सुबह से पत्रकारों ने जो मुख्यमंत्री की PR में जी जान लगा रखी है जरा पूरी सच्चाई देख लीजिये.....
:- इस परियोजना के लिए राजस्थान सरकार को लगभग 33,379 करोड़ रूपये खर्च करने पड़ेंगे...
:- पुरे साल में यमुना से राजस्थान को मुख्यत सिर्फ 25-30 दिन पानी मिलेगा.....
:- ध्यान रहे हरियाणा इस समझौते में 41% पानी ले रहा है, उत्तरप्रदेश इस समझौते में 35% पानी ले रहा है लेकिन राजस्थान को सिर्फ 10 % पानी मिलेगा...
अब मुझे समझ नहीं आ रहा इसमें ख़ुशी मनाने वाली और मुख्यमंत्री की PR करने वाली कौनसी बात है....?
बाकि कचरा मेरे कमेंट में आता ही होगा.....
@hanumanbeniwal
आप लोग शायद दिल्ली से सटे गाजियाबाद के निशा शर्मा के मामले को भूल गए होंगे!
निशा शर्मा को मीडिया ने रातों-रात पूरे भारत में हीरो बना दिया था जिसने दहेज लोभी पति को दरवाजे से वापस लौटा दिया था!
हर चैनल पर मेहंदी लगाकर चुनरी ओढ़ कर निशा शर्मा इंटरव्यू देती थी उसके दरवाजे पर मीडिया के सैकड़ों ओ बी वैन खड़े रहते थे!
इस केस में जिस लड़के से निशा शर्मा की शादी तय हुई थी उसके और उसके पूरे परिवार की जिंदगी बर्बाद हो गई, लड़के की नौकरी छूट गयी, 1 साल जेल में रहा फिर 8 साल वह कोर्ट कचहरी के धक्के खाता रहा, लड़के की माँ सरकारी नौकरी में थी वह भी जेल जाने से सस्पेंड हो गई और लड़के के पिता की हार्ट अटैक से निधन हो गया।
दरअसल निशा शर्मा ने अपने बॉयफ्रेंड से शादी करने के लिए यह पूरा ड्रामा रचा था।
कोर्ट ने भी अपने आदेश में यही कहा कि, निशा शर्मा ने जान-बूझकर यह नौटंकी की थी लेकिन, कोर्ट ने यह भी कहा कि वह मजबूर है कि, वह निशा शर्मा के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकते और उन्होंने उस लड़के के पूरे परिवार को बाइज्जत बरी कर दिया।
लेकिन, सोचिए दिल्ली से गाजियाबाद जाकर 8 साल तक मुकदमा लड़ना, अपने पिता का दाह संस्कार करना उस लड़के के लिए कितना मुश्किल रहा होगा?
खैर निशा शर्मा को कुदरत ने ही सजा दी, उसकी सगी भाभी मनीषा शर्मा ने अपने पूरे ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का केस किया और उस केस में अब निशा शर्मा और उसका पूरा परिवार जेल में है।
कुदरत ने उस लड़के को न्याय तो दिया लेकिन, 13 साल के बाद दिया ये कानूनी हिंसा है।
इसलिए, यदि भारतीय मीडिया किसी को हीरो की तरह पेश करे तब आप इमोशनल मत बनिए बल्कि शांति रखिए, भारतीय मीडिया हमेशा नकारात्मक लोगों को ही हीरो बनाती है....Read News
अयोध्या: करपात्री महाराज का बड़ा बयान
ट्रस्ट अब भ्रष्ट हो गया है, ‘चंपत राय, अनिल मिश्रा मगरमच्छ हैं’, छोटे लोगो को फंसाया गया है। बड़े लोगों को बचा लिया गया है। दोषियों पर बुलडोजर चलना चाहिए। गोपाल राय VVIP पास बेचते थे।
#Ayodhya#Statement#UttarPradesh
Six years after a late-night executive order abruptly derailed his career within India’s capital judiciary, Justice S. Muralidhar has re-emerged on the global stage, wielding the same uncompromising legal lens that once cost him his bench in New Delhi.
@ttindia#BanEVMSaveIndia
Retired Justice S Murlidhar Who was Victimised for Asking Delhi Police to File cases against BJP leaders in 2020....was mid night transferred from Delhi BY BJP GOVT
What an Irony: He was Chosen by UN to head and Prepare Report of Israeli Atrocities and killing of 20,000 Children in GAZA by Israeli Forces/Netanyahu
Report Gained praise all over world and Causing Huge DISCOMFORT for BJP Govt/MODI now as they support Netanyahu blindly
Report Says ISRAELI SOLDIERS Deliberately killed 20,000 Kids in GAZA.......SHABASH S. MURLIDHAR FOR SPEAKING THE TRUTH AGAIN....
https://t.co/hzKAziSTNE
1) रामाशंकर यादव टिन्नू
2) अनुकल्प मिश्र
3) अविनाश शुक्ला
4) करुणेश पांडेय
5) लवकुश मिश्र
6) रमा शंकर मिश्र
7) सुभाष श्रीवास्तव
8) मनीष कुमार यादव
इन आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है राम मंदिर डकैती मामले में…
छोटी मछलियाँ जाल में शार्क और व्हेल समुद्र में ग़ोता लगा रही हैं अभी भी
राम मंदिर के करोड़ो के चंदा घोटाले में SIT ने 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करा दी है लेकिन चंपत राय समेत सभी बड़ी मछलियां रिपोर्ट के अनुसार बेदाग निकली हैं। यह आश्चर्यजनक है।
जिन लोगों को धरा गया है वह मामूली लोग हैं । इनमें रमाशंकर यादव (टिन्नू यादव), अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष, करुणेश और लवकुश मिश्रा के नाम शामिल है। चंपत अंत तक बचे रहेंगे।
SIT रिपोर्ट में नाम न आने पर चंपत ऐसे ही सो रहे होंगे।
कल ही सिंधी समाज के प्रतिनिधि और Castles Group of Companies के CMD Dr. Raju V Manwani जी ने वीडियो जारी कर कहा था कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए चंपत राय को 200 किलो चांदी की ईंटें दी थीं।
अब सिंधी समाज ने कुछ तस्वीरें भी जारी की हैं, जिनमें वे राम मंदिर निर्माण के लिए 200 किलो चांदी की ईंटें चंपत राय को सौंपते हुए दिखाई दे रहे हैं।
आख़िर ED पार्टी, चंपत राय और इनका पूरा ग्रुप प्रभु श्री राम के भक्तों की आस्था के साथ हुए इस महाघोटाले पर कुछ बोलने को तैयार क्यों नहीं है?
क्या ED पार्टी राम मंदिर से हुई चोरी के पैसों से देश में MP और MLA खरीद रही है?
चंपत राय ने कभी सोचा नहीं होगा कि जो लोग भगवान के लिए सोना, चांदी, जवाहरात दान कर रहे हैं, वे कभी पूछने आएंगे। उन्हें और उनके लोगों को लगा होगा कि दान का माल है। कोई लिखा पढ़ी होगी नहीं, और पार कर जाएंगे। हर दानकर्ता से यही कहा गया कि पहले क्वालिटी चेक कराएंगे। फिर वॉट्सएप पर रसीद भेजेंगे। किसी को नहीं भेजी।
अब सिंधी समाज पूछ रहा है कि हमारी 200 किलो चांदी की ईंटें कहां हैं? व्यापारी पूछ रहा है हमारी सोने की ईंट कहां है? महिला पूछ रही है कि हमारे चांदी के कागभुशुंडि कहां हैं? कारसेवक पूछ रहा है कि 1250 सोने, चांदी की रामशिलाएं कहां हैं?
चंपत जी मौन हैं? चंपत जी के मौन को संरक्षण देने वाला सरदार कौन है?
I have a VOTER ID card, but NO, it is not proof of citizenship.
I have a AADHAR card but NO, it is not proof of citizenship
I have a PAN Card, but NO, it is not proof of citizenship.
I have a PASSPORT but NO, it is not proof of citizenship.
So who will give me a CITIZENSHIP CERTIFICATE? A govt bureaucrat?
My question is simple: is the problem with the citizen, or with the Mai Baap State itself?😡
मैं भारतीय पासपोर्ट लेकर लगभग दो साल से विदेश में रहता हूं , और खुद को भारतीय नागरिक कहता हूं ,
लेकिन कल MEA के द्वारा कह दिया गया कि Passport नागरिकता का प्रमाण नहीं हैं , पासपोर्ट सिर्फ एक सिर्फ ट्रैवल डॉक्यूमेंट हैं !
इससे पहले आधार को भी कहा गया था कि ये नागरिकता का प्रमाण नहीं हैं ,
फिर वोटर आईडी को कहा गया कि वो नागरिकता का प्रमाण नहीं हैं ,
PAN कार्ड और DL को तो कुछ मानते ही नहीं हैं !
तो आखिर नागरिकता का प्रमाण हैं क्या ?
हम दुनिया के ऐसे इकलौते देश में रहते हैं जहां नागरिकता का कोई स्पष्ट प्रमाण ही नहीं हैं !
सारी दुनिया पासपोर्ट को अपनी नागरिकता के लिए इस्तेमाल करती हैं लेकिन हमारी सरकार को ग्रैंड मस्ती सूझ रहा हैं ,
अगर आज मुझसे कोई यहां पूछ ले कि तुम कौन से देश के हो तो मैं क्या कहूंगा उससे , क्योंकि मेरे पास तो अब नागरिकता का कोई सबूत हैं ही नहीं !
जो अब तक था या माना जाता था वो तो अब वैध नहीं रहा !
पता नहीं कौन से अनपढ़ मंत्रालय में बैठ कर उल्टे सीधे नियम बना रहे हैं ,
सरकार से निवेदन है कि एक बार में कोई ऐसी चीज बना दे जिससे नागरिकता , पहचान , निवास सब प्रमाणित हो सकें,
हर रोज की नौटंकी से आम जनता पागल हो गई हैं , हर काम के लिए एक अलग डॉक्यूमेंट बनवाते रहो!
@savedemocracyI टुटते आत्मविश्वास को बनाये रखना होगाऔर ये काम अब विपक्षी दलों को करना है।सभी विपक्षी दलों को काकरोच पार्टी को भरपूर सहयोग देना चाहिए और राज्य दर राज्य,शहर दर शहर इस भावना को आगे बढ़ाना है। आंदोलन को अब भी त्याग और समर्पण की जरुरत है।एक रहोगे तो जितोगे,वरना वो तो तोड़ ही रहें हैं।
@INCIndia वक्त की अहमियत और तकाज़े को समझें। विपक्षी दलों का आपस में लड़ना या एक दूसरे के विरुद्ध प्रत्याशी खड़ा करना और ज्यादा नुकसानदायक है।एक तरफ MLA/MP को जेल का डर दिखाकर खरीदा जा रहा है, वहां पर एकजुटता और जेल का डर निकालना बेहद जरूरी है। टकराव सही नहीं है