रांची की एक रात… दो तस्वीरें!
कल रात यानी 17 अगस्त 2026 को रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के हक में फैसला आया, तो धरनास्थल जश्न में बदल गया। किसी ने इसे ‘ऐतिहासिक जीत’ बताया, किसी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का धन्यवाद किया, तो अनशन पर बैठे छात्र नेताओं ने भूख हड़ताल खत्म कर दी।
किसी ने कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” चेहरों पर खुशी थी, जीत का भरोसा था और महीनों के संघर्ष के बाद राहत की सांस थी।
लेकिन इसी फैसले के बाद रांची से एक दूसरी तस्वीर भी सामने आई।
JSSC CGL क्वालीफाई करने के बाद 2250 लोग नौकरी कर रहे थे, लेकिन फैसले के बाद उनकी नौकरी चली गई। जो लोग कल तक अपने भविष्य को सुरक्षित समझ रहे थे, उनके लिए एक ही झटके में सब कुछ बदल गया।
किसी ने कहा, “हमारे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।” तो किसी की आवाज में दर्द था “सरकार ने हमें एक झटके में कहीं का नहीं छोड़ा।”
एक तरफ जीत का जश्न, दूसरी तरफ नौकरी जाने का सदमा। एक ही फैसले ने रांची में किसी के संघर्ष को मुकाम दिया, तो किसी के सपनों की जमीन छीन ली।
फैसले की अगली सुबह रांची की ये दो तस्वीरें शायद यही कह रही हैं, इस जहां में सबको सब कुछ नहीं मिलता...
#JSSC #JSSCCGL #JSSC_CGL #Jharkhand #Ranchi #HemantSoren #AajTakSocial #JharkhandStudentProtest
INTERESTING: ALL news channels are rightly giving live coverage to the Jharkhand student protests and march to the Assembly — an important story that deserves attention. But why did most channels largely black out the build-up to, and the July 20 march in Central Delhi, until the events of that day made coverage unavoidable? Too much selectivity in what becomes “news” depending on who is in power? 🙏
सुधांशु त्रिवेदी ने राज्यसभा में दावा किया कि अमेरिका ने गाय के मूत्र का पेटेंट कराया है। आइए, इस दावे की वास्तविकता समझते हैं।
1. जिस अमेरिकी पेटेंट का हवाला दिया जा रहा है, वह किसी अमेरिकी संस्था का नहीं, बल्कि भारत की वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) द्वारा दायर किया गया था।
2. यह पेटेंट 2020 में मेंटेनेंस (एक्सटेंशन) फीस जमा न होने के कारण समाप्त (Expired) हो गया।
3. यह पेटेंट गाय के मूत्र पर नहीं, बल्कि गाय के मूत्र के डिस्टिलेट (Cow Urine Distillate) के असर का है अर्थात दावा मूत्र पर नहीं, बल्कि उसके आसुत (distilled) अंश के संभावित प्रभाव पर था।
4. स्वयं पेटेंट में यह भी उल्लेख है कि इसी प्रकार का प्रभाव भैंस, ऊँट और हिरण के मूत्र के डिस्टिलेट में भी देखा गया।
डिस्टिलेशन (Distillation) क्या है?
किसी भी मिश्रण में उपस्थित विभिन्न घटकों का वाष्प दाब (Vapor Pressure) और क्वथनांक (Boiling Point) अलग-अलग होता है। इसी सिद्धांत का उपयोग करके डिस्टिलेशन के माध्यम से कुछ वाष्पशील (volatile) घटकों को अलग किया जाता है। यही तकनीक पानी के शुद्धिकरण, समुद्री जल के अलवणीकरण (desalination), रसायन उद्योग और यहाँ तक कि सीवेज के उपचार में भी उपयोग की जाती है। इसलिए किसी पदार्थ का डिस्टिलेट प्राप्त होना अपने-आप में उस मूल पदार्थ के औषधीय या सेवन योग्य होने का प्रमाण नहीं है।
अब एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है। गाय सहित लगभग सभी जानवरों के मूत्र में विभिन्न प्रकार के सूक्ष्मजीव और खरनाक रोगजनक (pathogenic) बैक्टीरिया पाए जाते हैं। यदि मूत्र में इतना शक्तिशाली एंटीमाइक्रोबियल कंपोनेंट होता, तो सबसे पहले उसी में मौजूद बैक्टीरिया नष्ट हो जाने चाहिए थे।
वास्तविकता यह है कि अनेक रसायनों और प्राकृतिक पदार्थों में प्रयोगशाला स्तर पर एंटीमाइक्रोबियल गतिविधि (antimicrobial activity) पाई जाती है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं होता कि वे सीधे पीने, खाने या चिकित्सा के लिए सुरक्षित और प्रभावी सिद्ध हो जाते हैं। किसी पदार्थ को दवा मानने के लिए कठोर प्रीक्लिनिकल और क्लिनिकल परीक्षण आवश्यक होते हैं।
भारत जैसे देश में, जहाँ अभी भी वैज्ञानिक साक्षरता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करने की आवश्यकता है, संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच से इस प्रकार के अधूरे या भ्रामक दावे करना लोगों में भ्रम और अंधविश्वास को बढ़ावा मिलेगा । सार्वजनिक जीवन में वैज्ञानिक विषयों पर चर्चा हमेशा उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों और तथ्यों के आधार उस विषय के एक्सपर्ट को करनी चाहिए न कि प्रोपेगंडा के लिए भाषण बाजी करना चाहिए।
#Opinion | India's biggest experiment isn't happening in a laboratory. It's happening at fuel pumps, with 1.4 billion people as the sample. Welcome to the world's biggest fuel trial, where every Indian motorist is unwillingly, a participant.
Read in detail: https://t.co/uaPj22Rrm3
✍️ @yudhajit
20-20 घण्टे रातों में जागकर बिहार के स्वास्थ्य विभाग की सारी फाइलें पढ़ चुके हैं निशांत कुमार-बिहार में सरकारी अस्पताल में डॉक्टर एक-एक डिटेल में खुद सबकी फाइल पढ़ चुके हैं कहां क्या समस्या है
Nishant Kumar का फ़िर दिखा नया अवतार !
15,000 CCTV कैमरे लगेंगे, सॉफ्टवेयर डेवलप होगा। डॉक्टर की एक-एक मूवमेंट की ट्रैकिंग होगी।
एक दिन में कितना ऑपरेशन किया, कितना राउंड लगाया, और मैं खुद एक-एक जगह जाऊंगा। कैमरों से भी मॉनिटरिंग करूंगा।
ये Nishant Kumar करना क्या चाहते हैं, भाई?
बिहार का Health System सुधारने का ठेका ले लिया है क्या?
बिहार के Medical Mafia के सामने कितना दिन तक टिक पाएंगे?
Nitish Kumar ने अपने बेटे को सबसे बड़ा Mafia वाला Ministry दे दिया है।
Nishant Kumar अगर इससे निपट लेंगे, तो 2030 में Nishant Kumar को कोई रोक नहीं सकता। वह सबको चौंका देंगे।
Nishant Kumar इतना विस्तार से बिहार के Health Sector पर ध्यान दे रहे हैं, काम कर रहे हैं, और एक भारत का Health Minister है, जो सिर्फ साहब को चाय पिलाता है।
70% भारतीयों को उसका नाम भी नहीं पता होगा। India का Health Minister कौन है? बिना Google किए हुए बताओ !
निशांत कुमार ने पहले दिन मंत्रालय में आने के बाद बोला था अभी नया हूं पहले देखूंगा सीखूंगा उसके बाद कुछ बोल सकता हूं Thankyou !
Khan Sir अब मुसलमान हो गए हैं,क़ानून व्यवस्था के मसले पर नफरती लोगों को मौका मिल गया। TV चैनल तो ऐसे लिख रहे हैं…फैसल खान के ठिकानों पर छापेमारी।
ठिकानों पर…वाह! दो-चार दिन में ISI से संपर्क भी खोज लाएंगे सूत्र। हजारों बच्चों की उम्मीद Khan Sir को नहीं छोड़ा तो किसी और की क्या बिसात!
अंतत: रिया चक्रवर्ती आधिकारिक रूप से हर जांच एजेंसी से बरी कर दिया गया। सीबीआई ने भी। ठीक पांच साल इसी बिहार चुनाव से पहले माहौल बनाने के लिए जिस तरह रिया चक्रवर्ती के साथ मॉब-सिस्टम-टीआरपी- लिचिंग की गयी थी वह एक काला अध्याय है।
टीआरपी के चक्कर में सुशांत की मौत काे बेचने के लिए एक परिवार को किस तरह परेशान,जलील किया गया,वह मीडिया के इतिहास का में सबसे धब्बे अध्याय के रूप में पढ़ा जाएगा।
यह मामला टीवी प्रोपेगंडा और “एजेंडा “ के लिए किसी को टारगेट करने का सबसे घिनौने मिसाल में एक है । खैर इतनी तमीज तो नहीं होगी कि रिया चक्रवर्ती से कोई माफ़ी माँगेंगे लेकिन इतिहास में यह टीवी न्यूज़ के सबसे काले चैप्टर में एक होगा । पत्रकारिता के इतिहास में इस केस की मिसाल दी जाएगी कि इस पेशे में कोई कितना गिर सकता है।
जिस परिस्थिति में सोशल-मीडिया-पॉलिटिकल लिंच के बीच रिया ने खुद को मजबूत रखा, संयम और ग्रेस से हालात का सामना किया वह बेमिसाल था।टूटना रिया के सामने सबसे आसान विकल्प था लेकिन उसने कठिन विकल्प चुना।मजबूती से
"काला जादू करने वाली डाइन", "रिया तूने क्यों मारा" जैसे शब्दों से देश के जनमानस में यह बात डाल दी गयी कि रिया ने ही सुशांत को मारा। बिना किसी सबूत या सब्सटेंस के। क्योंकि किसी को रिया पसंद नहीं था। सिस्टम-मीडिया को यूज करने की यह अब तक की सबसे बड़ी मिसाल है और इनके बीच मजबूत टिके रहने के जज्बे की भी जो सालों तक याद रखा जाएगा
I am experiencing unjust deductions in my electricity bill after smart meter installation
1. Billing Error on 30 Jan:
Opening Balance: ₹810.53
Total Deduction: ₹22.12
Expected Balance: ₹788.41
Actual Balance: ₹647.05 (₹141.36 missing!)
@SEVA_NBPDCL@BiharEnergy@dm_vaishali
फ़िल्म समीक्षा #12thFail
मध्य प्रदेश का एक आदमी अपने ऊपर पेशाब कर देने पर भी विरोध नहीं कर पाता पर उसी राज्य के मनोज शर्मा का बाप अपने अफ़सर को चप्पल से पीट देता है, निलंबन की खबर देने आए डाकिए को उसका भाई धमका देता है, उसकी दादी लाइसेंसी बंदूक़ से उस पर फ़ायरिंग कर देती है, मनोज का भाई एमएलए के चमचे को चप्पल से पीट देता है, मनोज जिस लाइब्रेरी में काम करता है, उसके मैनेजर को चप्पल दिखा देता है, टहलते हुए वह रात में कभी डीएसपी तो कभी पिछले आईएएस टॉपर और अब बड़े अफ़सर के घर में घुस जाता है और आपको लगता है कि ये सामान्य बात है।
मनोज शर्मा का नाम मनोज मौर्या या मनोज यादव या मनोज मीणा या मनोज गुर्जर या मनोज जाटव रख दीजिए। #12thFail फ़िल्म नहीं बन पाएगी।
No video evidence of anti India slogans at India match in Sri Lanka: the video with such slogans on social media is doctored. Only Kohli Kohli chants were genuine. Fact check: https://t.co/NjKQIjoOBk
लूट का है अमृतकाल..मुनाफाखोर सरकार,
रोज़ बढ़ाए मंहगाई और बेरोजगारी की मार !
एक साल में तेल कंपनियों का मुनाफा-
▪️₹1000000000000 (एक लाख करोड़ रु.) का..
#PetrolDieselPrice में दाम में कटौती-
▪️₹1 (एक रु.) की भी नहीं !
▪️ मोदी सरकार में तेल कंपनियों का मुनाफा- तीन गुना🔺... मगर जनता को राहत - ज़ीरो क्यों ?
▪️एक साल में कच्चा तेल 35% 🔻सस्ता, फिर भी पेट्रोल/डीजल अब भी महंगा 🔺 क्यों?
भाजपा मतलब- लूट की गारंटी !