उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में जफराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत नेवादा हाईवे अंडरपास पर एक दलित परिवार के तीन सदस्यों — पिता और दो बेटों — की हथौड़े से सिर कुचलकर बर्बर हत्या कर दी गई।
यह घटना अत्यंत दुखद और दण्डनीय होने के साथ-साथ प्रदेश की कानून-व्यवस्था की विफलता और दलितों की सुरक्षा को लेकर शासन की घोर नाकामी का जीवंत प्रमाण है।
मैं पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट करता हूँ और इस दुःखद घड़ी में उनके साथ खड़ा हूँ।
अभी तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना, पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हम @UPGovt से माँग करते हैं—
1. सभी हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
2. SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम और BNSS की सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो।
3. पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवज़ा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, और स्थायी सुरक्षा दी जाए।
4. लापरवाह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
ए नजारा जनपद जौनपुर के शाहगंज रेलवे स्टेशन से सटे चिरैय्या मोड़ रेलवे क्रासिंग का है। जंहा दुद्धी लुम्बीनी प्रमुख मार्ग पर आये दिन रेलवे फाटक घंटो बंद होने से आपातकालीन मरीजो को अपनी जान गवानी पड़ती है।
क्या आम जनमानस के जीवन का कोई मूल्य नहीं
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के थाना सुरीर क्षेत्र में हुए गोलीकांड के घायलों का हाल जानने गाँव भगत नगरिया पहुचने के रास्ते में, मुझ पर और हमारे साथियों पर पथराव व हमला किया गया। इस हमले की भयावहता का अंदाजा वीडियो से लगाया जा सकता है, जो दर्शाता है कि जातिवादी आतंकियों ने किस तरह से सुनियोजित तरीके से इस हमले की तैयारी की गई थी।
यह हमला केवल हम पर नहीं, बल्कि संविधान, बाबा साहब के विचारों और बहुजन समाज के स्वाभिमान पर हमला है। उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पर हो रहे निरंतर हमलों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि जातिवादी गुंडों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। प्रशासन अगर निष्पक्ष होता तो न गोलीकांड होता, न आज हम पर पुलिस की मौजूदगी में यह हमला होता।
उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज के खिलाफ हो रहे हमले कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा हैं। हमारी बारातों को रोका जाता है, हमारे बेटों को मारा जाता है, हमारी बेटियों पर अत्याचार होते हैं, और जब हम न्याय मांगते हैं तो हम पर ही हमले होते हैं। लेकिन अब बहुत हो चुका!
@UPGovt से मांग करते हैं कि:-
1. मामले की न्यायिक जाँच हो और दोषी पाये जाने वाले लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये।
2. पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
3. उत्तर प्रदेश सरकार जातिगत हिंसा पर अपनी चुप्पी तोड़े और अपराधियों को संरक्षण देना बंद करे।
अगर सरकार न्याय देने में नाकाम रहती है, तो याद रखे—हम अपने हक और सम्मान के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। हम संविधान में विश्वास रखते हैं, लेकिन अगर अन्याय और अत्याचार यूँ ही जारी रहा, तो हम अपना न्याय खुद लेना जानते हैं।
जिनको लगता है कि इस तरह के कायराना हमले से हमारी न्याय के लिये लड़ने की हिम्मत टूट जाएगी तो वो गलतफहमी में है। हम न डरेंगे, न झुकेंगे, न रुकेंगे! यह लड़ाई सिर्फ मथुरा की नहीं, यह लड़ाई पूरे बहुजन समाज के भविष्य की है।
हम बाबा साहब के सिपाही हैं, अगर कोई हमें रोकने की कोशिश करेगा, तो वह खुद मिट जाएगा - लेकिन बहुजन समाज रुकेगा नहीं!
इंकलाब होगा! न्याय होगा! और सत्ता की कुर्सियाँ हिलेंगी!
उत्तर प्रदेश के जिला जौनपुर के थाना जफराबाद क्षेत्र में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कर्मठ कार्यकर्ता मनीष कुमार और सूरज गौतम पर चुनावी रंजिश के कारण गोली मारे जाने तथा कार्यकर्ता राजन कुमार पर चाकू से हमला किए जाने की कायराना घटना अत्यंत पीड़ादायक और दंडनीय है।
प्रकृति से घायल तीनों छोटे भाइयों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।
@DMjaunpur से दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी एवं कठोरतम दंड की मांग करता हूँ। साथ ही, घायलों के शीघ्र और समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
यदि जल्द ही न्याय नहीं मिला तो पार्टी आंदोलन करने को मजबूर होगी।
मोहम्मद बिन सलमान इस्लामिक पवित्र भूमि सऊदी अरब को आधुनिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना चाहते हैं.
इसकी शुरुआत उन्होंने महिलाओं को अधिकार देकर की.
हज़ारों सालों से सऊदी अरब में महिलाएं पर्दे में थीं. पुरषों का उनपर आधिपत्य स्थापित था.
मोहम्मद बिन सलमान ने पहले 72 मुल्लाओं को जेल में बंद किया जो महिलाओं को अधिकार देने का विरोध कर रहे थे.
सऊदी अरब में के नए कानून के मुताबिक अब,
बुर्का और नकाब विकल्प है, महिलाओं पर निर्भर पहनना है या नही.
महिलाएं ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर गाड़ी चला सकती हैं.
अकेले देश में कहीं भी आ जा सकती हैं. गाना गा सकती हैं, नाच सकती हैं, रील बना सकती हैं. हर वो काम कर सकती हैं जो पुरूष कानूनी रूप से करता है.
मोहम्मद बिन सलमान ने धार्मिक पुलिस से उसके उन अधिकारों को छीन लिया जिसके आधार पर वो महिलाओं को प्रताड़ित करते थे.
एक तरफ सऊदी अरब कट्टरता से बाहर निकल रहा है तो दूसरी तरफ भारत समेत यूरोप के कुछ देशों में कट्टरता धर्म और फासिवद के नाम पर बढ़ती जा रही है.
आज हमारे रहबर बहुजन नायक मान्यवर साहब कांशीराम जी के परिनिर्वाण दिवस पर जनपद मुजफ्फरनगर की मीरापुर विधानसभा में आयोजित "संकल्प रैली" में उन्हें नमन कर कृतज्ञता भरी विनम्र आदरांजलि अर्पित की और संकल्प लिया कि आपके "बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय" के अधूरे सपने को मंजिल तक पहुंचा कर ही दम लेंगे।
मान्यवर साहब कांशीराम जी हमारे हृदय में सदैव रहेंगे।
"जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी" का नारा देकर सोए हुए समाज को जगाने वाले, और "वोट हमारा, राज तुम्हारा नहीं चलेगा" के नारे से शोषित समाज में राजनीतिक चेतना पैदा कर शासक बनाने वाले बहुजन नायक, मान्यवर साहब कांशीराम जी के परिनिर्वाण दिवस पर उन्हें शत शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
हम संकल्प लेते हैं कि आपके "बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय" के अधूरे सपने को मंजिल तक पहुंचा कर ही दम लेंगे।
अमेठी की घटना बताती है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज नही बल्कि जंगलराज है।
अमेठी जिले में पूरे परिवार की हत्या उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की असली तस्वीर है, कि सच क्या है और प्रचार क्या है। सच यह है कि उत्तर प्रदेश में दलितों के जीवन की कोई गारंटी नही है, कल किसका नंबर होगा पता नही, और प्रचार यह है कि कानून व्यवस्था बहुत अच्छी है।
घर में घुसकर सरकारी टीचर सुनील कुमार समेत पूरे परिवार [पत्नी पूनम भारती दो मासूम बेटियों दृष्टि (5) और मिकी (2)] की गोलीमार सामुहिक हत्या करने की घटना अति दुखद और दण्डनीय होने के साथ बता रही है कि दलितों की सुरक्षा दयनीय स्थिति में है और उनकी कहीं कोई सुनवाई नही होती क्योंकि अगर पुलिस-प्रशासन द्वारा पूनम भारती की डेढ़ महीना पहले खुद के साथ छेड़खानी और जान से मारने की धमकी की, शिकायत पर कार्यवाही की होती तो आज चार जान नही जाती।
इस सामुहिक हत्याकांड के लिए पुलिस-प्रशासन की असंवेदनशीलता भी जिम्मेदार है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी व @dgpup मामले को गंभीरता से ले और 48 घंटे में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्यवाही करें और साथ ही असंवेदनशील पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्यवाही करें, जिससे भविष्य में कोई अधिकारी ऐसी लापरवाही ना करे, अगर कार्यवाही में लापरवाही होती है तो मैं खुद अमेठी पहुंचकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिये, अमेठी जिलाधिकारी कार्यालय पर धरने पर बैठूंगा।
@Uppolice कृपया मामले का संज्ञान लें। अराजक तत्त्वों द्वारा भीम आर्मी चीफ और आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. सांसद चन्द्रशेखर आजाद जी को अपशब्द बोला जा रहा है। जिनमे
अनुराग पांडे रनापुर मछलीशहर जौनपुर
मंगल यादव कसेरवा
अक्कू पांडे कसेरवा
कपिल सिंह अभिया है
@dgpup@jaunpurpolice
पिछले कुछ दिनों में ही अयोध्या में दलित बहिन-बेटियों पर जुल्म-ज्यादती की ये तीसरी खबर हैं।
कैंट थाना क्षेत्र में दलित युवती के साथ कई बार सामुहिक बलात्कार, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने व डराने-धमकाने खबर की बेहद शर्मनाक और दण्डनीय होने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों की असंवेदनशीलता भी चिंताजनक है।
मैं @dgpup से मामले को संज्ञान में लेने और सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी करने के साथ-साथ असंवेदनशील पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्यवाही करने की माँग करता हूँ।
राजस्थान दलितों की कब्रगाह बन चुका है।मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी दलित वर्ग से आने वाले होनहार छात्र नवीन रैगर को राजस्थान विश्विद्यालय के जातिवादी कुलपति राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश के उपरांत भी 3 महीने से PhD में प्रवेश नही दे रहे है।
मानसिक रूप से परेशान पीड़ित दलित छात्र ने आत्मदाह करने की बात कही है। मामले में संज्ञान लेकर कुलपति को हटाकर पीड़ित दलित छात्र के साथ न्याय प्रदान करे।
@ikishormakwana@RajCMO@DrPremBairwa@SurajKrBauddh@nitinmeshram_@Sumitchauhaan
#दलित_भाई_को_न्याय_दो
राजस्थान विश्वविद्यालय के अंदर एक मेधावी दलित छात्र को इतना प्रताड़ित किया गया कि वो आत्मदाह करने को मजबूर हो गया। हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे।
राजस्थान विश्वविद्यालय की भ्रष्ट कुलपति की इतनी तानाशाही कि गांधीनगर पुलिस थानाधिकारी के साथ मिलकर हाईकोर्ट के आदेश की पालना नहीं कर रही है। और बोलती है कि हाईकोर्ट ने आदेश दिया है तो मैं उस आदेश को बदलवाने की ताकत रखती हूं। इतना षड्यंत्र!
आखिर एक दलित छात्र से ऐसी क्या पीड़ा है..?
प्रशासन को चेतावनी दे रहा हूं कि 14 सितंबर तक भाई नवीन रैगर को दाखिला नहीं दिया गया तो हम राजस्थान विश्वविद्यालय में आंदोलन करेंगे और कोई भी घटना घटित होती है तो उसका जिम्मेदार स्वयं प्रशासन रहेगा।
आज भाई नवीन रैगर के साथ हो रहे इस अत्याचार और शोषण के खिलाफ अगर हमने आवाज नहीं उठाई तो आने वाले समय में सैकड़ों छात्रों के साथ अन्याय होता रहेगा।
अतः मैं समस्त युवा साथियों और सामाजिक संगठनों से अपील करता हूं कि हम सब लोग मिलकर भाई नवीन रैगर के साथ हो रहे इस अत्याचार के खिलाफ इसकी आवाज को बुलंद करे।
मेरा तो जमीर जिंदा है इस भाई की पीड़ा सहन नही कर सकता।
@RajCMO@BhajanlalBjp@RajPoliceHelp@DrPremBairwa@Nav_Gehlot_
#NirmalChoudhary
पिछले तीन महीने से नवीन रैगर अपनी पीड़ा को लेकर विश्वविद्यालय के कही सारे पदों पर बैठे प्रोफेसरों के पास ठोकरे खाता रहा।
लेकिन विश्वविद्यालय में किसी प्रोफेसर ने भाई की सहायता करना उचित नही समझा। आखिर शिक्षा के मंदिर में छात्रों को क्यों दर दर भटकना पड़ता है।
आखिर नवीन रैगर से विश्वविद्यालय प्रशासन को ऐसी क्या परेशानी है जो हाईकोर्ट से आदेश आने के बावजूद इसे प्रवेश नहीं दिया जा रहा है..?
एक गरीब परिवार से आने वाला मेधावी छात्र नवीन हर दिन 100 किलोमीटर दूर से विश्वविद्यालय आता रहा और यहां आकर वही निराशाजनक जवाब लेकर वापस घर लौट जाना पड़ता ।
क्या विश्वविद्यालय प्रशासन की इंसानियत मर चुकी थी जो कठिन परिस्थितियों से निकले ऐसे छात्रों के साथ अन्याय करती है..?
प्रदेश के सबसे बड़े विश्वविद्यालय में एक दलित छात्र के ऊपर इस प्रकार का अन्याय सोचने की बात है। शिक्षा के मंदिर में अगर जातिवादी मानसिकता होने लगेगी तो देश की युवा शक्ति किस दिशा में जायेगी ।
#NirmalChoudhary
पहले कहा गया 11 सितंबर को चंद्रशेखर भारत बंद कर रहे हैं।
फिर कहा गया दिल्ली घेर रहे हैं।
फिर कहा गया रामलीला मैदान से ललकार रहे हैं।
मगर अब किसी स्टेडियम में जुटकर कॉन्सर्ट टाइप वाइब दे रहे हैं।
बधाई, बावजूद इसके कि दावे का 1% ही डिलीवर कर पा रहे हैं। 5-10 हजार को जनसैलाब की तरह दिखाने की स्ट्रेटजी अपना रहे हैं। वोट देने वालों में 1% ऐसे भी हैं जो बुलाने पर कहीं आ जा रहे हैं।
सुझाव, उतना ही बोलिए जितना कर पा रहे हैं।
क्रेडिबिलिटी की कीमत पहचानिए, अभी तो करियर शुरू कर रहे हैं।
#Reservation