पेपर लीक एवं घोटालों की जांच
हम पेपर लीक मामलों एवं विभिन्न घोटालों की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम स्थापित कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।
#आपणो_अग्रणी_राजस्थान
सस्नेह आमंत्रण...
राजस्थान प्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित होने हेतु आप सभी सादर आमंत्रित हैं ।
दिनाकं - 15 दिसंबर 2023
समय - दोपहर 12 बजे
स्थान - अल्वर्ट हॉल , जयपुर
#पधारो_सा@BJP4India@BJP4Rajasthan@narendramodi
@BhajanlalBjp राजस्थान के मुख्यमंत्री बनने पर आपको बहुत-बहुत बधाई राजस्थान का कोई भी प्रशासनिक कार्य रुके नहीं निरंतर एवं निर्बाध गति से प्रगति के पथ पर अग्रसर हो यही हम आपसे आशा करते हैं एक बार पुनः आपको बहुत-बहुत बधाई
तो क्या अब अमेरिका के मुस्लिम डोनाल्ड ट्रंप चाचा को वोट देंगे? 😂
अमेरिका के मुस्लिम हुए एकजुट, बाइडेन को चुनाव में हराने के लिए बना रहे रणनीति
बोले- बाइडन गाजा पट्टी के हमलों में जिम्मेदार हैं
मुस्लिमों का कहना हैं कि बाइडेन ने इजरायल को गाजा में ऑपरेशन करने की खुली छूट दे रखी है, इसके बाद मुस्लिम नेताओं ने देश भर में अपने समुदाय को एकजुट करने का फैसला किया है ताकि बाइडेन को आगामी आम चुनाव में हराया जा सके
हम भारतीय हिन्दू भी चाहते है कि अमेरिकी मुस्लिम डोनाल्ड ट्रंप चाचा को ही वोट करें
सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने पर प्रकाशित की गयी है...
६० साल तक भारत में प्रतिबंधित रहा नाथूराम का अंतिम भाषण, “मैंने गांधी को क्यों मारा”
३० जनवरी १९४८ को नाथूराम गोड़से ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी लेकिन नाथूराम गोड़से घटना स्थल से फरार नही हुआ बल्कि उसने आत्मसमर्पण कर दिया। नाथूराम गोड़से समेत १७ अभियुक्तों पर गांधी जी की हत्या का मुकदमा चलाया गया। इस मुकदमे की सुनवाई के दरम्यान न्यायमूर्ति खोसला से नाथूराम ने अपना वक्तव्य स्वयं पढ़ कर जनता को सुनाने की अनुमति माँगी थी, जिसे न्यायमूर्ति ने स्वीकार कर लिया था, पर यह कोर्ट परिसर तक ही सीमित रह गयी, क्योकि सरकार ने नाथूराम के इस वक्तव्य पर प्रतिबन्ध लगा दिया था, लेकिन नाथूराम के छोटे भाई और गांधी जी की हत्या के सह अभियोगी गोपाल गोड़से ने ६० साल की लम्बी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट में विजय प्राप्त की और नाथूराम का वक्तव्य प्रकाशित किया गया।
“मैंने गांधी को क्यों मारा”
नाथूराम गोड़से ने गांधी हत्या के पक्ष में अपनी १५० दलीलें न्यायलय के समक्ष प्रस्तुति की।
“नाथूराम गोड़से के वक्तव्य के कुछ मुख्य अंश”
१. नाथूराम का विचार था कि गांधी जी की अहिंसा हिन्दुओं को कायर बना देगी। कानपुर में गणेश शंकर विद्यार्थी को मुसलमानों ने निर्दयता से मार दिया था महात्मा गांधी सभी हिन्दुओं से गणेश शंकर विद्यार्थी की तरह अहिंसा के मार्ग पर चलकर बलिदान करने की बात करते थे। नाथूराम गोड़से को भय था गांधी जी की ये अहिंसा वाली नीति हिन्दुओं को कमजोर बना देगी और वो अपना अधिकार कभी प्राप्त नहीं कर पायेंगे।
२. १९१९ को अमृतसर के जलियाँवाला बाग़ गोलीकांड के बाद से पुरे देश में ब्रिटिश हुकुमत के खिलाफ आक्रोश उफ़ान पे था। भारतीय जनता इस नरसंहार के खलनायक जनरल डायर पर अभियोग चलाने की मंशा लेकर गांधी जी के पास गयी लेकिन गांधी जी ने भारतवासियों के इस आग्रह को समर्थन देने से साफ़ मना कर दिया।
३. महात्मा गांधी ने खिलाफ़त आन्दोलन का समर्थन करके भारतीय राजनीति में साम्प्रदायिकता का जहर घोल दिया। महात्मा गांधी खुद को मुसलमानों का हितैषी की तरह पेश करते थे। वो केरल के मोपला मुसलमानों द्वारा वहाँ के १५०० हिन्दूओं को मारने और २००० से अधिक हिन्दुओं को मुसलमान बनाये जाने की घटना का विरोध तक नहीं कर सके।
४. कांग्रेस के त्रिपुरा अधिवेशन में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को बहुमत से काँग्रेस अध्यक्ष चुन लिया गया किन्तु गांधी जी ने अपने प्रिय सीतारमय्या का समर्थन कर रहे थे। गांधी जी ने सुभाष चन्द्र बोस से जोर जबरदस्ती करके इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर कर दिया।
५. २३ मार्च १९३१ को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दे दी गयी। पूरा देश इन वीर बालकों की फांसी को टालने के लिए महात्मा गांधी से प्रार्थना कर रहा था लेकिन गांधी जी ने भगत सिंह की हिंसा को अनुचित ठहराते हुए देशवासियों की इस उचित माँग को अस्वीकार कर दिया।
६. गांधी जी कश्मीर के हिन्दू राजा हरि सिंह से कहा कि कश्मीर मुस्लिम बहुल क्षेत्र है अत: वहां का शासक कोई मुसलमान होना चाहिए। अतएव राजा हरिसिंह को शासन छोड़ कर काशी जाकर प्रायश्चित करने। जबकि हैदराबाद के निज़ाम के शासन का गांधी जी ने समर्थन किया था जबकि हैदराबाद हिन्दू बहुल क्षेत्र था। गांधी जी की नीतियाँ धर्म के साथ, बदलती रहती थी। उनकी मृत्यु के पश्चात सरदार पटेल ने सशक्त बलों के सहयोग से हैदराबाद को भारत में मिलाने का कार्य किया। गांधी जी के रहते ऐसा करना संभव नहीं होता।
७. पाकिस्तान में हो रहे भीषण रक्तपात से किसी तरह से अपनी जान बचाकर भारत आने वाले विस्थापित हिन्दुओं ने दिल्ली की खाली मस्जिदों में जब अस्थाई शरण ली। मुसलमानों ने मस्जिद में रहने वाले हिन्दुओं का विरोध किया जिसके आगे गांधी नतमस्तक हो गये और गांधी ने उन विस्थापित हिन्दुओं को जिनमें वृद्ध, स्त्रियाँ व बालक अधिक थे मस्जिदों से खदेड़ बाहर ठिठुरते शीत में रात बिताने पर मजबूर किया गया।
८. महात्मा गांधी ने दिल्ली स्थित मंदिर में अपनी प्रार्थना सभा के दौरान नमाज पढ़ी जिसका मंदिर के पुजारी से लेकर तमाम हिन्दुओं ने विरोध किया लेकिन गांधी जी ने इस विरोध को दरकिनार कर दिया। लेकिन महात्मा गांधी एक बार भी किसी मस्जिद में जाकर गीता का पाठ नहीं कर सके।
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चुनाव प्रभारी सुशील सरावगी के अपहरण की कोशिश
मेरे चुनाव प्रभारी श्री सुशील सरावगी को कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थक गुंडा तत्वों ने आज तारानगर स्थित रीको इंडस्ट्रियल एरिया में जबरदस्ती गाड़ी में डाल कर उनका अपहरण करने की कोशिश की है एवं उनके साथ मारपीट भी की है और योजनाबद्ध तरीक़े से चुनाव में खलल पैदा करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। कल देर रात्रि में भी हमारे भाइयों के साथ गुंडई तत्वों ने दुर्व्यवहार करते हुए गाडियों पर हमला किया था। लोकतंत्र के महापर्व में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। जनता का अपना मत होता है, वोट के लिए जबरन दबाव कतई स्वीकार्य नहीं है। पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बन कर देखने की बजाय विधिक कार्यवाही करें।
आसो मास उजाल पक्ष, सातम शुक्रवार।
चवदह सौ चौमालवे, माँ करणी लियो अवतार।।
राजराजेश्वरी मातेश्वरी भगवती श्री करणी माता जी के अवतरण दिवस पर आप सभी को ढेरों शुभकामनाएं। आपका जीवन मां करणी जी की कृपा से सदा सुख, शांति व समृद्धि से परिपूर्ण रहे।
।।जय मां करणी।।
#KarniMata
26 नवंबर, 2008 को मुंबई में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद उस समय की कांग्रेस सरकार ने आतंकियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि 2016 में उरी में हुए आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार ने सेना को खुली छूट दी और भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया।
गहलोत सरकार ने राजस्थान में सिर्फ तीन काम किए हैं...
कुर्सी बचाना, अपने विरोधियों को निपटाना और भ्रष्टाचार करना, इसके अलावा कांग्रेस ने कोई काम नहीं किया।
- श्री @cpjoshiBJP, प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान भाजपा