९३०० जन सेवा मित्रों के साथ फरेब और छल हुआ है। बीजेपी ने 2024 चुनाव के वक्त उनका पूर्ण उपयोग किया ; अब यह ९३०० युवा घर घर न्याय के लिए भटक रहे हैं। @ChouhanShivraj जी ने मुख्य मंत्री के हैसियत से सार्वजनिक वादे किए थे।
उन आश्वासनों की कोई कद्र नहीं। न्याय चाहते हैं।
@Rishi1106243 यह ९३०० जन सेवा मित्र के साथ ज़्यादती और छल हुआ है। बीजेपी ने उनका चुनाव में सहयोग और उपयोग किया ; परन्तु अब किसी भी काम का नहीं छोड़ा। अब सब जगह मदत्त और सहारा के लिए भटक रहे हैं। कोई मुकम्मल मदद नहीं मिल रही है। कोशिश करुगा उन्हें न्याय मिले। मेरा पूर्ण सहयोग मिलेगा।
ये वही शिवराज सिंह चौहान हैं जो मध्य प्रदेश में इतना झूठ बोलकर गए हैं कि जनसेवा मित्र और भांजे-भांजियां आज भी दर्द से तड़प रहे हैं!
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जनसेवा मित्र आज भी जवाब का इंतजार कर रहे हैं…
सरकार बताये — उनका कसूर क्या है❓
काम लिया, उम्मीदें जगाईं, और फिर छोड़ दिया… यही है रोजगार नीति❓ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी ने सही सवाल उठाया है।
#जनसेवा_मित्रो_को_बहाल_करो
मोहन सरकार अब पुराने जनसेवा मित्रों को हटाकर नए ‘CM यंग इंटर्न’ को नियुक्त करेगी।
मध्य प्रदेश में 9390 जनसेवा मित्रों को अचानक बाहर करना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य के साथ सीधा अन्याय है।
ये वही युवा हैं जो प्रशिक्षित हैं, ज़मीनी अनुभव रखते हैं और वर्षों से जनता की सेवा कर रहे थे। ऐसे में उन्हें हटाकर नई भर्ती की बात करना सरकार की नीयत और नीति दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
रोजगार के नाम पर ऐसे अस्थायी प्रयोग युवाओं के भरोसे को तोड़ते हैं। उन्हें स्थिरता, सम्मान और सुरक्षित भविष्य चाहिए, न कि बार-बार की अनिश्चितता।
मोहन सरकार को तुरंत इस फैसले पर पुनर्विचार कर जनसेवा मित्रों को बहाल करना चाहिए।
@DrMohanYadav51
मुख्यमंत्री जन सेवा मित्रों के मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने रिट याचिका क्रमांक 6618/2024 (अभिलाष खरे व अन्य बनाम मध्यप्रदेश राज्य) में 02.04.2024 को स्पष्ट आदेश दिया था कि अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान याचिकाकर्ताओं द्वारा दिए गए अभ्यावेदनों का निराकरण 15 दिनों के भीतर करे। संस्थान को आदेश की सत्यापित प्रति 13.05.2024 को प्राप्त हुई।
महत्वपूर्ण बात यह है कि न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि यदि यह मिशन अभी भी संचालित है और याचिकाकर्ताओं की सेवाओं की आवश्यकता है, तो उनकी सेवाओं को बढ़ाने पर विचार किया जाए और नए अभ्यर्थियों की नियुक्ति न की जाए।
ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा नए सीएम यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस के नाम पर नई भर्ती करना न्यायालय की मंशा के विपरीत प्रतीत होता है।
इसलिए मेरी मांग है कि सरकार न्यायालय के आदेश की भावना का सम्मान करते हुए पूर्व में कार्यरत लगभग 9300 जनसेवा मित्रों को प्राथमिकता के साथ बहाल करे और उनके अनुभव का उपयोग सुशासन की योजनाओं में किया जाए।
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आज विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन नेता प्रतिपक्ष श्री @UmangSinghar जी एवं कांग्रेस पार्टी के सभी विधायकगण ने सरकार के झूठे और खोखले वादों और घोषणाओं के विरुद्ध विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया।
मध्यप्रदेश विधानसभा, बजट सत्र - 04 दिन
7 करोड़ में से 35 लोग मर गए, तो कौनसी बड़ी बात - सीएम मोहन यादव
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📍मध्यप्रदेश विधानसभा
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मध्य प्रदेश में 13% होल्ड पर चल रहे OBC आरक्षण पर आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना है। यह सिर्फ एक कानूनी निर्णय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की परीक्षा है। सवाल यह है कि क्या OBC वर्ग को उनका संवैधानिक अधिकार मिलेगा, या फिर वर्षों से चली आ रही मनुवादी सोच एक बार फिर न्याय के रास्ते में दीवार बनकर खड़ी होगी। देश की करोड़ों पिछड़ी जातियों की उम्मीदें आज इस फैसले पर टिकी हैं।
#_MPTET_2020_OBC_पद_अनहोल्ड_करें