आदतें पहले छोटी लगती हैं…
लेकिन वक्त के साथ वही आपकी किस्मत लिखती हैं।
हर दिन की छोटी जीतें,
लंबे समय में बड़ी सफलता बन जाती हैं।
Habits > Motivation.
हर दिन थोड़ा करो…
पर लगातार करो।
#sonusharma#motivation#inspirational
जो वास्तविक प्रेमी होगा वो कहेगा...
जितना बेहतर हो सकते हो हो जाओ। जितना ऊँचा उड़ सकते हो उड़ो। भले ही फिर मेरी पकड़ से भी बाहर के हो जाओ कोई बात नहीं।
मैं तुमको देखूँगा ऊपर उड़ते हुए और वही मेरा आनंद होगा। मुझे तुम्हारे लिए ज़मीन पर पिंजरा थोड़ी बनाना है। वास्तविक प्यार में रिश्ते की शुरुआत भले ही आप कह लो कि दो व्यक्तियों से होती है।
पर उसका अंत होता है आकाश के साथ रिश्ता बनाने में। हम तुम साथ थे वो रिश्ते की शुरुआत थी।
और रिश्ता इसलिए है कि तुम्हारा रिश्ता वहाँ आकाश से बन जाए। चाहूँगा मैं कि मैं भी तुम्हारे साथ उड़ूँ।इसलिए नहीं कि मुझे तुम्हारा साथ चाहिए इसलिए कि मुझे भी आकाश का साथ चाहिए। हम दोनों साथ-साथ उड़ेंगे।
~ आचार्य प्रशांत
The worst feeling ever is feeling like an interruption to the person who once made you feel like home. 💔 Jab replies cold aur shorter ho jayein, aur aapko overthinking hone lage... tab silence sabse zyada hurt karta hai. 🥺🥀
#WorstFeeling#RelatableQuotes#Overthinking
नींद हमारे लिए बहुत ज़रूरी होती है. अच्छी नींद आ जाए तो पूरा दिन तरोताज़ा बीतता है. वहीं अगर नींद में खलल पड़ जाए तो एक तरह का चिड़चिड़ापन या सिर भारी-भारी सा महसूस होता है. तो आखिर अच्छी नींद कैसे ली जाए?
देर से सोने पर भी जल्दी क्यों उठना चाहिए? अच्छी नींद के लिए रूम टेम्परेचर कितना ज़रूरी है? सपने नींद के लिए अच्छे हैं या बुरे और नींद का सबसे बड़ा दुश्मन कैसे बन रहा है मोबाइल?
नींद से जुड़े ऐसे ही कई सवालों के जवाब बीबीसी हिन्दी के एडिटर नितिन श्रीवास्तव ने दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के डिपार्टमेंट ऑफ़ स्लीप मेडिसिन के चेयरपर्सन डॉ. संजय मनचंदा से जानने की कोशिश की.
@Tweetnitins
जब आप अपने कार्यक्षेत्र में राष्ट्र और समाज के हित को सर्वोपरि रख कर आगे बढ़ेंगे तब देश और समाज के साथ-साथ आपकी भी प्रगति होगी। उस प्रगति से आपको असीम संतोष मिलेगा।
अंतरिक्ष में छतरी
IDEA ये है कि पृथ्वी तक जो सूरज की रोशनी आती है, उसको रोका जाएगा। कैसे रोका जाएगा? वो कह रहे हैं कि करीब 80 से 100 साल लगेंगे और हम लाखों satellites एक ऐसी जगह पर जाकर के स्थापित कर देंगे, जो पृथ्वी और सूरज के बीच वहाँ पर है, जहाँ पर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण, सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बिल्कुल बराबर हो जाता है। तो satellites वहीं रहेगा।
तो सूरज से जो रोशनी आ रही है पृथ्वी की ओर, satellites पर एक film होगी, एक screen होगी, वो उस रोशनी को पृथ्वी तक आने से थोड़ा-सा रोक देगी। 1.8% रोक देगी।तो जब पृथ्वी पर सूरज की रोशनी पृथ्वी पर कम आएगी, तो पृथ्वी कम गर्म होगी और इस दौरान हम जी भर के कामना पूरी कर सकते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कर सकते हैं।
हम अपनी कामनाओं को नहीं रोकेंगे। हमारा जो अहंकार है, वो किसी भी प्रकार रुकने को तैयार नहीं है। हम कह रहे हैं, हम कार्बन डाइऑक्साइड तो बढ़ाते ही रहेंगे। सूरज को रोक देंगे। सूरज को रोक देंगे। आप अहंकार देखिए।
और ये जो प्रोजेक्ट है, ये दसों सालों तक कई ट्रिलियन डॉलर का है। और इस प्रोजेक्ट को निष्पत्ति देने वाली जो technology है, वो अगले कई दशकों तक उपलब्ध भी नहीं होगी।
और मैंने आपको कहा था, 20 साल को लें, जिसके बाद हमारी नदियाँ सूखने लग जाएँगी। climate crisis हमारे सर पर खड़ी है कि आपको अब कुछ दशकों के भीतर ही निपटा देंगे। और यहाँ कहा जा रहा है कि इतने trillion dollar लगाकर के एक काल्पनिक technology बनाई जाएगी।
जिसके द्वारा पृथ्वी और सूरज के बीच में एक छतरी लगा दी जाएगी और वो छतरी सूरज की गर्मी को पृथ्वी तक आने से रोक देगी। और ऐसी कोई technology आज तक है नहीं।
जिन वैज्ञानिकों ने स्वयं यह paper निकाला था और पहली बार इस प्रकार का प्रस्ताव दिया था, उन्होंने खुद ही बोल दिया आगे जाकर के कि ये जो हम बोल रहे हैं, यह असंभव है करना। करा ही नहीं जा सकता। ना जाने कितने तरीकों से असंभव है।