"संसद में आरक्षण का ढोंग रचाते हैं,
और छत्तीसगढ़ में बेटियों को नियुक्ति के लिए तरसाते हैं!"2300 सहायक शिक्षक पद पर कोर्ट का ऑर्डर होने के बाद भी ताला क्यों?
मुख्यमंत्री जी, विज्ञापनों से बाहर निकलिए। महिला आरक्षण का ढोंग बंद करिए और कोर्ट के आदेश का सम्मान कीजिए
छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र में शिक्षामंत्री ने 1300 पद खाली की जानकारी दी थी
लेकिन अब वे बोल रहे है कि इन पदों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, तो सवाल यह है कि ढाई महीने में ही 1300 पोस्ट कहा गया उसे जमीन निगल गई या आसमान खा गया?
-छत्तीसगढ़ की डीएड अभ्यर्थी।
@OPChoudhary_Ind@narendramodi ‼️#डीएड की मांग जायज है मंत्री जी ये आप भी जानते है, फिर भी उनको यूं तड़पाना क्या सही है, उनकी भी परिवार है जो आपके एक दया दृष्टि के लिए आपकी ओर देख रहे है, कृपया न्याय कीजिए,#डीएड को नियुक्ति दिलाए🙏
यह सरकार है हिटलरशाहों का साम्राज्य..?
सिर्फ अपने हक़ का जवाब सुनने पहुँचे डीएड अभ्यर्थियों को विधानसभा की दहलीज़ से ही घसीटकर जेल भेजा जाना भाजपा सरकार के हिटलरशाही रवैये को दिखाता है।
क्या अब अपने भविष्य के संबंध में जवाब सुनने के लिए विधानसभा जाना भी जुर्म है?
जोगी बने मोदी, याद दिलाई गारंटी ।।
आमरण अनशन पर बैठे D.Ed साथियों के अधिकारों के लिए और रिक्त पदों पर भर्ती के लिए, ‘मोदी की गारंटी’ याद दिलाने एक प्रयास…. अब तूता, नवा रायपुर जा रहा हूं, D.Ed के साथियों के साथ अनशन पर बैठने।
भाजपा साय सरकार से हाथ जोड़कर करबद्ध निवेदन है. डी.एड सहायक शिक्षक को नियुक्ति दीजिए 🙏🙏
हम भी आपके ही छत्तीसगढ़ के बच्चे हैं🙏🙏😭😭
सहायक शिक्षक पद के रिक्त 2300 पदों पर नियुक्ति के लिए 24 दिसंबर से आमरण अनशन बैठे हुए हैं 80 से अधिक अभ्यर्थी हॉस्पिटल रेफर किया गया है क्या सरकार किसी प्रकार का अनहोनी होने के बाद सूद लेगी
@SanjayKuma38469@HMOIndia@aajtak@INCIndia@PMOIndia@vishnudsai साय सरकार कम पढ़े लिखे लोग की पार्टी है और डीपीआई के लोग भी अनपढ़ है आंदोलन वाले को अपात्र बोलते हैं अच्छे से पढ़ लो कि सहायक शिक्षक के लिये क्या योग्यता है सभी 12 वीं पास टेट पास है डीएड /डी एल एड पास है भर्ती परीक्षा भी दिए हैं उसमें भी अच्छे नंबर है लेकिन बीएड वाले क
#हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना के विरोध में 2300 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर 24 दिसंबर से डीएड अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन,
👉छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति न देने के विरोध में 24 दिसंबर 2025 से रायपुर के तूता धरना स्थल पर डीएड अभ्यर्थी का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।
आज आमरण अनशन का 11वां दिन है।
लगातार 11 दिनों से अनशन पर बैठे रहने के कारण 70 से अधिक अभ्यर्थियों की तबीयत गंभीर हो चुकी है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है वर्तमान बीजेपी सरकार बोलते है की बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ लेकिन अब बेटियों को पढ़ाने के बाद बेटियो को रोड़ पर लाओ नारा बीजेपी को अपने स्लोगन में जोड़ना चाहिए
👉क्या है पूरा मामला संक्षेप में
👉मार्च 2023 में राज्य सरकार ने सहायक शिक्षक के 6285 पदों का विज्ञापन जारी किया, जिसमें डीएड एवं बीएड और नॉन डीएड नॉन टीईटी पास दोनों को प्राथमिक शिक्षक के लिए फॉर्म भराया गया
👉इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
👉10 जून 2023 को व्यापम के माध्यम से परीक्षा कराई गई।
👉02 जुलाई 2023 को परिणाम घोषित हुआ।
👉11 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट आदेश आया जिसमे बीएड योग्यता रखने वाले को प्राइमरी स्कूल से अपात्र कर दिया उसके बाद भी राज्य सरकार चार चरणों की काउंसलिंग में 5301 पदों पर बीएड को नियुक्ति दी गई,जिसमें 2897 बीएड अभ्यर्थी शामिल किया गया जिसमे इनकी नियुक्ति पत्र में लिखा था की आपकी नियुक्ति हाई कोर्ट के अंतिम फैसला के अधीन रहेगा, जबकि 984 पदों की काउंसलिंग नहीं कराई गई।
👉न्यायालय के स्पष्ट आदेश
👉02 अप्रैल 2024 को हाईकोर्ट बिलासपुर ने आदेश दिया कि बीएड अभ्यर्थी प्राथमिक शिक्षक के लिए अपात्र हैं और उनके स्थान पर डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाए।
👉इस आदेश को राज्य सरकार और बीएड अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
👉28 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराया और स्पष्ट निर्देश दिया कि,बीएड अभ्यर्थियों को प्राथमिक विद्यालय से हटाकर 6285 पदों पर डीएड पात्रता रखने वाले का मेरिट सूची को रिअरेंज कर सभी पदों पर डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाए।
👉सरकार की लापरवाही
👉31 दिसंबर 2024 में केवल 2621 बीएड अभ्यर्थियों को बर्खास्त किया गया। और डीएड पात्रता रखने वाले का मेरिट सूची को बिना रिअरेंज कर के विभाग ने पांचवां चरण (5th Counseling) 1:1 में अत्यंत त्रुटिपूर्ण तरीके से कराया, बिना दस्तावेज़ सत्यापन के सीधे स्कूल आवंटन कर दिया। जिससे डीएड और टीईटी योग्यता न रखने वाले अभ्यर्थी काउंसलिंग मे शामिल नही हुआ जिससे 1316 पद रिक्त रह गया विभाग बोल रहे है सरकार और विभाग जिसको सर्वोच्च न्यायालय ने बाहर किया उसको 2621 को विज्ञान प्रयोगशाला में असंवैधानिक रूप से समायोजन कर दिया और जिसके साथ सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय किया वह आज तक रोड पर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं इससे सरकार की दोहरा नीति दिखाई दे रहा है
👉परिणामस्वरूप:
केवल 1299 डीएड अभ्यर्थी ही पात्र पाए गए
1316 पद रिक्त रह गए, क्योंकि कई लोगों के पास डीएड/टीईटी की योग्यता नहीं थी
इसके अतिरिक्त, 984 पद ऐसे हैं जिन पर आज तक किसी भी चरण में काउंसलिंग नहीं हुई। उसके बाद 2300 पद रिक्त रहते हुए भी विभाग के पास 4 महीने का समय रहते हुए भी 2300 पद के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया प्रारंभ नहीं करने पर डीएड अभ्यर्थी पुनः हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिसमें हाई कोर्ट बिलासपुर ने
👉26 सितंबर 2024 को राज्य सरकार को दो महीने के भीतर 2300 शेष पदों पर नियुक्ति करने का आदेश दिया। डीएड अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का आदेश का पालन न करने और तीन बार सर्वोच्च न्यायालय का आदेश होने के बाद भी न्यायालय के आदेशों की लगातार अवहेलना, विभागीय उदासीनता और भविष्य अंधकारमय होते देख समस्त पात्र डीएड अभ्यर्थी 24 दिसंबर से आमरण अनशन पर बैठने को विवश हुए हैं। आज 10वा दिन में 4 अभ्यर्थियों का तबीयत काफ़ी नाजुक है
👉कुल 2300 सहायक शिक्षक पदों (1316 रिक्त + 984 कभी काउंसलिंग न हुए पद) पर
तत्काल छठवें चरण (6th Counseling) की प्रक्रिया प्रारंभ कर सभी पात्र डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
👉चेतावनी
यदि शीघ्र ही शासन द्वारा न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की होगी।यह आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक,शांतिपूर्ण और न्याय आधारित है।
समस्त पात्र डीएड अभ्यर्थी
डीएड अभ्यर्थियों का आमरण अनशन 10 दिन भी जारी 2300 सहायक शिक्षक भर्ती के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने के लिए जारी अभी तक 80 से अधिक लोगों का तबियत बिगड़ी लेकिन शासन प्रशासन सूद लेने तक नही आया