हमेशा सब व्यक्तिगत न सोच के समाजिक भी सोचना चाहिए किसी को गुमराह और झूठा नही बनाना चाहिए ।जिससे आपके बाद लोग आपको बुरा न कहे क्योकि सब कुछ पैसा नही।😘😘😘😘
#Justiceforschoolschildren
सरकार 50 से कम छात्रों वाले स्कूलों को बंद करके ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है ।साथ ही 149 तक की छात्र संख्या वाले प्राथमिक एवं 99 तक की संख्या वाले उच्च प्���ाथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद समाप्त कर रही है अर्थात् अब स्कूल बिना हेड मास्टर के चलाने की योजना है,जिससे शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर ही समाप्त हो गए हैं ।स्कूल बंद होने से हजारों रसोइयों की सेवा समाप्त होगी साथ ही भविष्य में शिक्षक बनने की उम्मीद लगाये बैठे DelEd/बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की भर्ती नहीं हो पायेगी ।
प्रत्येक तिमाही पर रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह पर गर्व करने वाली सरक��र को इस प्रकार का निर्दयी /कठोर निर्णय वापिस लेना चाहिए ।
हमारी माँग है कि कोई भी विद्यालय बंद न किया जाये ।यदि सरकार वास्तव में शिक्षा का हित चाहती है तो प्रत्येक कक्षा पर एक सहायक अध्यापक एवं प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक अनिवार्य रूप से नियुक्त किया जाये ।
सरकार के इस निर्णय से प्रभावित सभी साथियों से अनुरोध है कि 8 जुलाई को संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर प्रस्तावित धरने में उपस्थित होकर अपनी मांगों का समर्थन करें ।
जैसे आज BSNL याद आ रहा है कल सरकारी स्कूल भी याद आएँगे जब प्राइवेट स्कूल की फ़ीस आसमान छुयेगी...
स्कूल बंद करने का आदेश वापस लो
और कृपया सब लोग 1 ट्वीट करो
कस के जोर लगाओ एक घंटे के लिए साथियों।
#SaveVillageSchool
गरीब मां बाप के बच्चे भी शिक्षित हो इसके लिए सरकारी स्कूल सृजित किए गए
लेकिन यूपी में 27000 से ज्यादा सरकारी स्कूलों मर्ज करने का फैसला एक तानाशाही फैसला है।
जिसे तुरंत वापस ले योगी सरकार।
✊आज का ट्विटर हैशटैग✊
#savevillageschools
*बीएसए ने की हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना*
*यूटा जिलाध्यक्ष की अवमानना याचिका पर न्यायालय ने बीएसए को किया नोटिस जारी*
उ*हाईकोर्ट की चेतावनी-एक माह में अनुपालन कर नहीं दिया शपथपत्र तो होगी कार्यवाही*
*दैनिक सत्ता एक्सप्रेस*
*दिबियापुर/औरैया*
▪️द्वेष भावना से जारी यूटा के मण्डल अध्यक्ष के बर्खास्तगी आदेश को हाईकोर्ट ने किया निरस्त
▪️शिक्षकों ने खुशी जताई, बोले-सत्य परेशान हो सक��ा है पराजित नहीं
लक्ष्मण यादव दलित बस्ती मे दलितो के मंच पर जाता है अम्बेडकरवाद और बुद्ध के विचार बताने जो दलित खुद जागरूक है। लेकिन खुद के यादव समाज के बीच नही जाता जो यादव समाज सबसे ज्यादा जातिवाद ओर दलितों का शोषण करता है। क्योंकि प���ा है यादव उसकी पिलाई कर देंगे।