब रेजिडेंट्स ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं, तब मौके पर विजिट हुई, चालान निकाले गए और अवैध पार्किंग पर नियंत्रण किया गया।
इस पूरे अभियान में एंटॉप हिल पुलिस स्टेशन और मुंबई ट्रैफिक पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। विशेष धन्यवाद श्री वाय. सिंह पाटिल जी और उनकी पूरी टीम को, जिन्होंने Central Government Colony के अंदर आकर कार्रवाई करते हुए रेजिडेंट्स को यह विश्वास दिलाया कि यदि नागरिक अपने अधिकारों के लिए जिम्मेदारी के साथ आवाज उठाएं, तो प्रशासन उनके साथ खड़ा हो सकता है।
शायद यही वह समय था जब पहली बार कॉलोनी में Residents Welfare Association (RWA) के वास्तविक बीज पड़े। लोगों को विश्वास हुआ कि संगठित होकर कार्य करने से वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान भी संभव है। आज RWA और जागरूक नागरिक मिलकर कॉलोनी को बेहतर, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं।
हम आगे भी एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने क्षेत्र और मुंबई शहर को बेहतर बनाने के लिए इसी तरह प्रयास करते रहेंगे।
जय हिंद, जय भारत
@MumbaiPolice@MTPHereToHelp@CMOMaharashtra@CPMumbaiPolice@AntophillPS
How long will pedestrians suffer in Mumbai? Footpaths are कब्ज़ा, roads are unsafe, and authorities are silent. Enough is enough—clear encroachments NOW from all over Mumbai Footpaths. #RightToWalk
माननीय विधायक महोदय,
बाहर के अतिक्रमण और अनऑथराइज पार्किंग को हटाने की कार्रवाई बार-बार रुकवाना आखिर किसके हित में है? पिछले वर्ष CGS कॉलोनी के रेसिडेंट्स ने ट्विटर/X के माध्यम से पुलिस और ट्रैफिक पुलिस से शिकायत की थी। उसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई शुरू भी की, लेकिन स्थानीय स्तर पर दबाव बनाकर वह कार्रवाई रुकवा दी गई।
तर्क दिया गया कि “लोग गाड़ियाँ कहाँ खड़ी करेंगे?”
लेकिन क्या 500–1000 गाड़ियों की पार्किंग के लिए पूरे रोड, फुटपाथ और पैदल चलने की जगह पर कब्जा करना सही है?
आज स्थिति यह है कि:
फुटपाथ पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में है।
पैदल चलने वालों के लिए इंचभर भी सुरक्षित जगह नहीं छोड़ी गई।
रोड के दोनों ओर गाड़ियाँ खड़ी होने से एक समय में मुश्किल से एक गाड़ी निकल पाती है।
बच्चे, महिलाएँ, बुजुर्ग और नौकरी पर जाने वाले लोग हर दिन दुर्घटना के खतरे के बीच चलने को मजबूर हैं।
एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी सेवाओं का रास्ता तक प्रभावित हो रहा है।
क्या जनप्रतिनिधि का काम अनऑथराइज पार्किंग और अतिक्रमण को संरक्षण देना है, या जनता की सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना?
माननीय विधायक जी, यह आपका तीसरा कार्यकाल है।
अब समय आ गया है कि सेक्टर-7 और एंटॉप हिल की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
अतिक्रमण हटाइए
फुटपाथ खाली करवाइए
पैदल चलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित कीजिए
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारिए
सरकारी भूमि और सार्वजनिक रास्तों को कब्जामुक्त कराइए
जब तक सड़कें जनता के लिए सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक क्षेत्र का विकास केवल भाषणों में ही दिखाई देगा। सिस्टम तभी सुधरेगा जब नियम सब पर समान रूप से लागू होंगे।
माननीय MLA जी “Emergency Route” की बात कर रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है।
मेन रोड की स्थिति ऐसी है कि पैदल चलने तक की जगह नहीं बची।
फुटपाथों पर कब्ज़े हैं, सड़क पर गाड़ियां खड़ी हैं, और सार्वजनिक रास्तों तक पर अतिक्रमण किया गया है।
ऐसी स्थिति में एम्बुलेंस सीधे कैसे आएगी?
वास्तविकता यह है कि एम्बुलेंस को लगभग 3 KM घूमकर पीछे के रास्ते से सरकारी कॉलोनी तक पहुंचना पड़ता है।
यदि सच में Emergency Access की चिंता है, तो पहले अवैध कब्ज़े हटवाने और रास्ते साफ करवाने पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि सेक्टर की सुरक्षा से जुड़े कार्यों को रुकवाने पर।
जनता जवाब चाहती है।
सुरक्षा और कानून सभी के लिए समान होने चाहिए।
#PublicSafety #EmergencyRoute #SectorSecurity
"MLA सर, आपने जब CPWD दीवार बना रही थी, तब हस्तक्षेप करके उसका काम रुकवा दिया, जो बहुत गलत था। देखिए, आपके इसी कदम की वजह से कितना नुंसेंस हो रहा है, केंद्रीय कर्मचारी असुरक्षित हैं, उनकी पत्नियाँ, बच्चे, बेटियाँ सभी खतरे में हैं।
@CaptTamilSelvan “इमरजेंसी एंट्री” के नाम पर कॉलोनी के अंदर बाहरी लोगों को आने-जाने की अनुमति देना उचित नहीं है, जबकि मुख्य बाजार की ओर पहले से ही पर्याप्त बड़ा रास्ता उपलब्ध है। वहाँ चारों तरफ रेहड़ी-पटरी लगाकर व्यापार किया जाता है। कॉलोनी के अंदर से रास्ता उपलब्ध कराना CPWD का कार्य नहीं है।
@CaptTamilSelvan न कि एक अवैध रास्ते को जारी रखना चाहिए।
स्थानीय निवासियों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और कॉलोनी की शांति बनाए रखने के लिए अवैध रास्ते पर दीवार बनना पूरी तरह उचित और कानूनी कदम है।
@CaptTamilSelvan जिससे कॉलोनीवासियों को रोज भारी परेशानी और सुरक्षा संबंधी खतरे का सामना करना पड़ता है Emergency services के लिए market में वैध और अधिकृत रास्ते पहले से उपलब्ध हैं। यदि कहीं व्यवस्था में कमी है तो प्रशासन को अधिकृत emergency access बेहतर बनाना चाहिए, part-3
@CaptTamilSelvan Sector - 7 की CGS Colony के अंदर Madrashi Market की तरफ से इस्तेमाल किया जा रहा रास्ता अधिकृत नहीं है। इसी रास्ते का उपयोग बाहरी लोगों द्वारा कॉलोनी में अनधिकृत प्रवेश, अवैध गतिविधियों और Market unloading के लिए बड़े ट्रकों को सड़क पर खड़ा करने में किया जाता है। part-2
@CaptTamilSelvan किसी भी व्यक्ति की मृत्यु दुखद है और हम स्व. Shanti Padmashali Ji को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। लेकिन इस दुखद घटना के आधार पर एक अवैध रास्ते को स्थायी रूप से खुला रखना समाधान नहीं हो सकता।
MLA सर, आपसे विनम्र निवेदन है कि आप सेक्टर 7 में हो रही घटनाओं को नजरअंदाज न करें। कई बार हत्या तक हुई है, और कई बार डेड बॉडी भी मिली है। ऐसे बच्चे, जो छोटे दिखते हैं, लेकिन असल में क्रिमिनल होते हैं, उनका अंदाज़ा नहीं होता।
Respected sir, If you are truly concerned about the residents of slum areas, then as the MLA of this constituency for the past 2–3 terms, priority should be given to resolving local issues under your jurisdiction. Despite a major incident, the road from Madrashi Market to Church Naka Main Road remains blocked, causing inconvenience for school buses, ambulances, and local residents. Similarly, illegal encroachments on the CGS footpath near the masjid to Bharni Naka and near Kalpak Gate are creating serious problems for pedestrians and residents. Instead of addressing these civic issues, demanding an illegal passage through a Central Government colony is against the rules and raises serious safety and security concerns for the central govt. residents.
@CaptTamilSelvan Respectfully, this is an internal road of the CGS Colony, not a designated emergency route. A 3-time local MLA should focus on decongesting & developing proper roads in the adjacent slums rather than forcing Central Govt employees to keep an illegal entry open for outsiders.