Benefits with Your APAAR ID Extended!
Students can now use their APAAR ID (Automated Permanent Academic Account Registry ID) to access exclusive concessions and benefits offered by Air India. This initiative by the Ministry of Education aims to make travel more accessible and affordable for students across India, upon their consent.
#APAAR #StudentConcessions #AffordableTravel #EducationForAll
पहाड़ों में सरकारी अस्पतालों में पहले तो डॉक्टर्स उपलब्ध नहीं हैं और जहां है वहां 13 रूपये की पर्ची में बीमार व्यक्ति को बाहर से हजारों रुपए के टेस्ट व दवाइयां लिख देते हैं, जब सरकारी अस्पताल के बाहर प्राइवेट केमिस्ट और जांच सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं तो अंदर क्यों नहीं ? 😡
गैरसैंण पर हाईकोर्ट के जज जस्टिस राकेश थपलियाल की सख्त टिप्पणी
गैरसैंण को लेकर लोगों को बेवकूफ बनाना बंद करो
वहां 8000 करोड़ की प्रॉपर्टी है, और कहते हो इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं?
गैरसैंण में होती राजधानी तो आज कुछ और होता उत्तराखंड
@BJP4Uttarakhand@INCUttarakhand#Gairsain
#uttarakhand
#highcourtjudge
#justicerakeshthapliyal
उत्तराखंड में 25 सालों में विकास कार्यों की इंतहा हो गई। रुद्रप्रयाग जिले के सीमांत गांव तोषी में पंचायत चुनाव की तैयारी के लिए आज जब सेक्टर मजिस्ट्रेट पहुंचे तो नदी पार करने के लिए पुल नहीं था। फिर कैसे पार की नदी, इस वीडियो में
देखिए। विकास की गंगा बह रही है।
ऐसे सैकड़ों गांव है उत्तराखंड में जहां के लोग हर रोज़ मौत का सफर तय करने को मजबूर है।
@pushkardhami@BJP4India@mahendrabhatbjp
यही है पहाड़ों का असली “मूल स्वरूप”
गाँव कोट, ब्लॉक नारायणबगड़, ज़िला चमोली (उत्तराखंड)।
यहाँ एक माँ हर दिन खुद पुल बनती है, ताकि उसके बच्चे स्कूल जा सकें।
22 साल हो गए ना कोई पुल बना, ना कोई स्थायी हल निकला।
नेता 22 सालों में लाखों से करोड़ों के मालिक बन गए होंगे,लेकिन यहाँ एक पुल तक नहीं बन पाया।
पहाड़ में विकास नहीं पहुँचा,बस लोग और सहनशील हो गए।
#yethikkarkedikho
#Uttarakhand #Chamoli
दरअसल ये मुख्यमंत्री की सुरक्षा में चूक का नहीं बल्कि जिम कॉर्बेट निदेशक साकेत बडोला द्वारा “राज्य सरकार” के सामने “केंद्र सरकार” के क़ानून की गर्दन मरोड़नें का मामला है।
छह जुलाई को कॉर्बेट पार्क गए सीएम @pushkardhami को निदेशक ने ऐसी जिप्सी से जंगल सफ़ारी करा दी जिसकी फिटनेस ख़त्म हुए पाँच साल बीत चुके थे। शायद जंगल के क़ानून अलग हो ! अब कह रहे है जिप्सी की फिटनेस में कोई कमी नहीं थी, अरे हुजूर क़ानून और जुबानी जमाख़र्च में फ़र्क़ समझते हो कि नहीं ?
और परिवार का पेट पालने वाले उस ग़रीब व्यक्ति का क्या ? जिसके सड़क पर चलते वाहन को फिटनेस अवधि खत्म होने के दो दिन बाद ही रोक लिया जाता है।
@SubodhUniyal1@DEFCCOfficial@ParveenKaswan@CentralIfs@paragenetics
परेशानी - पानी की किल्लत
समाधान - भारत माता की जय
आप देवप्रयाग विधानसभा से भाजपा विधायक विनोद कंडारी हैं, आपकी उपलब्धि यह है कि आप पूर्व भाजपा के बड़े नेता और कैबिनेट मंत्री मातवर सिंह कंडारी के भतीजे हैं, आपके क्षेत्र की जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है, जब ग्रामीणों ने पानी
दोनों वीडियो देखें और अपने नेताओं को दिखाएं। जो 3 साल बेमिसाल की बात कर रहे है।
शर्म करिए पहाड़ों में मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं है, और मुख्यमंत्री 3 साल बेमिसाल का ज्ञान बांट रहे है। आश्चर्य की बात है कि यह लोग प्रश्न अपने विधायकों से क्यों नहीं पूछते? वोट तो भर भर के देते हैं।
मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में सड़क सुविधा के अभाव से परेशानियां झेलती जनता, डोली के सहारे बीमार को पहुंचाया अस्पताल।
वीडियो चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक के सीमांत चौडला ग्राम का ढुंगाबोरा तोक का है।
प्रीतम भरतवाण जी ने 17- 18 साल पहले ही चेता दिया था कि सब कुछ बाहर से आ रहा है तो हम क्या कर रहे हैं, यहां के रोजगार हमने क्यों छोड़ रखे हैं
आज उत्तराखंड के स्थापना दिवस पर भले ही नेताओं अधिकारियों को कितना गरिया ले पर समय अपने आत्म अवलोकन का भी है और अपनी गलतियों से सीख लें ।
ह्रदय विदारक घटना😢😢
#टिहरी तिनगढ़ में आए भूस्खलन से बेघर हुए लोग। मुख्यमंत्री @pushkardhami जी से निवेदन की बेघर हुए लोगों को उचित स्थान वा मुआवजा दें।
भगवान केदार सब पर अपनी कृपा बनाए रखें।
#उत्तराखंड#Uttrakhand
देहरादून में पूरी तरह गुंडाराज आ चुका है!
देहरादून में एक पूर्व फौजी को मुजफ्फरनगर से आकर कुछ लोगों ने मार डाला, फौजी के परिवार के साथ भी मारपीट हुई। अंशुल चौधरी 15-20 लोगों के साथ जिनके पास कुल्हाड़ी और दूसरे हथियार थे, पूर्व फौजी के घर में घुसे, ताला लगाया ताकि कोई बाहर न जा सके और फिर मार पिटाई की जिसमे फौजी की जान चली गई। मामला जमीन विवाद को लेकर था और पूर्व फौजी ने काफी पहले पुलिस में शिकायत करी थी जब इन्ही लोगों ने इनकी जमीन की बाउंड्री गिरा दी थी लेकिन उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई और नाही कोई गिरफ्तारी।
ऐसे गंभीर मामलों में कई FIR करवाने के बाद भी पुलिस कोई कार्यवाही नहीं करती, लेकिन सिर्फ एक मीम बनाने के लिए FIR होने से पहले ही एक 19 साल के बच्चे को पुलिस देर रात को उठाती है और उसके साथ मारपीट करती है और उस पर चार चार धाराएं लगाई जाती है।
यही चल रहा है उत्तराखंड में... अपराध के खिलाफ बोलोगे, लिखोगे, पढ़ोगे तो पुलिस तुम्हे उठा ले जाएगी या गुंडे तुम्हे मार देंगे लेकिन बलात्कारी, हत्यारे, भू माफिया जैसे खतरनाक लोग बेखौफ घूम सकते हैं।
#Dehradun #Uttarakhand
@DIPR_UK Hm to 1200 रुपये pay kr rhe hain प्रति mah और commercial se normal tk ab tk 20000 रुपये de चुके विभाग ko . 1 रुपया में to nhi mil rha h कनेक्शन ऊपर se 10000 security 1500 file चार्ज pta nhi सरकार k जेब में ja rha h ya विभाग में commison liye ja rha h
@DIPR_UK Garhwal commissioner और commissionery k सारे अधिकारी ko baithao pauri . अगर pauri m जगह nhi h to gairsain baithao tb ja kr कुछ hoga nhi to kuch nhi