पत्रकारिता के नाम पर सिर्फ बकैती करवा लो,100 राजा हुए 150 राजा हुए लेकिन
डाटा पर बात नहीं करेंगे।
आज के समय में सरकार चलाते है अधिकारी
पूछो इन से पॉलिसी बनाने वाले कितने मुख्य सचिव OBC और SC हैं।
सरकार चालने वाले कितने मुख्यमंत्री OBC और SC हैं
OBC और SC की लाखों नौकरियों बैक लोग मे क्यों धकेल दी गई।
यूनीवर्सिटी में कितने VC OBC और SC हैं
प्रफेसर और एसिस्टेंट प्रोफेसर के पद NFS करके बैक लोग मे डाल दिए जाते हैं।
डाटा पर कभी बात नहीं करेंगे सिर्फ चिल्ला चिल्ला कर बकैती करनी हैं और कुछ नहीं
फ्रिंज एलिमेंट : एक लड़के की तरफ इशारा करते हुए कहता है कि यह मेरा दोस्त का रेप भीम आर्मी के लड़कों ने किया और यह प्रेग्नेंट है।
रिपोर्टर : यह कैसे सम्भव है।
फ्रिंज एलिमेंट : तो फिर यह कैसे पॉसिबल है कि 3 हजार साल तक जिन्हें पानी नही पीने दिया उंसकी नश्ल आज भी जिंदा है।।
प्रश्न :इससे क्या साबित हुआ?
उत्तर : आप दुनिया के सबसे हटिया, निम्न मानसिकता, जिनकी बुद्धि का विकास नही हुआ, उंसि सँघर्ष में है। आपके सामने कोई बुद्धिजीवी नही है। बल्कि वो सामाजिक घटिये स्तर के एलिमेंट्स है जो विश्व के मानव अधिकारों के बने मापदंड का 20% भी पूरा नही करते है जो भारत को तो बर्बाद कर रहे है, विदेश में जाकर अपनी हरकतों से भारत का नाम बदनाम करते है। इस प्रकार के फ्रिंज एलिमेंट्स आपके विपक्ष में खड़े है।।
में यह नही कहता की पूरी जाति ऐसी है। लेकिन अधिकतर उनमे से इसी मानसिकता के है। जो सही है वो घर मे अपना काम कर रहे है।। बल्कि बाबा साहब ने महाड आंदोलन में ब्राह्मण सहस्त्रबुद्धे व कायस्थ चित्रे को निर्देश दिया था कि वो जाकर अछूतों को इकट्ठा करे और हम आंदोलन करेंगे। इस आंदोलन में बाबा साहब के साथ कई ब्राह्मण, कायस्थ व अन्य भी थे। इनपर भी हमला हुआ।।
अब इस मूर्ख को कोई बताए कि;
"प्राकृतिक सार्वजनिक हर स्थल पर मानव अधिकार के तहत समान अधिकार से पानी पीने का विषय है न कि अछूतों की बस्तियो में उपलब्ध पानी के स्रोत से भी रोकने का था।
बाबा साहब ने महाड आंदोलन एक तालाब जो कि वँहा की स्थानीय नगर पंचायत ने सार्वजनिक तालाब घोषित किया था, वँहा अछूतों को पानी नही पीने दिया जाता था। बाबा साहब सम्पूर्ण मानव अधिकारों को प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस तालाब से पानी नही पीने देना अथार्त देश के 17% अछूत वर्ग को उनके मानव अधिकारों से वंचित करना था। जो पूरे देश मे हर जगह हो रहा था।
बाबा साहब ने प्रतीकात्मक रूप से इस तालाब को विरोध के लिए चुना जिससे पुर्र देश मे संदेश जाए कि अछूत जातीयो को भी वो मानव अधिकार है जो अन्य को है। यह एक तरह से Existance की लड़ाई थी। ऐसी लड़ाई जिसमे अछूत भी समान अधिकार रखता है।
"
लेकिन यह फ्रिंज एलिमेंट्स अपने बाप दादाओं के बुरे कार्यो पर अफसोस करने व उसे अपनी जिंदगी में न उतारने का संकल्प लेने की जगह अब एट्रोसिटी एक्ट से डरकर नए रूप में जातिवादी घृणित मानसिकता का परिचय दे रहे है। अब जातिवाद के नए फ्लेवर की "बिना पानी पिये जिंदा रहे" कह कहकर अपमान कर रहे है।
इसलिए अनुसुचित जातीयो को समझना चाहिए कि;
1.आपके खिलाफ जो सँघर्ष कर रहे है वो सामान्य बुद्धि वाले नही है जिनसे आप मानव अधिकारों का उल्लेख करके चर्चा कर सके। वो एक तरह से पागल कुत्ते के समान है। जो काटेगा ही। आप उसके प्रति कितनी भी दया दिखा ले।
2.आपके खिलाफ कौन है? वो ही है जिन्हें आप अपना धर्म बन्धु कहते है।
3.उन्हें अल्पसंख्यक को मिल रहे सबसे बेस्ट आरक्षण आर्टिकल 30 से दिक्कत नही है। एक शब्द आजतक नही बोला। उन्हें एससी/एसटी के होने से ही दिक्कत है।।वो आपके साथ अपनत्त्व से रहना नही चाहते है।
यह बाबा साहब जानते थे इसलिए 1956 में अपनी जिंदगी का सबसे बेहतरीन कार्य करके गए, जिससे आज महाराष्ट्र में 1 करोड़ से ज्यादा जिनके पूर्वज बाबा साहब के साथ इस कार्य मे सम्मलित होकर आज आलीशान जिंदगी जी रहे है।
मूर्ख कौन?
जो नफरत कर रहे है या जो इस नफरत को देखकर भी उन्ही के पैरों में पड़ने के लिए तैयार है।
विकास कुमार जाटव
@DChaurasia2312 जब फिल्मों में इस तरह के कपड़े पहन कर सीन किये जाते है उनका विरोध आप लोग क्यों नहीं करते हो...
तब कहाँ चली जाती है आपकी भावना तब ऐसा लगता होगा कि और भी इससे ज्यादा होना चाहिए था....
मतलब और कोई मुद्दा है ही नहीं आपके लिए। यही सब रह गया है पत्रकारिता के लिए... गजबे है!
देश की मीडिया जो एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात कर रही थी, उस समय ऐसा नहीं होना चाहिए था।....
मतलब शर्म नाम की कोई चीज भारत की TV मीडिया को है ही नहीं...!
जहाँ एक तरफ लोग सरकारी स्कूलों को ठीक कराने लिए संघर्ष कर रहे हैं वहां ये लोग मछली पर बहस कर रहे हैं वह भी @DDNewslive पर !
अयोध्या में हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास और कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद के बीच सोमवार को एक चैनल के लाइव डिबेट में विवाद हो गया। राजू दास ने कांग्रेस प्रवक्ता को जमकर गालियां दीं। धमकाते हुए कहा- जूते से मारूंगा। यह सुनकर दोनों महिला एंकर भौचक रह गईं। कार्यक्रम को बीच में ही खत्म करना पड़ा।
डिबेट में मछली भोज पर बहस हो रही थी।
@askrajeshsahu देश की मीडिया जो एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात कर रही थी, उस समय ऐसा नहीं होना चाहिए था।....
मतलब शर्म नाम की कोई चीज भारत की TV मीडिया को है ही नहीं...!
जहाँ एक तरफ लोग सरकारी स्कूलों को ठीक कराने लिए संघर्ष कर रहे हैं वहां ये लोग मछली पर बहस कर रहे हैं वह भी @DDNewslive पर !
सरसों तेल के टैंक में नहाता दिखा युवक, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल...
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक युवक सरसों के तेल से भरे बड़े स्टोरेज टैंक में नहाता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी और चिंता बढ़ गई है। यूजर्स ने तेल की स्वच्छता और उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाते हुए खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताई है।
#ATDigital #mustardoil #viralvideo
कुछ सितारे आसमान में चमकते हैं…
कुछ ख़ाकी पहनकर ज़मीन पर। ⭐
ड्यूटी की धुन, हौसले की आवाज़ और सेवा का जज़्बा…
🎶 ‘ख़ाकी का सितारा’ उन्हीं अनकही कहानियों को समर्पित है, जिन्हें हर रोज़ ख़ाकी जीती है।
आवाज़ बढ़ाइए… और महसूस कीजिए ख़ाकी की धड़कन।
सस्वर पाठ
अमिताभ बच्चन
संगीतकार-गायक: शंकर महादेवन | गीतकार: आलोक श्रीवास्तव
अभिनेता : करण आनंद
निर्देशक: अमित सोनकर | डीओपी: प्रवीण तालान, रूपाली तालान, आशीष रमेश पांडे | श्रेय: प्रखर त्रिपाठी
संकल्पना एवं रचनात्मक निर्देशन: राहुल श्रीवास्तव | संपादन: वैभव नाइक
#KhakiKaSitara #UPPolice
कहकशां
मुझे अभी पता चला है कि हमारे बेटे सिद्धार्थ सिंह की 21 कविताओं का संग्रह प्रकाशित हो चुका है। नीचे के लिंक पर आप आर्डर कर सकते हैं। 166₹ की है। बेटे की पहली किताब की कमाई से भी पिता पत्रकारिता करेगा।🙌
Kehkashaan – BookLeaf Publishing Bookstore https://t.co/e3QtAkE8yO
सोशल मीडिया पर Video वायरल हुआ कि मथुरा, यूपी के 4 बच्चे कांवड़ लेकर निकले हैं। फीस जमा नहीं करने पर उन्हें स्कूल से निकाल दिया है। उन्हें भोलेनाथ से उम्मीद है कि वह सुनेंगे और पढ़ाई दोबारा शुरू होगी।
मथुरा DM सीपी सिंह ने इस Video का संज्ञान लिया। चारों बच्चे और उनके दिव्यांग मां–बाप दफ्तर में बुलाए।
> 2 बच्चों की फीस माफ कराई
> तीसरे बच्चे की पहले से फीस माफ है
> चौथे बच्चे की फीस लगती नहीं है
> सभी को बैग, किताब, ड्रेस दी गईं
> SDM ने चारों बच्चे गोद लिए
> बच्चों के मां बाप को दिव्यांग पेंशन मिलेगी
सोशल मीडिया पर Video वायरल हुआ कि मथुरा, यूपी के 4 बच्चे कांवड़ लेकर निकले हैं। फीस जमा नहीं करने पर उन्हें स्कूल से निकाल दिया है। उन्हें भोलेनाथ से उम्मीद है कि वह सुनेंगे और पढ़ाई दोबारा शुरू होगी।
मथुरा DM सीपी सिंह ने इस Video का संज्ञान लिया। चारों बच्चे और उनके दिव्यांग मां–बाप दफ्तर में बुलाए।
> 2 बच्चों की फीस माफ कराई
> तीसरे बच्चे की पहले से फीस माफ है
> चौथे बच्चे की फीस लगती नहीं है
> सभी को बैग, किताब, ड्रेस दी गईं
> SDM ने चारों बच्चे गोद लिए
> बच्चों के मां बाप को दिव्यांग पेंशन मिलेगी
@ImSoniya24 ये तो बिल्कुल ना समझी वाली बात कर रही हो आप! पहले के जमाने में एक शिक्षक ज्यादा से ज्यादा कितने बच्चों को पढ़ा सकता था? अब सब कुछ डिजिटल हो गया है। कोचिंग ग्रुप वाले बहुत कोर्स करा रहे है। एक साथ लाखों बच्चे पढ़ते है। लोगों के दिमाग़ में बस वही बात रहती है कि शिक्षक ऐसे ही रहे!
ये हाल है देश के मैन स्ट्रीम मीडिया चैनल का जिससे गवर्नर भी सही से लिखना नहीं आया। जब ऐसे ही लोगों को ले लिया जाता है तो और उम्मीद भी क्या होगी। गजबे है! @news24tvchannel@manakgupta@news24upuk