भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशियों का वास हो।
आप सभी श्रद्धालुओं को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🙏💐
जय श्री कृष्ण! 🦚💙
#janamastmi#KrishnaBlessings
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🙏🌼
गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
गुरुओं का आशीर्वाद आपके जीवन में ज्ञान, सद्बुद्धि, सफलता और उज्ज्वल भविष्य का प्रकाश फैलाए। शुभ गुरु पूर्णिमा!
#GuruPurnima
@narendramodi छात्रों ने रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा की मांग की, जवाब में मिली लाठियाँ। क्या यही लोकतंत्र है, @narendramodi जी? युवाओं की आवाज़ को दबाने से सवाल खत्म नहीं होंगे।
@narendramodi@narendramodi जी, बार-बार होने वाले पेपर लीक आपकी सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत बन चुके हैं। लाखों युवाओं की मेहनत और भविष्य से लगातार खिलवाड़ हो रहा है। जंतर-मंतर पर बैठे छात्रों की आवाज़ दबाने के बजाय दोषियों को सज़ा दीजिए और जवाबदेही तय कीजिए। युवा अब जवाब मांग रहा है।
@dpradhanbjp@RahulGandhi@INCIndia पेपर लीक के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों? क्या अपने भविष्य की बात करना अब अपराध है, @narendramodi जी? युवाओं को न्याय चाहिए, डंडा नहीं।
@narendramodi पेपर लीक के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों? क्या अपने भविष्य की बात करना अब अपराध है, @narendramodi जी? युवाओं को न्याय चाहिए, डंडा नहीं।
@narendramodi@kharge पेपर लीक के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों? क्या अपने भविष्य की बात करना अब अपराध है, @narendramodi जी? युवाओं को न्याय चाहिए, डंडा नहीं।
पेपर लीक रोकने में विफलता, और विरोध करने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज। जवाबदेही किसकी होगी, @narendramodi जी? लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं है। #StudentsProtest#PaperLeak
छात्रों ने रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा की मांग की, जवाब में मिली लाठियाँ। क्या यही लोकतंत्र है, @narendramodi जी? युवाओं की आवाज़ को दबाने से सवाल खत्म नहीं होंगे। #PaperLeak#StudentsProtest@BJP4India
पेपर लीक के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों? क्या अपने भविष्य की बात करना अब अपराध है, @narendramodi जी? युवाओं को न्याय चाहिए, डंडा नहीं।
#StudentRights#paperleak
लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में
यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है
जो आज साहिबे मसनद हैं कल नहीं होंगे
किराएदार हैं ज़ाती मकान थोड़ी है
सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में
किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़ी है
~ राहत इंदौरी
(ज़द: चपेट, साहिबे मनसद: सिंहासन पर बैठने वाला)