@AHindinews सभी अपराधियों को भाजपा ज्वाइन करवाओ फिर जो ईमानदार नेता है उन्हें फर्जी मामलों में मीडिया माफिया से बदनाम करवाओ और ED, CBI,CID का गलत इस्तेमाल करो यही अपराधियों के सिंडीकेट भाजपा का चरित्र है ।
लेकिन कुछ मूर्खो को तब भी समझ नहीं आ रहा है ।
@jpsin1 2. *सेन की कमाई*: ₹0 सैलरी, ₹0 भत्ते
3. *नियंत्रण*: MEA नोडल मंत्रालय था। CAG ऑडिट होता था। "अनियंत्रित" नहीं था
ये "5 लाख महीना + असीमित खर्च" वाला दावा BJP सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने 2015 में किया था, जिसे नालंदा यूनिवर्सिटी और सेन दोनों ने "amazingly false" बताया।
@jpsin1 4. होटल/यात्रा*
होटल वही थे जहां बोर्ड मीटिंग होती थी और बाकी सदस्य + विदेश मंत्रालय के लोग रुकते थे।
फ्री एयर इंडिया पास अटल बिहारी वाजपेयी ने नोबेल पुरस्कार मिलने पर गिफ्ट किया था, नालंदा से नहीं मिला 6b4e
*सार*
1. बजट ₹2727.10 करोड़ था, 2015 तक सिर्फ ₹47.28 करोड़ मिला
@jpsin1 सच्चाई*: फरवरी 2015 तक सरकार ने नालंदा के लिए मंजूर ₹2727.10 करोड़ में से सिर्फ *₹47.28 करोड़* ही जारी किए थे। 3c41
सेन ने कहा: 2010 से 2013-14 तक कुल खर्च *₹25 करोड़ से कम* था 5226
*3. खर्च की निगरानी थी*
- *CAG की रिपोर्ट* आई थी।लेकिन सेन को "असीमित छूट" नहीं थी
@jpsin1 सेन ने खुद Alt News को बताया: _"सबसे पहले, मैंने नालंदा से कोई भी वेतन प्राप्त नहीं किया, और शून्य पारिश्रमिक पर काम किया"_ fa7c
*2. ₹2730 करोड़ खर्च का आरोप - गलत*
वायरल पोस्ट में दावा था कि सेन ने 2007-2014 के बीच ₹2730 करोड़ खर्च किए बिना हिसाब दिये
@jpsin1 ये दावा झूठा है। फैक्ट-चेक में ये बातें सामने आईं:
*1. वेतन/भत्ते का सच*
- *सैलरी: ₹0* - अमर्त्य सेन ने नालंदा विश्वविद्यालय से कोई वेतन नहीं लिया। पूरा काम मानद यानी "honorary" था
- *टैक्स-फ्री बेनिफिट: नहीं* - कोई टैक्स-फ्री सुविधा नहीं मिली
- *बेहिसाब विदेश यात्रा: नहीं*
@Profdilipmandal ईरान साफ साफ कह रहा है भारत का नेता कायर है उसने जहाज भारत के लोगो के कारण छोड़ा है इतनी चाटुकारिता लाते कहा से हो अंधभक्त मूर्खो
एक ईरानी स्टेटमेंट दिखा दो जिसमे उसने भारत सरकार का नाम लिया हो
@sambitswaraj पंडित नेहरू को बदनाम करने के लिए आपको उनके कामों को आधा अधूरा तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत करना पड़ता है फिर भी 12 सालो में नेहरू का नाम और छवि पहले से अधिक मजबूत हुआ है ।
सावरकर ,मुखर्जी,आडवाणी ,मोदी तो स्पष्ट रूप से पाकिस्तान आतंकवाद,अग्रेजों और अमेरिका के मुखबिर,गुलाम साबित हुए है
@narendramodi एप्सटीन पर भी कुछ बोल दो जिससे देश की बदनामी हो रही है ,देश के लोग शर्मिंदगी महसूस कर रहे है
आपका और आपके नेताओं से एप्सटीन का रिश्ता क्या था क्या लुडो खेलते थे ?