*दस महीने से गन्ने का भुगतान नहीं, कर्ज में डूबे किसान*
खेत में पसीना बहाकर गन्ना पैदा करने वाला किसान आज अपने ही हक के पैसे के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। नागल क्षेत्र की बजाज हिन्दुस्तान शुगर मिल, गांगनौली पर गन्ना किसानों के भुगतान में देरी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। किसानों का कहना है कि करीब दस महीने से भुगतान अटका हुआ है, जिसके कारण परिवारों की आर्थिक स्थिति बुरी तरह चरमरा गई है।
गन्ना किसान के लिए यह सिर्फ बकाया रकम नहीं, बल्कि उसके घर का राशन, बच्चों की फीस, दवाइयां, खेती का खर्च और बेटियों की शादी की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि जब फसल बेचने के बाद भी महीनों तक पैसा नहीं मिलता तो घर का चूल्हा चलाना और कर्ज की किस्तें चुकाना मुश्किल हो जाता है।
*124.16 करोड़ रुपये बकाया—जून 2026 के आंकड़े ने खोली तस्वीर*
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, 2 जून 2026 को सहारनपुर जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक में बजाज गांगनौली मिल पर पेराई सत्र 2025-26 का 124.16 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया बताया गया था। रिपोर्ट में बजाज को जिले की सबसे बड़ी बकायेदार चीनी मिल बताया गया। मिल प्रबंधन की ओर से तत्काल करीब 6 करोड़ रुपये भुगतान करने का आश्वासन भी दिया गया था।
इससे पहले मार्च 2026 की रिपोर्ट में भी बजाज गांगनौली पर करीब 120 करोड़ रुपये बकाया बताया गया था। उसी रिपोर्ट में सहारनपुर की आठ चीनी मिलों पर किसानों का कुल बकाया 211.58 करोड़ रुपये बताया गया था।
यानी किसानों के लिए सवाल सिर्फ भुगतान में देरी का नहीं है, बल्कि यह है कि इतनी बड़ी बकाया राशि के बावजूद भुगतान की रफ्तार इतनी धीमी क्यों है?
*कानून में 14 दिन की व्यवस्था, किसान महीनों से इंतजार में*
गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर उत्तर प्रदेश में कानूनी व्यवस्था निर्धारित है। हाल में इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक मामले में भी अदालत के समक्ष यह तथ्य रखा गया कि उत्तर प्रदेश के गन्ना कानून और नियमों के तहत चीनी मिलों को गन्ना खरीद के बाद निर्धारित अवधि में भुगतान करना होता है और देरी की स्थिति में ब्याज का प्रावधान है।
ऐसे में किसानों का सवाल है कि जब कानून भुगतान की समयसीमा तय करता है, तो फिर उन्हें महीनों तक अपने ही पैसे के लिए इंतजार क्यों करना पड़ रहा है?
' *कर्ज लेकर परिवार चला रहे किसान'*
किसानों का कहना है कि दस महीने तक किसी व्यक्ति की मेहनत की कमाई उसके हाथ में न आए तो परिवार की आर्थिक व्यवस्था कैसे चलेगी। बच्चों की स्कूल फीस, बीमार परिजनों की दवा, खाद-बीज और डीजल का खर्च, बैंक की किस्त और साहूकार का कर्ज—हर तरफ से किसान पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
किसानों का दर्द यह भी है कि खेती में अगली फसल खड़ी करने के लिए पैसा चाहिए, लेकिन पिछली फसल का भुगतान ही नहीं मिला। ऐसे में किसान कर्ज लेकर खेती करने को मजबूर हो रहा है।
*किसान नेताओं ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी*
भारतीय किसान संघ के नेता श्यामवीर त्यागी, पश्चिम उत्तर प्रदेश मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा और किसान नेता विनय त्यागी ने कहा कि अब बजाज मिल के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का समय आ गया है। उनका कहना है कि प्रशासन को किसानों के भुगतान के मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए।
किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि आगामी पेराई सत्र में किसानों की परेशानी को देखते हुए ठोस हस्तक्षेप किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते पूरा बकाया भुगतान नहीं हुआ तो किसान आगामी सत्र में मिल को गन्ना आपूर्ति रोकने और बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
*पहले भी प्रशासन कर चुका है कार्रवाई*
बजाज गांगनौली मिल पर किसानों के बकाया भुगतान का विवाद नया नहीं है। वर्ष 2022 में भी प्रशासन ने करीब 196 करोड़ रुपये की आरसी के मामले में मिल की संपत्ति पर कार्रवाई की थी। उस समय प्रशासन ने किसानों के बकाया भुगतान के लिए संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की थी।
इसके बावजूद वर्षों बाद भी भुगतान को लेकर किसानों की परेशानी सामने आना व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
किसान अब पूछ रहा है—गन्ना हमने दिया, मेहनत हमने की, फसल हमारी थी और पैसा भी हमारा है, फिर अपने ही हक के भुगतान के लिए इतना लंबा इंतजार क्यों?
अब निगाहें जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार पर हैं कि 124.16 करोड़ रुपये के बताए गए बकाये के मामले में किसानों को राहत कब मिलती है और भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अगला कदम क्या उठाया जाता है।
~ प्रशांत त्यागी
UPSSSC JA 5512 भर्ती
UPSSSC JA 5512 भर्ती वाले छात्र आज ट्विटर कैंपेन कर रहे. आयोग से रिजल्ट की मांग कर रहे. कह रहे तकरीबन सालों से नौकरी का इंतज़ार कर रहे हैं. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.
इस वक़्त आयोग और सरकार दोनों एक्टिव हैं. आयोग के सचिव ने रिजल्ट के लिए 5 सितंबर तक का समय मांगा है. छात्रों का कहना है कि 22 अगस्त तक रिजल्ट नहीं आया तो फिर आयोग पहुंचेंगे.
उम्मीद है आयोग और सरकार जल्द संज्ञान लेंगी. उम्मीद ये भी है कि आगे से कोई एग्जाम इस क़दर सालों तक नहीं लटकेगा.
#UPSSSCJA5512 #UPSSSC #JA5512
जिनका VPO एग्जाम क्लियर नहीं हुआ-
कल VPO का रिजल्ट आया. कई छात्रों से बात हुई. सब बहुत खुश थे. क्योंकि इस रिजल्ट के लिए छात्रों ने बहुत संघर्ष किया था. लेकिन इनमें से कुछ ऐसे भी थे जिन्हें उम्मीद थी कि उनका एग्जाम क्लियर हो जाएगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. वो डिप्रेशन में हैं. किसी से बात नहीं कर रहे. अकेले बैठे हैं. बहुत परेशान हैं. कुछ कह रहे कि ज़िंदगी ख़त्म हो गई. कुछ कह रहे कि ये उनका आख़िरी मौक़ा था. इस रिजल्ट के लिए बहुत इंतज़ार किया था.
लेकिन क्या महज़ एक एग्जाम ये तय करेगा कि सब कुछ ख़त्म हो गया या नहीं? क्योंकि ज़िंदगी ऐसे तमाम इम्तिहान लेती रहेगी. हमें डेट रहना है. एक एग्जाम हमारी ज़िंदगी की दिशा तय नहीं करता. डिप्रेशन में नहीं जाना है. हमें लड़ते रहना है. अपने लिए. अपनों के लिए. एक हार के बाद कपड़े झाड़ने हैं और दूसरी तैयारी में लग जाना है. परेशान नहीं होना. अभी बहुत मौक़े बाक़ी हैं.
जिनका एग्जाम क्लियर हुआ उन्हें बधाई. और जिनका नहीं हुआ. उन्हें परेशान नहीं होना है. क्योंकि महज़ एक एग्जाम तय नहीं करेगा कि उनका भविष्य कैसा होगा.
अपना ध्यान रखें.
तस्वीर AI से बनी है.
#upssscvpo #upsssc
#upsssc को इन छात्रों का दर्द समझना चाहिए. बीते दिनों जब लल्लनटॉप की आयोग के सचिव से बात हुई तो हमने उनसे वेटिंग लिस्ट के बारे में पूछा था. उन्होंने जवाब दिया कि वेटिंग लिस्ट पर फैसला ना आयोग ले सकता है ना विभाग. ये फैसला सरकार ही ले सकती है. माने मुख्यमंत्री @myogiadityanath के दखल के बाद ही इस पर कुछ फैसला आ सकता है.
#UPSSSC
ग़ज़ब की धमकी दी है इस छात्र ने!
कहा है कि जिस हिसाब से सिलेबल और स्कूल की फ़ीस बढ़ाते हैं उस हिसाब से (स्वतंत्रता दिवस पर) लड्डू क्यों नहीं बढ़ाते? दो लड्डू का पुराना सिस्टम नहीं सुधारा तो इस बार जंतर मंतर पर प्रदर्शन पढ़ाई के लिए नहीं मिठाई के लिए होगी!
#UPSSSC को छात्रों का एक और अल्टीमेटम
17 अगस्त को छात्र एक बार फिर आयोग के दफ्तर कूच करने वाले हैं. छात्रों की नाराज़गी है कि VPO की 2023 की वेकेंसी है लेकिन अभी तक फाइनल रिजल्ट नहीं आया.
इससे इतर UPSSSC के सचिव ने लल्लनटॉप से बात करते हुए बताया था कि आने वाले 2-3 हफ्तों में रिजल्ट हर हाल में जारी कर देंगे.
हम सब चाहते हैं कि छात्रों का फाइनल रिजल्ट आ जाए. उनके संघर्ष के दिन ख़त्म हो और आगे से कोई भी वेकेंसी ऐसी ना हो जिसके रिजल्ट का छात्रों को इस क़दर इंतज़ार करना पड़े.
#upsssc #upsssc_release_vpo_final_result