@INCIndia आखिर राहुल जी आप अपने आपको कितनी बार रिलॉन्च कराएंगे। अब तो मान जाइए बाबा, जिस राज्य में कांग्रेस कमजोर है वहां आपको ज्यादा वक्त देना चाहिए था। केरल कर्नाटक में आप मुख्य विपक्षी दल हैं वहां नही, आपको गुजरात उत्तर प्रदेश और हिमाचल में ज्यादा वक्त देना था।
@INCIndia बिलकुल जननेता अमेठी की अपनी पारंपरिक सीट हार गया, और अभिनेता काशी से जीत गया। यही जननेता की पहचान है, पहले जननेता को चीन से 90 करोड़ का चंदा के बारे में देश को बताना चाहिए, फिर कोई और बात करनी चाहिए।
@INCIndia देश का बटवारा किया तुम्हारे नाना ने सिर्फ प्रधान मंत्री बनने के लिए और तुम आज भारत जोड़ो यात्रा का ढोंग कर रहे हो, जनता सब जानती है बाबा। तुम सिर्फ चिकन सैंडविच खाओ यही तुम्हारे बस का है।
@INCIndia कौन से हिंदुस्तान की आवाज आप उत्तर प्रदेश से चुनाव तो जीत नही सकते भाषण ऐसे देते हो जैसे पूरा भारत तुम्हारा गुलाम हो। खतम मतलब खतम राहुल बाबा, जय श्री राम
जैन बौद्ध पारसी बहाई
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई
यदि आपस में हैं भाई-भाई
तो नियम-कानून अलग क्यों?
अल्पसंख्यक-बहुसंख्यक क्यों?
10वीं तक समान शिक्षा क्यों नहीं?
हम दो-हमारे दो सबके लिए क्यों नहीं?
एक देश-एक नागरिक संहिता क्यों नहीं?
एक देश-एक धर्मस्थल संहि��ा क्यों नहीं?
@narendramodi
@HPDubey13 गांधी परिवार को देश का जन्मजात
शासक होने का गुरुर है
यही गुरुर कांग्रेसपार्टी का सबसे
बड़ा दुश्मनबनगयाहै
दूसरा कोई देश का प्रधानमंत्री बने गांधीपरिवार को ये बहुत परेशान कररहाहै
राहुलगांधी और महात्मागांधी
का संबंध ऐसाहीहै
जैसे सोनूनिगम और नगरनिगम का है
किसीकाआपसमेकोईलेनादेना नहीं
जब हामिद अंसारी जैसे उनके ढेरों बेटे थे,
जब हाथी, साईकिल, पतंग व पंजे वाले उनके कदमों में लेटे थे.
जब भेड़ियों ने चालाकी से हिरन का चोला ओढ़ा था,
#PFI का आतंकी भंडा तब हमने ही फोड़ा था.
अभी लिस्ट ब���ुत लंबी है अफजल गुरु के यारों की,
चक्र सुदर्शन पहुंचेगा हर गर्दन तक गद्दारों की!
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव हेतु अपना नामांकन करने की पूर्व संध्या पर दिग्विजय सिंह ने मीडिया को उत्तर देते हुए कहा कि गांधी परिवार के बिना कांग्रेस शून्य है।इसका अर्थ हुआ कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक राजनीतिक दल नही है, बल्कि गांधी परिवार की प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी है।
8. RSS संचालित 24 हजार से ज्यादा स्कूलों में करीब 36 लाख बच्चों को शिक्षा दी जाती है
9. 1971 में ओडिशा में आए भयंकर चंक्रवात से लेकर भोपाल की गैस त्रासदी तक,गुजरात के भूकंप, सुनामी की प्रलय, उत्तराखंड की बाढ़ और कारगिल युद्ध के घायलों की सेवा तक संघ ने राहत और बचाव का काम किया