Great service given at Delhi Airport, hassle free movements and customer / people centric approach of all CISF personal at T3. It was a genuine great experience with @CISFAirport CISF personnel remain alert round the clock to prevent any security threat. Salute to them. Jai Hind
Bro is Kishan Nayak, a sitting BJP councillor from Agra
His ward people were facing issues related to water logging and drainage
So bro lodged complaint with higher authorities ruled by BJP. Not once or twice but 12 times.
Still they ignored his complaints. Even local BJP MLA & MP didn’t do anything.
Tired of excuses, bro protested by celebrating his birthday by standing on a drainage with full media
Bro didn’t care about what action BJP will take, bro didn’t worry about ED. Bro stood for his own people.
Bro is a good man in a wrong party. Be like bro.
Dear CHRO @HDFC_Bank Mr Naik, my two questions ;
1) When the annual increment n yearly bonuses of the eligible employees of @HDFC_Bank have been officially declared in April, then why it is taking a full quarter to update the system n release it with June salary.
2) Today is a official holiday of Muharram n despite that your BBH ( East ) Anil Khugshal, Regional Head Deepak Singh
and Cluster Heads ( CH’s ) are calling BMs and RMs for business numbers. Why ?
cc @GPTW_India
HDFC BANK FRAUD
An FIR should immediately filed against HDFC Bank and Sashidhar Jagdishan (MD & CEO)
This looks like a clear case of bribery which has to be investigated immediately and that too in detail by the investigating authorities of the government.
With a greed of get bank deposits, if a bank with repute, indulges in giving EXTRA money, it CANT be INTEREST paid to MSRDC, this maybe a bribe given to officials by routing it through vendors by showing a bogus Road Safety Campaign.
1. It needs to be verified whether the payments through the vendors were made in cash or through digital transfer.
2. The accounts in which the money must have been sent may not be of MSRDC… to my mind, it may be the officials…. It should be made PUBLIC.
FILE FIR IMMEDIATELY
Extremely good report by Sandeep Singh - Indian Express @Tweetsandeep@IndianExpress
@Adani_Gas Total mismanagement at almost all the CNG pump in Faridabad. Almost at every CNG pump hardly 2-3 nozzles are working. No queue management.
Right now I'm at Sector 20 A Faridabad CNG Station. Situation at here is worse. Only 2-3 employee are working. Total chaos.
@cmohry मुख्यमंत्री जी हमारे पास 2.5 बीघा जमीन है जिसे सरकार ने 2.5 एकड़ हमारी फैमिली आई डी में दिखाकर हमारा बी पी एल राशन कार्ड कार्ड काट दिया है मेरी विनम्र विनती है कि हमें 2.5 एकड़ जमीन दे दी जाए हमे राशन कार्ड की कोई जरूरत नहीं रहेगी|
>> टीम @khurpenchh अब सीधे टकराव में है — Food Safety and Standards Authority of India के उन अफसरों से, जो कुर्सी बचाने के लिए कर्तव्य से भाग रहे हैं।
> ये लड़ाई फाइलों में पड़ी शिकायतों की नहीं है।
> ये लड़ाई नाम, साइन और नतीजों की है।
>> जो आँख मूँदकर लाइसेंस बाँट रहे हैं, जो बिना देखे मंज़ूरी दे रहे हैं, जो काग़ज़ पर “फूड सेफ्टी” और ज़मीन पर ज़हर बिकने दे रहे हैं— अब उनके लिए चुप्पी का समय खत्म हो चुका है।
>> अब आपकी भागीदारी विकल्प नहीं, जिम्मेदारी है।
आज अगर आप नहीं बोले, तो कल आपकी ही औलाद
नकली पनीर, मिलावटी घी, केमिकल वाली मिठाइयाँ,
पाम ऑयल से भरी चीज़ें और ज़हरीली सब्ज़ियाँ खाकर
अस्पतालों की लाइन में खड़ी होगी।
⚠️ देश तेज़ी से कैंसर की अंतरराष्ट्रीय राजधानी बनने की ओर बढ़ रहा है— और सिस्टम अभी भी “सब ठीक है” की मुहर लगा रहा है।
>> टीम खुरपेंच
लाइसेंस, सैंपल रिपोर्ट, निरीक्षण फाइलें,
बजट, मंज़ूरी और साइन— हर परत को उधेड़ रही है।
👉 डेटा सार्वजनिक होगा।
👉 फैसलों के पीछे बैठे नाम सामने आएँगे।
👉 बताया जाएगा किसने क्या साइन किया,
किस कीमत पर किया,
और उसके बदले कितनी ज़िंदगियाँ दांव पर लगीं।
>> जो पैसा लेकर मुहर लगाते रहे, जो काग़ज़ों में सुरक्षा और हक़ीक़त में ज़हर बेचने देते रहे— अब बेनकाब होंगे।
👉🏻 यह अपील नहीं है। यह चेतावनी है।
>> या तो आज सवाल उठेंगे, या कल सिस्टम लाशों की गिनती करेगा।
माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री JP Nadda जी,
Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) आज पूरी तरह निष्प्रभावी और नाकाम दिखाई दे रही है। देश में बिकने वाले लगभग हर खाद्य उत्पाद में मिलावट आम हो चुकी है—नकली घी , दूषित दूध , जहरीले मसाले, एक्सपायर्ड और घटिया पैकेज्ड फूड खुलेआम बिक रहे हैं।
सवाल सीधा है कि FSSAI के अधिकारी आखिर कर क्या रहे हैं??
जनता की सेहत दांव पर लगी है, लेकिन न ज़मीनी जांच, न सख़्त कार्रवाई, न जवाबदेही दिखती है। लाइसेंस आसानी से मिल जाते हैं, शिकायतें दबा दी जाती हैं, और पकड़े जाने पर भी कंपनियाँ बच निकलती हैं। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, संस्थागत मिलीभगत की आशंका पैदा करता है।
आपसे सीधी मांग है—FSSAI में कार्यरत अधिकारियों के बैंक खातों, संपत्तियों, आय के स्रोतों और जीवनशैली की गहन जांच करवाई जाए। सच सामने आते ही तस्वीर साफ़ हो जाएगी कि जनता जहर क्यों खा रही है और सिस्टम क्यों चुप है। अब नोटिस और निर्देश नहीं , जवाबदेही , दंड और संरचनात्मक सुधार चाहिए—ताकि देश की थाली सुरक्षित हो सके।
टीम खुरपेंच ने अब सीधे तौर पर FSSAI के उन अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो अपने कर्तव्य से भाग रहे हैं , आँख मूँदकर मंज़ूरी दे रहे हैं और जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने दे रहे हैं। यह लड़ाई औपचारिक शिकायतों की नहीं , जवाबदेही तय करने की है।
अब आपकी भागीदारी अनिवार्य है।
अगर आज आप आवाज नहीं उठाएंगे तो आने वाली पीढ़ियाँ नकली पनीर , मिलावटी घी , ज़हरीली मिठाइयाँ , पॉम ऑयल से भरी चीजे , दूषित सब्ज़ियाँ और मसाले खाकर बीमार होती रहेंगी।
👉 देश तेज़ी से कैंसर की अंतरराष्ट्रीय राजधानी बनने की ओर बढ़ रहा है और सिस्टम चुप है।
टीम खुरपेंच लगातार रिकॉर्ड , लाइसेंस , सैंपल रिपोर्ट, बजट और मंज़ूरी के कागज खंगाल रही है।
👉 सारा डेटा सार्वजनिक किया जाएगा ,
👉 हर जिम्मेदार अफसर और फैसले की जवाबदेही तय कराने की भरकस कोशिश होगी।
पैसा लेकर मुहर लगाने वाले ,
काग़ज़ पर सुरक्षा और जमीन पर ज़हर बेचने देने वाले अधिकारियों को बेनकाब किया जाएगा।
यह साफ किया जाएगा कि किसने क्या साइन किया, किस कीमत पर किया और उसके नतीजे में कितनी ज़िंदगियाँ खतरे में पड़ीं।
> यह चेतावनी है , अपील नहीं।
या तो आज सवाल उठेंगे या कल लाशें गिनी जाएँगी।
ये घटना त्रिवेन्द्रम स्थित Kalyan Jewellers की है! एक पिता नें 29/11/2013 को अपनी बेटी की शादी के लिए एक नेकलेस खरीदा जिसका कुल वजन 49.580 ग्राम था तथा डिजाइनर स्टोन का वजन घटाने के बाद लगभग 43.500 ग्राम !
कुछ दिनों पहले 17/03/2018 को वो इस नेकलेस को बैंक के पास गिरवी रखने के लिए गये तो उन्हें झटका लगा जब बैंक के मुल्यांकनकर्ता (bank appraiser) नें जाँच के बाद बताया कि नेकलेस में सिर्फ 12 ग्राम के लगभग सोना है क्योंकि मोतियों के अंदर बाकी वैक्स भरा गया है !
जब वो इस बात को लेकर वापिस कल्याण ज्वेलर्स के पास गये तो वहां के ब्रांच मेनेजर नें बोला कि ये सही है कि ये वैक्स भरा जाता है और ये बात सभी को पता होती है !
जरा सोचिये...
अगर पता हो तो कौन मुर्ख मोम को सोने के भाव खरीदेगा.....???
पिता द्वारा विरोध जताने पर मेनेजर बोला कि चलिए हम ये नेकलेस वापिस ले लेंगे तथा आपको आज के सोने के भाव पर पर आपको पैसे वापिस कर देंगे जितना सोना है !
लेकिन परिवार नहीं माना और बोला कि उन्हें वो वास्तविक रकम चाहिये जो उनसे खरीदते समय ली गई थी और उन्होंने नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कर दी !
21/03/2018 को कल्याण ज्वेलर्स के स्टाफ का एक सदस्य समझौता करने के लिए पुलिस स्टेशन आया और बोला कि हम ग्राहक की मांग अनुसार इन्हें इस नेकलेस की वही कीमत लौटा देंगे जो इनसे ली गई थी!
90 % लोग सोना खरीदने के बाद बेचते नही है वो सोच रहे है हमारे पास इतना सोना पड़ा है पर हकीकत में वो गलत फहमी के शिकार है सोने का पैसा देकर वैक्स खरीद कर रखा हुआ है , गहने जितने भी है सब मे 50% खोट है!
एक बार अपने आभूषणों व सोने की जांच अवष्य दूसरे जगह करवाएं!
साभार फ़ेसबुक
कृपया जनकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाए जिससे कोई भी ऐसी ठगी का शिकार न हो!🙏
Stonehenge of Chhindwara.
It's apparently a community hall. Fifteen pillars, one roof, and a construction cost of ₹24 lakh. The audit highlight is that a single cement bag billed at ₹1.9 lakh, something that normally costs ₹300–500.
Standard practice for any public-funded construction. Bills are super-inflated and passed by high authorities because everyone gets the cake. Here, someone had complained, the media reported it, and people got caught. CEO, sarpanch, and engineer have been sent notices.
क्योंकि हरियाणा में सभी नेता सिर्फ झंडेलाल हैं इसलिए प्रदेश को चंद IAS IPS चलाते हैं जो bloody Indians को कुछ समझते ही नहीं।
- पूरन कुमार की लाश छह दिन से पड़ी है।
- सरकार ने 150 करोड़ के घोटाले की जांच से ही मना कर दिया।
कारण?
सभी मोटे कांडों में IAS IPS लिप्त हैं।
@PMOIndia
Before 2014:
No one had to pay for incoming calls.
AFTER 2014:
If you don't recharge, you lose incoming calls and messages within a week, and if it continues for a few months, your SIM is deactivated & your mobile number is sold to someone else.
Even if someone lives in a rural area, earns very little, uses a basic feature phone, doesn’t use the internet and only needs to make a few basic calls, they are forced to spend ₹200–300 every month.
This is nothing but blackmailing and open loot from poor people of India.
@TRAI
कभी सैनिक कालोनी के पास स्थित हनुमान मंदिर से अंखीर चौक तक जाना, via बड़कल गांव होते हुए। पता लग जाएगा इस 11-12 सालों में BJP के नेता और @MCF_Faridabad ने मिल कर कितना विकास किया है
यकीन मानना, फेफड़े धूल मिट्टी से जाम ना हो जाए तो बोलना, hospital जाने की नौबत आ जाएगी!