🚨 Message from Shiva Gopal Mishra Ji
Shiva Gopal Mishra Ji has clarified that rumours about stopping pensions or denying pension revision to certain retirees are completely baseless. Pensioners can remain assured that pensions will continue regularly, with improvements being discussed with the 8th Pay Commission. #8thpaycommission
Will a human do this? Pl watch this video from a Pakistani channel ! Will any " Islamic Scholar" comment on it ?
@khanumarfa ? @thewire_in dare to do a story?
2047 तक भारत एक इस्लामिक राष्ट्र बन जाएगा — ऐसी सोच वाले लोग का समर्थन करने वाले दल देश में सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं 24 में , क्या इस देश के सनातनी जगेंगे ? अगले 25 वर्षों का संकल्प लेना होगा की देश में सिर्फ़ सनातनी सरकार रहेगी वैसे भी अगले 10 वर्ष तक मोदी जी के नेतृत्व में सनातन की ज़मीन और उर्वरक हो जायेगी । मृत राष्ट्र में रहना मंज़ूर होगा लेकिन “इस्लामिक राष्ट्र “ नहीं
अपने दो दत्तक पुत्र “ नेहरू और जिन्ना “ को समझाने में नाकाम रहे महात्मा गांधी और उनकी इक्षा के विरुद्ध भारत का विभाजन धार्मिक आधार पे हुआ , गांधी जी कांग्रेस को विभाजन के बाद समाप्त करना चाहते थे - नहीं हुआ , ये गांधी जी की कमजोरी थी या मौजूदा व्यवस्था के प्रति विरक्ति ??? उन्होंने अपने आप को अलग कर लिया , विभाजन के पहले वाले संविधान को ही मूलतः संविधान मान लिया गया क्योंकि नेहरू को पसंद था नहीं तो विभाजन के बाद भारत को तार्किक तौर पे “ हिंदू राष्ट्र “ होना चाहिए था जिसके समर्थन में अधिकांश कांग्रेस के नेता थे , अगर पटेल साहब की मृत्यु 1950 में नहीं हुई होती तो भारत आज हिंदू राष्ट्र होता । एक नेहरू की सोच ने देश के सामाजिक और सांप्रदायिक सोच को दूषित कर दिया , अब समय बदलाव का हैं ।
· महासेतु मामले की जांच सीबीआई से भी करायी जाए
· बालासोर रेल दुर्घटना की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त के अलावा सीबीआई को भी सौंपना एक अच्छी मिसाल
· निर्माण में अनियमितता, प्रशासनिक लापरवाही, कमीशनखोरी की जांच नहीं कर सकती तकनीकी समिति
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जब बालासोर रेल दुर्घटना की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त के अलावा सीबीआई से भी करायी जा सकती है, तो बिहार में निर्माणाधीन महासेतु के बार-बार ढहने की जांच भी तकनीकी कमिटी की जांच के साथ-साथ सी बी आई से भी करायी जा सकती है।
श्री मोदी ने कहा कि महासेतु के डिजाइन में गलती थी या नहीं, इसकी जांच तो तकनीकी विशेषज्ञ ही करेंगे, लेकिन ऐसे कई सवाल हैं, जिनकी जांच वे नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में इतनी देर क्यों हुई, जिससे इसका बजट 600 बढाकर 1710 करोड़ रुपये करना पड़ा? किनको लाभ पहुंचाने के लिए निर्माण में लापरवाही बरती गई?
श्री मोदी ने कहा कि महासेतु निर्माण में अनियमितता, प्रशासनिक लापरवाही, भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को राजनीतिक संरक्षण देने जैसे मामले की जांच सीबीआई ही कर सकती है।
उन्होंने कहा कि जब पुल का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने किया और वे ही इसके निर्माण की मानीटरिंग कर रहे थे, तब कहाँ गलती हुई, इसकी जांच तकनीकी कमेटी कैसे कर सकती है?
श्री मोदी ने कहा कि जिस एजेंसी की गलती से महासेतु के पाये बार-बार ढहते रहे , उसी एजेंसी से नया पुल बनाने की बात सरकार कैसे कह सकती है?
उन्होंने कहा कि क्या निर्माण एजेंसी से इस बात का करार हुआ है कि पुल गिरने या निर्माण में गड़बड़ी पाये जाने पर नया पुल भी उसे ही बनाना पड़ेगा? यदि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ, तो पहले वाली एजेंसी से नया महासेतु कैसे बनवाया जा सकता है?
श्री मोदी ने कहा कि अब अगर नया पुल बनेगा, तो फिर नौ साल लगेंगे और इसका बजट भी 3000 करोड़ तक बढ़ सकता है। उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
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· प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा पूरी करने की भेंट चढा पुल
· महासेतु शिलान्यास के समय मुख्यमंत्री ही पथ निर्माण विभाग के भी मंत्री थे, टेंडर भी उन्हीं के समय
· पुल का हिस्सा ढहने की जाँच बाहरी टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी से करायी जाए
· पथ निर्माण विभाग में वर्षों से जमे प्रधान सचिव को जाँच से अलग रखे सरकार
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने की नीतीश कुमार की महत्वांकाक्षा पूरी करने की चक्कर में भेंट चढ़ गया 1710करोड़ का महासेतु।
श्री मोदी ने कहा कि कुछ लोगों की प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा पूरा करने के लिए निर्माण विभाग के ठेकेदारों को पहले से ज्यादा चढ़ावा देना पड़ रहा है, जिससे हर निर्माण में कम और घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है।
श्री मोदी ने कहा कि अगुवानी-सुल्तानगंज महासेतु के शिलान्यास के समय मुख्यमंत्री ही पथ निर्माण विभाग के भी मंत्री थे और पुल का टेंडर भी उन्हीं के समय हुआ था।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जब लगातार पुल निर्माण की मानीटरिंग कर रहे थे, तब आज किससे पूछ रहे हैं कि काम अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ?
उन्होंने कहा कि महासेतु का हिस्सा बार-बार ढहने के मामले की जाँच किसी बाहरी टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी से करायी जानी चाहिए।
श्री मोदी ने कहा कि पथ निर्माण विभाग में लंबे समय से जमे प्रधान सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को पुल संबंधी जाँच प्रक्रिया से बिल्कुल अलग रखा जाए।
श्री मोदी कहा कि यदि पुल का डिजाइन गलत था, तो उस पर काम करने की स्वीकृति किसने दी?
उन्होंने कहा कि नौ माह पहले सुल्तानगंज महासेतु का पाया ढहने पर भी समीक्षा हुई थी, लेकिन पूरे मामले पर लीपापोती हो गई। आइआइटी रुड़की की टीम को जांच करने में कई महीने क्यों लग गए?
श्री मोदी ने कहा कि हमने पूरे मामले पर जो सवाल उठाये, उनमें से किसी का जवाब सरकार नहीं दे पायी।
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देखिए पहले ही जदयू विधायक ने महागठबंधन के महाभ्रष्टाचारी सरकार को चेताया था।
विधान सभा के पटल पर @yadavtejashwi जी ने भागलपुर-खगड़िया पुल पर सरासर झूठ बोला है। अगर यह सबकुछ निरीक्षण में हो रहा था तो पूरी जिम्मेदारी से अब इस्तीफा देना चाहिए।
#BridgeCollapse#Corrupt_Thagbandhan
तो मनीष कश्यप की रिपोर्ट जो चौदह महीने पहले की थी, जब भाजपा सरकार साथ में थी, सत्य निकली। यही कारण है कि स्थानीय पत्रकारों से सत्ता को सदैव डर लगा रहता है।
निर्माण एजेंसी को भी क्यों दोष देना हैं ? 20% की जगह जब 40% देना पड़ेगा तो अच्छी डिज़ाइन और निर्माण सामग्री कहाँ से देंगे ? 40% लेने वाले की भी क्या गलती हैं ? पीएम बनना हैं , चार्टर्ड प्लेन से घूमना हैं - पैसा कहाँ से आएगा ? सबकी समस्या हैं भाई , वैसे पीएम बनने का खर्च बिहार पे
सेंट्रल विस्टा सिर्फ़ सिर्फ़ 836 करोड़ का प्रोजेक्ट है समय से पहले काम पूरा हुआ और पूरे देश का संसद बन कर देश कि गौरव बढ़ा रहा है है
दूसरी तरफ़ कुसाशन बाबू गंगा पर पिछले 8 साल से एक पुल नहीं बना पा रहे, 1716 करोड़ रुपये गंगा जी में बहा दिये और “और इनको प्रधानमंत्री बनना है”
और सेंट्रल विस्टा पर हो हल्ला करने वाले एक सवाल नीतीश जी से नहीं पूछ रहे क्यूँ ?? ललन सिंह से जाकर कोई पूछ ले के नई संसद में तो नहीं बैठना था उनको नये पुल पर पैराशूट लेकर उड़ना चाहेंगे क्या ???
#NitishKumar
#BhagalpurBridge
#BhagalpurBridgecollapse
After losing POK & Aksai Chin in wars with Pakistan & China, Nehru ji didn’t resign.
After selling India to KGB, Indira ji didn’t resign.
After being convicted, Indira ji didn’t resign.
After Bhopal tragedy, Rajiv ji didn’t resign.
After Mumbai attacks, Manmohan ji didn’t resign.
फोटो में जो महिला दिख रही है ये पाकिस्तान की पत्रकार है।
"अटल बिहारी वाजपेई जी" से इस महिला ने कहा अगर आप मुंह दिखाई में कश्मीर दो तो मैं आपसे शादी करने के लिए तैयार हूं।
अटल जी ने कहा मंजूर है लेकीन....
मुझे दहेज में पुरा पाकिस्तान चाहिए।
ये सुनकर पुरा पाकिस्तान हिल गया था।
बालासोर ट्रेन हादसे पर कुछ मूर्खों द्वारा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की मांग करना कहाँ तक जायज है ?
भारत के अब तक के 2 सबसे बड़े रेल हादसे ममता बनर्जी के रेल मंत्री रहते हुए और एक एक बड़ा हादसा नीतीश कुमार और लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए किसी ने इस्तीफा नहीं दिया
हां यह जरूर है कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने एक दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना पद छोड़ दिया था लेकिन तब का जमाना अलग था उस वक्त विपक्ष के नेताओं ने भी मांग किया था कि लाल बहादुर शास्त्री जी अपना इस्तीफा वापस ले उनको इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है
अब आते हैं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कैरियर पर
अश्विनी वैष्णव के लिए रेल मंत्री का पद बहुत छोटा है मूर्खों
अश्विनी वैष्णव आईआईटी कानपुर से एमटेक में अपने बैच के टॉपर रहे हैं आईएएस में यह अपने बैच में 12 में नंबर के टॉपर थे प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव तक रहे हैं अमेरिका की व्हाटर्न यूनिवर्सिटी में यह एमबीए में टॉपर रहे हैं
आईएएस की नौकरी इन्होंने छोड़ दिया था और आईएएस जैसी नौकरी जिसमें व प्रधानमंत्री के निजी सचिव थे उस से इस्तीफा देकर अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी के एमडी बने फिर विश्वविख्यात कंपनी सीमेंस के स्ट्रैटेजिक डायरेक्टर बने उसके बाद उन्होंने अपना खुद का आठ कंपनी शुरू किया उड़ीसा और गुजरात में इन्होंने ऑटो और मिनरल्स, आयरन आक्साइड की कंपनी खोली और इनकी कंपनी आज 6 हजार करोड़ का टर्नओवर कर रही है फिर यह एक सेमिनार में नरेंद्र मोदी से मिले और जब नरेंद्र मोदी ने इनका पूरा बायोडाटा देखा तब उन्होंने कहा कि आप रेल मंत्री बनिये क्योंकि मुझे भारत में रेलवे को बहुत आगे लेकर जाना है रेलवे में बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन करना है हाई स्पीड रेलवे और बुलेट ट्रेन जैसी परियोजना शुरू करनी है
और फिर इन्होंने अपनी ही बनाई कंपनी को दूसरे डायरेक्टर के हवाले कर के रेल मंत्री का पद लिया
एक रेल मंत्री के तौर पर जितनी इनकी सरकारी सैलरी होगी उससे ज्यादा सैलरी इनकी कंपनी के कई एम्पलाई ले रहे हैं
#IStandwithAshwiniVaishnaw
#IndianRailways