चुनाव जब आता हैं,
बहार लेकर आता हैं।
पुरानी भर्ती का पता नहीं,
नई हजार लेकर आता हैं।
मध्यप्रदेश के शासकीय स्कूल
शिक्षकविहीन लगभग 13 साल से।
ऐसा क्यों?
🤔📄✍️
"सिंधिया काले हो या पीले, जनता सब जानती है"
◆ ज्योतिरादित्य सिंधिया के 'काला कौआ' बयान पर कमलनाथ की प्रतिक्रिया
#JyotiradityaScindia | @OfficeOfKNath |
सुश्री लहरी बाई और किसान दीदियों ने श्री अन्न, कोदो, कुटकी, ज्वार-बाजरा, समेत अन्य अनाज के बीजों का संरक्षण करने के लिए बीज बैंक बनाई हैं: CM
#ShivrajKiLadliBehna#शिव_राज_में_विश्वास
18000 सरकारी स्कूलों में बिजली नहीं, शौचालय की व्यवस्था नहीं, पीने के पानी की व्यवस्था नहीं, बोर्ड परीक्षा में आधे से ज्यादा बच्चे फेल हो जाते यह हैं। ये है मामा का मॉडल : @AapkaRamakant
खाद लेने के लिए 6 घंटे से लाइन में लगे किसान की मौत हो गयीI
अगर समय से खाद मिल जाता तो शायद उन्हें अपना जीवन नही गंवाना पड़ताI
@mlkhattar जी, थोड़ी सी शर्म करिए और किसानों को खाद जैसी मूलभूत चीजें तो आसानी से उपलब्ध करवा दीजिये ताकि किसी और किसान को अपनी जान ना गंवानी पड़ेI
@ks_chauhan23@ChouhanShivraj मामा के कारण आज कितने परिवारों का दीपक बुझ गया?
गांव से शहर आये पढ़ाई-लिखाई के लिए लेकिन रोजगार नही।
शिक्षक भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण फिर भी दर-दर की ठोकर खा रहे या आत्महत्या कर रहे।।
इसलिए @BJP4MP का जाने का समय आ गया।
इस तरह की फोटो गलत हैं।
इसका विरोध करता हूँ।
विधानसभा चुनावों की तारीख़ की घोषणा होते ही भाजपा में खलबली मच गयी है। ‘पन्ना प्रमुखों’ को अपनी चुनावी रणनीति का आधार माननेवाली भाजपा में इस बार ‘पन्ना प्रमुखों’ के बीच अजब बेचैनी है।
जिस प्रकार मप्र में प्रत्याशी ऊपर से थोपे जा रहे हैं, उससे बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुखों में ये चर्चा है कि जब भाजपा के बड़े-बड़े नामची नेताओं की नहीं चल रही है तो फिर पार्टी में हमारे भविष्य का क्या होगा। जिस भाजपा के लिए हमने मेहनत की वो जब उच्च स्तर पर बैठे नेताओं को सिर्फ़ आदेशों का पालन करनेवाले मोहरे बनाकर चल रही है तो फिर हमारी सलाह या राजनीतिक हैसियत का तो कोई सवाल ही नहीं उठता। इसी कारण बूथ स्तर पर भाजपा में निराशा और हताशा का माहौल है। सब धीरे-धीरे पार्टी से बाहर जाने का बहाना ढूँढ रहे हैं। सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करनेवाली भाजपा, सबसे बड़े आंतरिक पलायन का कीर्तिमान बनाने जा रही है।
इस हिसाब से तो चुनाव की तारीख़ आने तक भाजपा अपने कार्यालय तक ही सिमटकर रह जाएगी।
#मध्यप्रदेश मे आचार संहिता लागु..
युवाओ की उम्मीदे, सपने सब कुछ खत्म हो गए।
सरकार सत्ता मे रहते हुए ना तो सभी भर्ती परीक्षा के रिजल्ट दे पायी, ना ही पटवारी भर्ती के योग्य चयनित अभ्यर्थी को नियुक्ति दे पायी।
युवाओ के हिस्से मे सिर्फ झूठे वादे, झूठे आश्वासन आए।
#MPElection2023
भाजपा मप्र में 18 साल के अपने शासनकाल में दोषी है:
– युवाओं के भविष्य पर आघात की,
–ग़रीबों-महिलाओं पर बढ़ते प्रहार की,
– आदिवासियों-एससी पर अत्याचार की,
–नौकरी-ठेकों व हर काम में भ्रष्टाचार की,
–घटती मज़दूरी व नुक़सान उठाती पैदावार की,
– पिछड़ों व दलितों का हक़ मारने के अपराध की,
–कन्याओं से अपराध और अनाचार की,
–खेती, कारोबार, शिक्षा, स्वास्थ्य के चौपट राज की,
–मां नर्मदा व अन्य मां तुल्य नदियों की लूट की,
–गौ माता से आसरा और जीवन छीनने की,
–कर्मचारियों के भविष्य को समाप्त करने की,
–मध्यप्रदेश की उज्ज्वल पहचान को कलंकित करने की
जनता भाजपा को हराकर मप्र की कई पीढ़ियों से किये गये विश्वासघात की सज़ा देगी और महंगाई, बेरोज़गारी व भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए अपने एक-एक वोट से कांग्रेस की ही सरकार लाएगी।
भाजपा का समय पूरा हुआ!