भारत में एक ऐसा भी जमाना होता था जब दो कौड़ी का खुर्शीद महमूद कुरैशी जो कट्टर हिंदू विरोधी और भारत विरोधी था पाकिस्तान का विदेश मंत्री रह चुका था
वह भारत के प्रधानमंत्री को उंगली दिखाकर कहता था कि मैं आपके घर आया आपकी पत्नी ने खुद मेरे लिए चाय बनाई और आप खुद ट्रेन में चाय लेकर मेरे पास आए
आज पाकिस्तान इसीलिए बार-बार कहता है कि अगर कांग्रेस भारत में सत्ता में आएगी तभी पाकिस्तान बचेगा तभी पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति सुधरेगी
क्योंकि कांग्रेस का प्रधानमंत्री हमारे विदेश मंत्री के लिए ट्रे में नौकर की तरह चाय लेकर आता था
@samajwadiparty अखिलेश यादव की बातें केवल चुनावी जुमले लग रही हैं।
शिक्षा में सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना और पिछली विफलताएं अधिक मायने रखती हैं, न कि ये खोखले वादे।
अखिलेश यादव तुम्हें शर्म आनी चाहिए कि जब तुम सत्ता में थे तब तुमने उत्तर प्रदेश की भर्ती बोर्ड को किस तरह से बर्बाद किया था
और आज तुम पेपर लीक पर बात कर रहे हो??
भाई तुम कितने बेशर्म हो कि सारे कुकर्म करने के बाद भी तुम्हें शर्म नहीं आती??
यह पूरा मीडिया कवरेज देख लेना जब तुम मुख्यमंत्री थे
तुम छोटी मोटी को पोस्ट तो छोड़ो लाल बत्ती वाली यानी पीसीएस अधिकारी के पोस्ट का भी तुमने सौदा कर दिया था
उसको भी तुमने जातिवाद और पैसे से बेचने की मंडी लगाई थी
कई मीडिया वालों ने यह स्टिंग ऑपरेशन किया है देख लेना
यूपीपीएससी बोर्ड के तमाम सदस्य बोल रहे हैं कि सारा कुछ हमारे हाथ में है 200 नंबर का इंटरव्यू है आपको कितना नंबर देना है वह हमारे हाथ में है अगर आपके पास होना है तब आपको हमको पैसे देने पड़ेंगे या आप अगर जाति विशेष के हैं तो हम आपको 150 से ऊपर नंबर देंगे क्योंकि अखिलेश यादव द्वारा हमको आदेश दिया गया है की जाति विशेष के लोगों को ज्यादा से ज्यादा नंबर दिया जाए
यह पूरा कवरेज देख लेना तुम भरती बोर्ड पर या पेपर लीक पर बोलने के लिए कोई नैतिक अधिकार नहीं रखते हो
और तुम्हारा समय में यूपीएससी के दो अध्यक्ष थे अनिल यादव और अनिरुद्ध यादव दोनों को सुप्रीम कोर्ट ने लात मार कर निकाला था
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को बताया सबसे बड़ा दोस्त! 🇮🇳
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यह बयान तब आया है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा था कि अमेरिका ही इजराइल का एक शक्तिशाली दोस्त है बाकी देश इजराइल से नफरत करते हैं।
इसका जवाब देते हुए बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को अपना सबसे बड़ा दोस्त बताया है।
उन्होंने कहा —
"इज़रायल के बहुत सारे दोस्त हैं। भारत इसका एक बड़ा उदाहरण है।
हमे भारत के 1.4 अरब लोगों से जबरदस्त समर्थन मिलता है।"
एक नई जानकारी मुझे मिली है, आप भी पढ़ लीजिए ।
अगौता शुगर मिल, बुलंदशहर जो की एक निजी चीनी मिल हैं, गन्ने के रस से बनने वाले विभिन्न उत्पादों को देखने समझने का मौका मिला ।
एकाएक सुनहरी पीले दाने युक्त शक्कर उत्पाद पर दृष्टि पड़ी, जिसे आप और हम कच्ची शकर के नाम से जानते हैं ।
मिल के क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर ने बताया... ब्रिटेन के लिए अकेले बुलंदशहर की इस मिल को एक लाख कच्ची शकर के कट्टो Pack (50 kg) की आपूर्ति का आर्डर मिला है ।
कच्ची शकर ऐसी शकर होती है जो शीरे (लाट) से युक्त होती है... जिसे रिफाइन कर व्हाइट शुगर में परिवर्तित नहीं किया जाता...
इसे आप भूरी चीनी कह सकते हैं... रंग भी सुनहरा होता है, इसे रो शुगर भी कहते हैं ।
जिस जहरीली सफेद चीनी को हम इस्तेमाल में लाते हैं उसमें ना विटामिन होता है ना कोई खनिज होता है...
लेकिन इस ब्राउन शुगर में विटामिन बी 6 से लेकर B12 मैग्नीशियम पोटेशियम जैसे खनिज पर्याप्त संतुलित मात्रा में होते हैं।
इसका सीधा सा अर्थ है कच्ची शकर आपके शरीर के रक्तचाप, गंजापन, स्किन संबंधित रोग, शरीर में विटामिन डिफिशिएंसी को नहीं होने देती है... पाचन शक्ति बढ़ती है।
जब मैंने शुगर मिल के प्रबंधक से कच्ची शकर का भाव पूछा तो वह सफेद चीनी से कम निकला अर्थात् 2400₹ कुंटल ... कच्ची शकर के निर्माण में किसी भी केमिकल का उपयोग नहीं होता मिल कर्मियों ने बताया, कि प्राकृतिक प्रक्रिया से इसका निर्माण होता है|
लेकिन हम लोगो की अज्ञानता के कारण इसकी माँग बाजार में नहीं है...
अतः इसकी बाजार में उपलब्धता भी कम है...
आज भी हम रिफाइंड चीनी को इस्तेमाल में ला रहे हैं जिसके खतरनाक दुष्प्रभाव शरीर पर हैं ।
अमेजॉन जैसी ई कॉमर्स कंपनियाँ 100 से 150 रुपए किलो इसे बेच रही है।
हमारी चीनी मिल कंपनियाँ कच्ची शकर बड़े पैमाने पर पश्चिमी देशों को निर्यात कर रही हैं ।
लेकिन भारत में यह प्रचलन में नहीं है जबकि यह स्वास्थ्यवर्धक शक्कर उत्पाद है...
आप सभी साथियों से निवेदन करता हूँ लस्सी दूध मिठाई शरबत आदि में कच्ची शकर का उपयोग कीजिए...
क्योंकि यह मूल्य में आधी है और गुणों के मामले में कई गुणा श्रेष्ठ है....। आप किस शहर या प्रदेश से हैं मुझे नहीं पता ।
इसलिए दूकान का तो नहीं पता लेकिन ऑनलाइन ब्राउन शुगर के नाम से सर्च करने पे बहुत से आते हैं....Read News
राम मंदिर के पवित्र दान पर झूठे सवाल उठा रहे थे, आज बहराइच दरगाह घोटाले पर उनके 'सुरंगजीवी' नेता मौन क्यों हैं?
अखिलेश जी, जब आपकी ही पार्टी के पूर्व मंत्री यासर शाह पर दरगाह के चढ़ावे और चंदे में भारी हेराफेरी के आरोप लग रहे हैं,अब आपका जनाक्रोश और सत्य की खोज कहाँ गायब हो गई?
दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झाँकिए।
इस महापाप पर मुँह कब खोलेंगे?
बाबा नितिन नबीन का यूपी आगमन पे स्वागत कर रहे
दोनों ही युवा शक्ति के लिए इंस्पिरेशन है और एकजुटता के संदेशवाहक है
सुनो टोटी भैया — चुनाव जीतने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, हर रोज़ सुबह उठते ही ट्रोलबाजी करने से कुछ न होता
मिशन 2027 — तीसरी बार योगी सरकार
राजस्थान के बाड़मेर जिले में यह बुजुर्ग दम्पति कई दशकों से निःस्वार्थ भाव से 46, 47 डिग्री टेम्परेचर में जनता को पानी पिलाता आ रहा है। मै पीएम @narendramodi से मांग कर रहा हूँ इन्हें भी पद्म श्री पद्म भूषण, या पद्म विभूषण में कोई पुरस्कार से नवाजा जाये
@mediacellsp किसी के बीमारी का मजाक वह नीच घृणित घटिया व्यक्ति ही कर सकता है
जो खुद अपनी मां के साथ संभोग करके पैदा हुआ हो
अखिलेश यादव पिछड़ों की बात करते हैं और अपने ऑफिशियल हैंडल से एक पिछड़े वर्ग के व्यक्ति के बीमारी का मजाक उड़ा रहे हैं
गजब के दोगले हैं
सरकारी नौकरों की मनमानी देखकर दुख होता है। ग्रामीण बैंक गुरसहायगंज की यह महिला मैनेजर बात करने की तमीज भी नहीं रखतीं। बैंक मैनेजर का काम लोगों की मदद करना है, खासकर उन गरीब मजदूरों का, जिनका मेहनत का पैसा बैंक में पड़ा है। अगर किसी मजदूर का बच्चा बीमार है और वह परेशान होकर बैंक आया है, तो उसको सही रास्ता दिखाना बैंक की नैतिक जिम्मेदारी है। लेकिन यहां तो उल्टा मनमानी और बदतमीजी हो रही है। ऐसे लोग ही सरकार और बैंकिंग व्यवस्था की छवि खराब करते हैं।
@upgbeuofficial@RBI और संबंधित अधिकारियों से अपील है
इस घटना की जाँच हो और दोषी अधिकारी पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। जनता का पैसा जनता की सेवा के लिए है, किसी की मनमानी के लिए नहीं।
@CMOfficeUP@UPGovt@SureshKKhanna
🚨 WILL THE U.S. LOSE THE GLOBAL CRYPTO RACE?
If Washington delays the CLARITY Act, other countries may not wait.
Asian governments are already positioning themselves to roll out their own digital asset frameworks and compete for crypto innovation.
The race for regulatory leadership is accelerating—and Bitcoin could be one of the biggest beneficiaries. 🚀