सही तरीके से बात रखने के लिए शिक्षित होना आवश्यक है, और शिक्षित होने का मतलब यह नहीं है कि आपके पास कितनी डिग्रियाँ हैं। दृष्टिकोण स्पष्ट होना चाहिए, उसमें किसी प्रकार का संकुचन नहीं होना चाहिए। विमर्श के केंद्र में व्यक्तिगत कुंठा या स्वार्थ आदि नहीं होना चाहिए, जो बहुत सारे यूट्यूबरों, सोशल मीडिया के राइट विंग लंपटों इत्यादि में देखने को मिलता है। इन लोगों की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि ये आत्मसात् किए हुए हैं कि इन्हें सब पता है। इनके दृष्टिकोण से यदि समाज ढलना शुरू कर दे तो उसका पतन चंद महीनों में ही हो जाएगा।
झाड़ू मटकी का या 5000 साल से पानी नहीं पीने दिया का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं!
प्रमाण है तो वो ये कि गुरुकुलों में 70% शूद्र पढ़ते थे!
प्रमाण है तो वो ये कि 75 साल में एक भी आरक्षित जाति अगड़ी नहीं बनी!
-अजीत भारती🔥
ग्राम- बिंदरवाड़ा,तहसील- सिकराय जिला - दौसा प्रार्थी मदन लाल शर्मा के खेत में जबरन लाइनमैन द्वारा निजी व्यक्ति का ट्रांसफार्मर रख दिया है जबकि उपभोक्ता के खेत में आसानी से ट्रांसफार्मर रखा जा सकता है विभाग में सूचना देने पर भीअभी तक ट्रांसफार्मर नहीं हटाया कृपया राहत प्रदान करे।
१० पाप क्या हैं?
धर्मग्रंथो में पापों का विविध वर्गीकरण किया गया है।महाभारत शांति पर्व के अनुसार पापों की तीन कोटियाँ हैं।
* कायिक- हत्या, चोरी, परस्त्री गमन।
* वाचिक– निरर्थक बकैती, झूठ, कठोर वचन, चुगली।
* मानसिक– पराई संपत्ति से ईर्ष्या, सभी जीवों से समान प्रेम न रखना, कर्मफल पर विश्वास न करना।
@DrRanjeetMeena यह शिक्षक संघ के हर साल पर्ची काटने के लिए ही है कर्मचारियों के किसी भी मुद्दे को नहीं उठाते,नेताओं की गुलामी करते डोलते हैं और खुद के कम निकलते हैं।