मैं आईएएस बनकर 8 साल हो गये।माँ आज भी चूड़ियाँ बेचती है।कहती है,'यहीं चूड़ियाँ बेचकर मिले पैसों से तुझे पढ़ाकर कलेक्टर बनवाया है।जबतक हाथ चलेंगे चूड़ियाँ बेचती रहूंगी।'विपरित हालात में जो साथ देते है उनको कभी नहीं भूलना चाहिए।#आक्का https://t.co/RQVo8vXLVp
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