वोट चोरी' लोकतंत्र के खिलाफ एक अपराध है- जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब हिंदुस्तान के हर घर से एक ही आवाज निकलेगी- वोट चोर, गद्दी छोड़ ✊
📍 रामलीला मैदान, दिल्ली
#VoteChorGaddiChhod
Joining the IAS was a means for me to serve.
Leaving it was a necessity to speak.
Through the Indian National Congress, I find the space to do both, to serve the people and to raise my voice against injustice.
Grateful to Shri @kharge ji, Shri @RahulGandhi ji, Shri @kcvenugopalmp ji and to the congress workers, supporters and friends who made me feel at home.
This is the beginning of a humble journey.
Consider me your ally, your friend, your brother.
Hon'ble Congress President has appointed the following leaders as AICC Senior Observers for the upcoming assembly elections in Bihar, also approved the proposal for the appointment of District Election Observers, as enclosed, for the upcoming assembly elections in Bihar.
Hon'ble Congress President has approved the proposal for the appointment of Presidents of the District Congress Committees of Jharkhand, as enclosed, with immediate effect.
The Congress President, Shri Mallikarjun Kharge, has approved the candidature of Shri Karanbir Singh Burj as Congress candidate for the forthcoming bye-election to the Legislative Assembly of Punjab from 21-Tarn Taran Constituency.
सभी देशवासियों को विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
अन्याय और अत्याचार पर न्याय और सत्य की विजय का यह पर्व, अहंकार का नाश कर, सभी के जीवन में सद्भाव और करुणा लाए।@INCIndia
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर कोटिश: नमन 📷
आइए, हम सब बापू की जयंती पर सत्य, अहिंसा के आदर्शों का पालन करने का संकल्प लें और सामाजिक न्याय की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाएं।@INCIndia
महान नेता और देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर सादर नमन। शास्त्री जी की सादगी, उनकी सत्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा।@INCIndia
सभी देशवासियों को विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएं। अन्याय और अत्याचार पर न्याय और सत्य की विजय का यह पर्व, अहंकार का नाश कर, सभी के जीवन में सद्भाव और करुणा लाए।
प्रधानमंत्री आज भागलपुर, बिहार में हैं। उनके लिए चार सवाल हैं -
1.मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और भागलपुर के लिए वादे के मुताबिक एयरपोर्ट कहां हैं?
प्रधानमंत्री ने 18 अगस्त 2015 को पूर्णिया में एयरपोर्ट बनाने का वादा किया था। छह साल और तीन बार नीतीश कुमार की पलटी के बाद भी उनकी सरकार इस वादे को पूरा नहीं कर पाई। 2019 की एक रैली में, मोदी जी ने मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट को चालू करने का आश्वासन दिया था। 2023 में, गृह मंत्री अमित शाह ने भी पताही एयरपोर्ट को शुरू करने का संकल्प दोहराया, जबकि भाजपा ने दिवाली 2023 तक इसे पूरी तरह चालू करने का वादा किया था।
लगभग एक साल पहले AAI की एक ग्राउंड टीम ने पाया था कि हवाईपट्टी पर टूटी हुई बाउंड्री वॉल और घूमती हुई भैंसें हैं! आज भी हालात लगभग वैसे ही हैं , आखिर सरकार पिछले 11 सालों से कर क्या रही है?
मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और भागलपुर जैसे शहरों को एयरपोर्ट की ज़रूरत है और वे इसके हकदार भी हैं, लेकिन भारतीय जुमला पार्टी के राज में इन्हें सिर्फ खोखले वादे ही मिले हैं। प्रधानमंत्री ने बिहार की जनता से इस विषय पर बार-बार झूठ क्यों बोला?
2.बिहार में इतने जरूरी प्रोजेक्ट अधूरे क्यों पड़े हैं?
2015 में, बिहार की जनता से 1.25 लाख करोड़ के पैकेज का बड़ा वादा किया था। इस पैकेज में से 54,713 करोड़ रुपये सड़क और पुल परियोजनाओं के लिए निर्धारित किए गए थे। गंगा, सोन और कोसी नदियों पर कई पुल, राष्ट्रीय राजमार्ग और 12 रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाने थे।
लेकिन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, 44 नियोजित राष्ट्रीय राजमार्गों में से 27 अभी भी अधूरे हैं, जबकि बाकी 17 के लिए अब तक डीपीआर (Detailed Project Report) तक तैयार नहीं हुई है।
इसके अलावा, भागलपुर के विक्रमशिला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए एक ईंट तक नहीं रखी गई। यहां तक कि यूपीए सरकार द्वारा 2013 में साइन किया गया बक्सर थर्मल पावर प्लांट का एमओयू भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
इतने बड़े-बड़े वादे करने के बाद प्रधानमंत्री ने बिहार के लोगों की बेशर्मी से उपेक्षा क्यों की है?
3.भागलपुर की सांस्कृतिक
विरासत और पर्यटन की संभावनाओं को संवारने के लिए मोदी सरकार ने क्या किया?
भागलपुर बिहार और भारत का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र है—यहां की टेक्सटाइल इंडस्ट्री, मंजूषा पेंटिंग्स और भगवान महावीर का जन्मस्थल प्रसिद्ध हैं। लेकिन ये सभी सरकारी उपेक्षा के शिकार हैं।
उदाहरण के लिए, भागलपुर रीजनल हैंडलूम वीवर्स कोऑपरेटिव यूनियन के अनुसार, 2019 से 2024 के बीच बुनकरों की संख्या 2 लाख से घटकर सिर्फ 60,000 रह गई। 2015 में यह कारोबार 600 करोड़ रुपये सालाना था, जो अब घटकर 150 करोड़ रुपये रह गया है।
बुनकरों को बढ़ती इनपुट लागत की समस्या से लगातार जूझना पड़ रहा है , जबकि उनका कारोबार ठप है। ऐसे में मोदी सरकार पिछले 11 सालों से कहां गायब थी? भागलपुर की संभावनाओं को संवारने के लिए सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
4.बिहार को अब तक विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं मिला, जबकि प्रधानमंत्री ने खुद इसका वादा किया था?
2014 में, जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के लिए प्रचार कर रहे थे, तब उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा किया था।
केंद्र सरकार के अपने ही बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) रिपोर्ट के अनुसार, बिहार भारत का सबसे गरीब राज्य है, जहां राज्य की 52% आबादी को आवश्यक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर तक पहुंच नहीं है।
2013 में, रघुराम राजन कमेटी ने आर्थिक रूप से पिछड़े राज्यों के लिए एक नया फंड आवंटन मॉडल सुझाया था, जो बहुआयामी गरीबी सूचकांक पर आधारित था। लेकिन 12 साल बीत जाने के बाद भी, मोदी सरकार किसका इंतजार कर रही है?
प्रधानमंत्री बिहार की जनता से किया गया अपना वादा क्यों भूल गए?
केंद्र में 11 साल और बिहार में लगभग 21 साल सत्ता में रहने के बाद भी, मोदी सरकार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने में क्यों नाकाम रही?
आज AICC General Secretaries और Incharges की बैठक में मेरे शुरूआती वक्तव्य के कुछ अंश -
हमें काँग्रेस पार्टी की ideology के COMMITTED ऐसे लोगों को आगे बढ़ाना चाहिए जो विपरीत माहौल में भी चटटान की तरह हमारे साथ खड़े हैं।
मैं यहां एक सबसे जरूरी बात Accountability के बारे में भी आप सभी से कहना चाहूंगा। आप सभी अपने प्रभार वाले राज्यों के संगठन और भविष्य के चुनाव परिणामों के लिए Accountable होंगे।
आप सभी जानते हैं कि हमारा “संविधान बचाओ अभियान” चल रहा है। जय बापू, जय भीम, जय संविधान कार्यक्रम बेलगांव में हमने तय किया था। ये अगले एक वर्ष तक चलेगा।
इसके तहत पदयात्रा, संवाद, Corner meetings जैसी गतिविधियां चलायी जा सकती है। लेकिन ऐसे हर programme का लक्ष्य होना चाहिए संगठन का सशक्तिकरण !
इस बीच हमारे सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। आप जानते हैं कि इन दिनों चुनाव में Voter List Manipulation का काम बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसके बारे में लोक सभा में @RahulGandhi जी ने भी सवाल उठाया।
आप सभी को महसूस होगा कि आज कल हमारे समर्थकों के नाम voter list से काट दिए जाते हैं। या नाम हटाकर बगल के booth से जोड़ दिया जाता है।
BJP की तरफ़ से नए नाम चुनाव के ठीक पहले जोड़े जाते हैं। इस धांधली को हर हाल में रोकना होगा।
Supreme Court के आदेश से Chief Election Commissioner (CEC) की Selection Committee में Chief Justice को भी जोड़ा गया था। मोदी जी ने उन्हें भी बाहर कर दिया। सरकार को देश के Chief Justice की निष्पक्षता पर भी भरोसा नहीं है।
Supreme Court में आज इस मामले की सुनवाई होने वाली थी, सरकार ने इसके पहले नए CEC की घोषणा कर दी।
राहुल जी ने कहा भी कि ऐसे Selection Committee का क्या फायदा, जहाँ आप LOP का इस्तेमाल सिर्फ़ certification के लिए कर रहे हैं?
इन बातों के साथ देश के सामने अनगिनत चुनौतियाँ हैं।
महँगाई और बेरोज़गारी स्थायी मसला बना हुआ है। मोदी सरकार इस मामले में पूरी तरह विफल रही है।
मोदीजी की यात्रा के बावजूद अमेरिका पहले की ही तरह भारतीय नागरिकों को हथकड़ी लगा कर वापिस भेज रहा है। Vegetarian यात्रियों को non veg खाना दिया गया । हमारी सरकार इस अपमान का ठीक तरीके से विरोध जताने में भी विफल रही।
आर्थिक मामलों में भी अमेरिका हम पर गहरी चोट कर रहा है। हम पर उलटा Tariff लगा दिया, पर प्रधानमंत्री ने इसका विरोध तक नहीं किया।
वे हम पर जबरदस्ती घाटे का सौदा थोप रहे हैं, जिसे हमारी सरकार चुपचाप मान ले रही है। ये साफ़-साफ़ हिंदुस्तान और हिंदुस्तान के लोगों का अपमान है।
अगला 5 साल हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम जनता के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष और जन आंदोलन करके मुख्य विपक्ष की भूमिका में उभरने का प्रयास करें। इससे ही हम लोगों की पहली पसंद बनेंगे।