@IPSinghSp आप जैसे लोग ही सपा को गर्त में ले जायेंगे
ये बात @yadavakhilesh sir को जितनी जल्दी हो सके समझ लेना चाहिए।।
@SwamiPMaurya sir के ही वजह से वोट बैंक बड़ा था ये बात सच है ।
आप अपने फेमिली का पूरा ट्रांसफर करवा सकते ?
@yadavakhilesh sir,
नो डाउट सामाजवादी पार्टी की वोट बैंक बड़ा है
और मैं भी निजी तौर पर मानता हू । कि @SwamiPMaurya sir जैसा राजनितज्ञ हम जैसे लाखो लोगो को पार्टी में लाया है ।
ऐसे नेता बहुत कम मिलते है सर।।
@Mayawati ji
उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने शिक्षक भर्ती में ओबीसी के साथ जिस बेशर्मी के साथ बेईमानी और अन्याय किया है वह अपने आप में एक मिसाल है l राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग और उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद 6800 ओबीसी टीचर की नियुक्ति नही की जा रही है l देश के प्रधानमंत्री कहते हैं कि उन्होंने पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दे दिया है l जब आपको उसका आदेश ही नहीं मानना तो ऐसे संवैधानिक दर्जे का क्या फायदा?
महाराष्ट्र में राम मंदिर नहीं मराठा आरक्षण मुद्दा है। मराठा समाज के इतने बड़े आंदोलन पर नोएडा की मीडिया चुप है। बीजेपी सरकार चुप है। लेकिन आप नज़र बनाए रखिए, ये आंदोलन देश को नई दिशा देगा। #MarathaReservation
एक टीवी डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा-"जब से राममंदिर बनना शुरू हुआ है भारत की अर्थव्यवस्था में सुधार हो गया l" एक दूसरी डिबेट में एंकर अमीष देवगन ने कहा-"जो राममंदिर में जाएगा उसे अस्पताल जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी l" एक डिबेट में स्वामी दीपंकर जी ने कहा-"भारत अकेला ऐसा देश है जहां पत्थर में भी प्राण डाल सकते हैं l" राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने एक बयान में कहा-"मोदी विष्णु के अवतार हैं l"
देशवासियों सावधान, देश को पाखंड और अंधविश्वास में घसीटने की पूरी तैयारी है l
हसदेव जंगल को बचाने के पक्ष में एकजुटता प्रदर्शित करते हुए आदिवासी समुदाय के युवा सोशल मीडिया पर अपने अपने माध्यम से संदेश दे रहे है। सुनें। #SaveHasdeo
मैं अग्निहोत्री ब्राह्मण हूं, ओबीसी वाले ऐसी तैसी कराएं - @yogrishiramdev#OBC समाज को पतंजली के सभी प्रॉडक्ट का बहिष्कार कर इसकी ऐसी - तैसी कर देनी चाहिए।
समाज के विभीषणों की समाज को कोई जरूरत नहीं है . @NationalDastak
मैं इनका बहुत सम्मान करता हूँ लेकिन ये बुजुर्ग साधु हमारा और हमारे लोगों का सम्मान नही करते.
मैंने इनसे पूछा आपको जातिवाद का ज्ञान कहां से प्राप्त हुआ. बुजुर्ग साधु ने कहा जाति वर्ण व्यवस्था का मूल स्रोत हिन्दू धर्म ग्रंथ हैं. जातिवाद भेदभाव करने का ज्ञान यहीं से प्राप्त हुआ.
अगर हिन्दू धर्म ग्रंथों में जाति वर्ण व्यवस्था और दूसरे जातियों के विषय में अपमानजनक भाषा का प्रयोग नही किया गया होता तो क्या यह बुजुर्ग साधु अपने मुंह से किसी जाति विशेष के बारे में अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते ?
समस्या कहीं और है और आप लोग बुजुर्ग साधु को समस्या मान बैठे.