आदिवासी समाज की धरोहर और अस्मिता बचाने की लड़ाई में @bolhindustan_ के साथ कवरेज का मौका मिला, आदिवासी साथियों के साथ रहा।
साथी @Arjun_Mehar ने जो कड़ी मेहनत की आज उनके चेहरें पर गुस्सा, आक्रोश ओर पीड़ा देखी
नेताओं ने आंदोलन का राजनीतिकरण किया,साथी अपनी बात पर अटल रहा।
जय जोहार
#रानीवाड़ा पंसेरी गांव में #बाबू_भील_की_ढाणी में केमल सफारी पर स्थित #बाबू_भील_की_ढाणी के नाम से लगा बोर्ड को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बोर्ड पर लिखे नाम पर सफेद कालिक पोथ कर हटाने की कोशिश की गई आदिवासी पुरखो के नाम के साथ अब छेड़खानी बर्दाश्त नहीं होगी @RajPoliceHelp 1/2
Farmers are demanding their rights with the peaceful movement
The government gave up its arrogance and listened to the voice of the farmers
#7DaysOf_FarmersParliament
बॉक्सर सतीश कुमार ने गजब ही किया. घाव पर 7 टांके लगे थे, फिर भी लड़ने उतर गए.
एक सच्चे योद्धा, पक्के सैनिक की तरह लड़े. भारत और सेना का मान रखा. गजब साहसी लोग हैं. उन तक सलाम पहुंचे 🇮🇳
“ Pre quarterfinal मैच के बाद मेरे चेहरे पर 13 टाँके थे।पत्नी ने मना किया। पिता ने कहा अब बस कर।
कोई भी परिवार यही कहता ।पर मरता क्या ना करता ? लड़ना तो था ही और मैं लड़ा। हार के बावजूद इतने फ़ोन आए कि लगा कि चैम्पियन मैं बना।
मेरे बच्चों को गर्व है मुझ पर “
-सतीश कुमार
बॉक्सर
कई साथी कह रहे है कि इस आंदोलन में लोगों ने मेरा मिसयूज़ किया..! जबकि वास्तविकता यह है कि कई लोगों ने आज डेमो सेट करने के लिए मेरे से ज़्यादा समाज का मिसयूज़ किया..! लोग RSS से लड़ते-लड़ते RSS के लिए लड़ने लगे.! 😂😂
The first event of #AdivasiAwaazSummit2021 will be held on 3 August, just 2 days away! This event is a discussion on the topic 'Can The Adivasi For Themselves?' The panellists include journalists & other intellectuals who are experts on the matter. Don't miss out, save the date!
हमेशा की तरह आदिवासी जन आंदोलन को तोड़ दिया. आँबागढ़ आंदोलन का राजनीतिकरण कर दिया. वहाँ जाजम की जगह मंच लगा, भाषण हुआ, दूसरे संगठनों के झंडे लहरें और नेताओं के जयकारें लगें. इसलिए मैं इस आंदोलन से दूर हो गया हूँ.
मुझसे लोगों ने कहा कि मैं भाषण दूँ लेकिन मैंने नहीं दिया क्योंकि मैं मेरे सिद्धांतों से समझौता करने वाला शख़्स नहीं हूँ. मैं मेरे लोगों की बीच ही बैठा रहा. लेकिन जैसे नेताओं ने भाषण दिया, नेताओं के जयकारें लगें और एक युवा नेता भीड़ को अलग जगह ले गया तो मैं इस आंदोलन से दूर हो गया
आगामी 9 अगस्त "विश्व आदिवासी दिवस" पर मध्यप्रदेश के आदिवासियों की माँग है कि सरकार अवकाश घोषित करें। मध्यप्रदेश में करीब 23 फीसदी व कई जनजातियां निवास करती है। अतः हम सीएम @ChouhanShivraj जी, से अनुरोध करते है की इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रदेश में सरकारी अवकाश घोषित करें।
मैं तमाम साथियों से कहना चाहता हूँ कि आप सभी गांधी सर्किल, जयपुर आओ; क्योंकि सुदर्शन चव्हाणके ने 12 बजे का चैलेंज दिया है..! अगर गांधी सर्किल पर एकत्रित होने के बाद लोग सामूहिक तौर पर तय करते है कि हमें आँबागढ़ जाना है तो मैं आँबागढ़ जाऊँगा..! लेकिन सिविल लाइन नहीं जाऊँगा..!
आदिवासीयो के पुरखो ने कभी मंदिर प्रवेश कि लड़ाई नही लड़ी ओर
मंदिरो मे घुसने के लिए आंदोलन कभी नही किया क्योकि
आदिवासीयो की खुद की अपनी संस्कृति रीति रिवाज है
इसलिए हम हिंदू वर्णव्यवस्था का हिस्सा नही है
आदिवासीयो को न मंदिर मे जगह चाहिए नाही किसी मंदिर के ट्रस्ट मे
#जयआदिवासी