To,
The Deputy Commissioner / Assistant Engineer (Building)
Municipal Corporation of Delhi (MCD)
Central Zone / Concerned Zone Office
(Kalkaji Area)
New Delhi
Subject: Complaint regarding unauthorized / illegal construction of additional floors at Property No. A-550, Double Storey, Kalkaji, New Delhi – 110019 – Immediate action requested under Delhi Municipal Corporation Act, 1957 and Unified Building Bye-Laws (in Public Interest).
Respected Sir/Madam,
I am Social Worker working in the field of public interest and civic issues, wish to bring to your kind notice the ongoing illegal and unauthorized construction at the following property in public interest:
Property Address:
A-550, Double Storey, Kalkaji, New Delhi – 110019
Details of Violation:
1. Originally the property was a ground floor / double storey structure.
2. Now the owner/builder is constructing additional floors (total around 5 floors planned).
3. Already 2 Floors have been successfully placed.
4. The structure is currently standing only on some pillars on the ground floor.
5. Further lintels and floors are planned to be added.
6. This construction is being carried out without any sanctioned building plan and in clear violation of the building bye-laws applicable to Double Storey area of Kalkaji.
7. Such multi-storey construction on a double storey property is not permitted and poses serious risk to life and property of the neighbouring residents and general public.
The builder is openly saying that he has high-level connections and is carrying out this illegal activity without any fear. As a social worker working in public interest, I am deeply concerned about the structural safety and possible risk to human lives due to this unauthorized construction.
Request:
1. Immediate site inspection by the Building Department / Junior Engineer.
2. Immediate Stop Work Notice under Section 343 & 344 of the Delhi Municipal Corporation Act, 1957.
3. Sealing of the property if required.
4. Demolition of the unauthorized construction as per law.
5. Action against the owner/builder and the officials if any negligence is found.
I am attaching photographs of the ongoing construction for your ready reference. This complaint is being filed purely in public interest to protect the safety of the residents and uphold the rule of law.
I shall be highly obliged for your early and strict action.
Thanking you,
@MCD_Delhi@official_dda@LtGovDelhi@CMODelhi@DCCNZMCD@HMOIndia@CVCIndia@AdditionalMcd@SandhuTaranjitS@praveshwahi@satya_office@official_dda@ashishsood_bjp@DirectorPI_MCD
8 साल से अवैध निर्माण खड़ा है… MCD सिर्फ नोटिस दे रही है!
🚨 Location: Gate No. 2, 155-A, Opp. Max Hospital, Saket Institutional Area, Hauz Rani, Malviya Nagar, New Delhi – 110017
(Near Maximum Help Pharmacy)
2018 में MCD ने खुद अवैध निर्माण बुक किया था:
📄 नोटिस
नंबर: 8964 | दिनांक: 17-01-2018
धारा 344(1) व 343 के तहत
📄 गिराने का आदेश
नंबर: 7024 | दिनांक: 05-02-2018
धारा 343 के तह��
अवैध निर्माण: Ground Floor + First Floor + Second Floor
(155 हौज़ रानी विलेज)
लेकिन 8 साल में कार्रवाई नहीं हुई। फाइल में बार-बार यही बहाने लिखे गए:
- Police Force not available
- Shortage of Time
आज भी:
❌ परिसर खाली नहीं हुआ
❌ अवैध निर्माण खड़ा है
❌ जमीनी एक्शन नहीं हुआ
सवाल साफ है:
1. 8 साल में कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
2. Vacation Notice के बाद असली एक्शन कब होगा?
3. अवैध निर्माण कब टूटेगा?
4. देरी की जिम्मेदारी किसकी?
नोटिस देना कार्रवाई नहीं है।
जनता अब कागजी कार्रवाई नहीं, जमीनी ध्वस्तीकरण चाहती है।
हमारी मांग
1. समयबद्ध तरीके से परिसर खाली कराया जाए
2. अवैध निर्माण पर तुर��त ध्वस्तीकरण हो
3. 2018 से पूरी फाइल की स्वतंत्र जांच हो
4. देरी के जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय हो
@MCD_Delhi @official_dda @DirectorPI_MCD @AdditionalMcd @DCSOUTHZONE @CVCIndia @DMSouthDelhi @LtGovDelhi @DelhiPwd @hqrevenue_ @DPCC_Pollution @CPCB_OFFICIAL @upadhyaysbjp @ashishsood_bjp
#HauzRani #IllegalConstruction #MCD #ActionNow #SystemSharamKaro #Accountability
🚨 सवाल यह है कि आखिर यह गेट हट क्यों नहीं रहा?
कई बार शिकायतें और जानकारी दिए जाने के बावजूद साकेत, ब्लॉक-ई के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगा यह गेट ��ज भी जस का तस है।
अब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति या रसूखदार वर्ग का दबाव होने के कारण संबंधित अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं?
अगर यही मामला किसी गरीब या आम नागरिक की जमीन/मकान से जुड़ा होता, तो क्या इतनी लंबी अवधि तक गेट या अवरोध बना रहता? या फिर तत्काल कार्रवाई कर दी जाती?
कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।
अगर गेट अवैध है तो उसे हटाने में इतनी देरी क्यों? और अगर यह गेट वैध है, तो संबंधित विभाग सार्वजनिक रूप से इसका कानूनी आधार, स्वीकृति और अनुमति स्पष्ट क्यों नहीं करता?
जनता यह जानना चाहती है कि आखिर किसके दबाव में कार्रवाई रुकी हुई है?
@DMSouthDelhi @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @DelhiPwd @CMODelhi @LtGovDelhi
@CVCIndia
@gupta_rekha @OfficialDMRC
@DCP_DelhiMetro
जनहित में निष्पक्ष जांच और स्पष्ट कार्रवाई की मांग।
���र्म करो दिल्ली जल बोर्ड! 🚨
दिल्ली में पैसा कानून से ऊपर बोलता है! 💰
तुगलकाबाद एक्सटेंशन में पीने के पानी की भारी कमी है — सिर्फ 30 मिनट पानी मिलता है।
लेकिन पूरे तुगलकाबाद एक्सटेंशन में इलीगल बोरिंग चल रही है। पानी खुलेआम बेचा जा रहा है। 10 रुपये की बोतल 20 रुपये में बेची जा रही है। दलाल मोटा माल कमा रहे हैं।
और सबसे बड़ी बात — गली नंबर 14 में बोरिंग करके हर घर में पानी की पाइपलाइन बिछा दी गई है��� प्राइवेट पानी बेचा जा रहा है — 1200 रुपये प्रति महीना, रोज़ सिर्फ 15 मिनट पानी!
स��त्रों से पता चला है कि दिल्ली जल बोर्ड का एक आदमी पूरे तुगलकाबाद एक्सटेंशन से इलीगल बोरिंग के पैसे वसूली करता है। वो खुद कहता है:
“खुले में पानी बेचो… हिस्सा ऊपर तक जा रहा है!”
ये है आपका सिस्टम? गरीबों को 30 मिनट का पानी, और माफिया को खुली छूट?
इतनी खुली लूट! अधिकारी चुप क्यों हैं? क्योंकि माल मोटा जा रहा है?
📍 गली नंबर 13, 14, 23, 10, 17 – तुगलकाबाद एक्सटेंशन, नई दिल्ली 110019
पूरे कॉलोनी में इलीगल बोरवे�� चल रहे हैं।
पानी खुलेआम बिक रहा है।
गली नंबर 14 में हर घर तक प्राइवेट पाइपलाइन डालकर लूट मची हुई है।
दलाल रात-दिन मोटा माल कमा रहे हैं।
जवाबदेही कहाँ है? कानून कहाँ है?
@PIB_Altsarkar @waterdpt008 @LtGovDelhi @CMODelhi @HMOIndia @DelhiJalBoard @Ceo_djb @DoWRRDGR_MoJS @JalShaktiAbhyan @CWCOfficial_GoI @WorldBankWater @TheWaterDigest @UNICEFwater @Water @gupta_rekha @p_sahibsingh @BJPChandankr @RamvirBidhuri @DelhiComplaint @DelhiPolice
@Dmsoutheastdelh
@DMCentralDelhi
इलीगल वॉटर माफिया बंद करो। अभी एक्शन लो!⚠️
#DelhiJalBoard #WaterScam #Tughlakabad #Corruption #DelhiNews #WakeUpAuthorities #IllegalBoring #WaterMafia
🚨 वन विभाग द्वारा पूर्व में सील की गई साइट पर पुनः निर्माण शुरू होने के संबंध में जांच एवं ATR की मांग
स्थान:
📍 Opposite pillar No. 28, 348, Mehrauli-Gurgaon Road, Opposite Metro Pillar 28, Sultanpur, New Delhi – 110030
GPS: 28.499788, 77.163294
विषय: पेड़ काटने के मामले में वन विभाग द्वारा पूर्व में सील की गई साइट पर कथित रूप से सील तोड़कर पुनः निर्माण शुरू किए जाने के संबंध में कार्रवाई एवं ATR सार्वजनिक करने की मांग।
महोदय,
उक्त स्थान पर पूर्व में पेड़ काटे जाने की शिकायत/घटना के संबंध में वन विभाग द्वारा साइट को सील किए जाने की जानकारी सामने आई थी। अब मौके की वर्तमान स्थिति में दिखाई दे रहा है कि पूर्व में लगाई गई सील के बावजूद साइट पर पुनः निर्माण कार्य किया जा रहा है और वहां बिल्डिंग का निर्माण आगे बढ़ चुका है।
इस संबंध ��ें पूर्व में की गई शिकायत का विवरण/शिकायत संख्या: 11948
अतः वन विभाग से जनहित में निम्न जानकारी एवं कार्रवाई की मांग है:
1. पेड़ काटने की शिकायत पर वन विभाग ने उस समय क्या क��र्रवाई की थी?
2. क्या संबंधित व्यक्ति/बिल्डर के विरुद्ध जुर्माना, चालान अथवा कोई अन्य कानूनी कार्रवाई की गई थी? यदि हाँ, तो उसका विवरण सार्वजनिक किया जाए।
3. वन विभाग द्वारा लगाई गई सील के बावजूद निर्माण कार्य दोबारा कैसे शुरू हुआ?
4. क्या विभाग ने मौके पर दोबारा निरीक्षण किया? यदि किया है तो उसकी निरीक्षण रिपोर्ट/ATR सार्वजनिक की जाए।
5. यदि सील तोड़ी गई है तो सील तोड़ने के संबंध में क्या कार्रवाई की गई?
6. वर्तमान में चल रहे निर्माण पर विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की गई है, इसकी Action Taken Report (ATR) उपलब्ध कराई जाए।
7. पूर्व की शिकायत और वर्तमान स्थिति को जोड़कर जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जनहित में अनुरोध है कि केवल शिकायत को बंद/फॉरवर्ड करने के बजाय मौके की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण कर स्पष्ट ATR जारी की जाए, ताकि यह पता चल सके कि पूर्व में लगाई गई वन विभाग की सील के बाद निर्माण कार्य पुनः किस प्रकार शुरू हुआ।
अतिरिक्त गंभीर आरोप एवं अनुरोध:
सूत्रों से पता चला है कि वन एवं वन्यजीव मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा का इस बिल्डिंग में कोई लेना-देना है, इस��िए इस पर कार्रवाई नहीं हो रही। क्या आपका कोई व्यक्तिगत हित इसमें है? साथ ही इसमें आपके BJP के सुंदर तंवर का भी हाथ है और करोड़ों की रिश्वत का आरोप है। JE द्वारा 1 करोड़ की रिश्वत हनी अग्रवाल जी ने भी ली है — ऐसा सूत्रों से पता चला है।
@HMO से अनुरोध है कि जितने भी यहाँ के नेता, JE, Action,EE, DC, EE आदि रहकर जाते हैं, उन सबकी जांच हो। DC श्री शाश्वत सौरभ जी, आपके बारे में इतना सुना था कि आप तुरंत कार्रवाई करते हैं, लेकिन यहाँ तो कुछ और ही हो रहा है। आप भी कोई कार्रवाई लेने को तैयार नहीं दिख रहे।
धन्यवाद
@NGTribunal
@hqrevenue_ @LtGovDelhi @CVCIndia
@CMODelhi @LtGovDelhi @MCD_Delhi @dofwgnctd @DCSOUTHZONE @hqrevenue_
@mssirsa @CVCIndia @HMOIndia
@DMSouthDelhi
@DPCC_Pollution
शर्म करो दिल्ली जल बोर्ड! 🚨
दिल्ली में पैसा कानून से ऊपर बोलता है! 💰
तुगलकाबाद एक्सटेंशन में पीने के पानी की भारी कमी है — सिर्फ 30 मिनट पानी मिलता है।
लेकिन पूरे तुगलकाबाद एक्सटेंशन में इलीगल बोरिंग चल रही है। ��ानी खुलेआम बेचा जा रहा है। 10 रुपये की बोतल 20 रुपये में बेची जा रही है। दलाल मोटा माल कमा रहे हैं।
और सबसे बड़ी बात — गली नंबर 14 में बोरिंग करके हर घर में पानी की पाइपलाइन बिछा दी गई है। प्राइवेट पानी बेचा जा रहा है — 1200 रुपये प्रति महीना, रोज़ सिर्फ 15 मिनट पानी!
सूत्रों से पता चला है कि दिल्ली जल बोर्ड का एक आदमी पूरे तुगलकाबाद एक्सटेंशन से इलीगल बोरिंग के पैसे वसूली करता है। वो खुद कहता है:
“खु��े में पानी बेचो… हिस्सा ऊपर तक जा रहा है!”
ये है आपका सिस्टम? गरीबों को 30 मिनट का पानी, और माफिया को खुली छूट?
इतनी खुली लूट! अधिकारी चुप क्यों हैं? क्योंकि माल मोटा जा रहा है?
📍 गली नंबर 13, 14, 23, 10, 17 – तुगलकाबाद एक्सटेंशन, नई दिल्ली 110019
पूरे कॉलोनी में इलीगल बोरवेल चल रहे हैं।
पानी खुलेआम बिक रहा है।
गली नंबर 14 में हर घर तक प्राइवेट पाइपलाइन डालकर लूट मची हुई है।
दलाल रात-दिन मोटा माल कमा रहे हैं।
जवाबदेही कहाँ है? कानून कहाँ है?
@PIB_Altsarkar @waterdpt008 @LtGovDelhi @CMODelhi @HMOIndia @DelhiJalBoard @Ceo_djb @DoWRRDGR_MoJS @JalShaktiAbhyan @CWCOfficial_GoI @WorldBankWater @TheWaterDigest @UNICEFwater @Water @gupta_rekha @p_sahibsingh @BJPChandankr @RamvirBidhuri @DelhiComplaint @DelhiPolice
@Dmsoutheastdelh
@DMCentralDelhi
इलीगल वॉटर माफिया बंद करो। अभी एक्शन लो!⚠️
#DelhiJalBoard #WaterScam #Tughlakabad #Corruption #DelhiNews #WakeUpAuthorities #IllegalBoring #WaterMafia
शर्म करो दिल्ली जल बोर्ड! 🚨
दिल्ली में पैसा कानून से ऊपर बोलता है! 💰
तुगलकाबाद एक्सटेंशन में पीने के पानी की भारी कमी है — सिर्फ 30 मिनट पानी मिलता है।
लेकिन पूरे तुगलकाबाद एक्सटेंशन में इलीगल बोरि���ग चल रही है। पानी खुलेआम बेचा जा रहा है। 10 रुपये की बोतल 20 रुपये में बेची जा रही है। दलाल मोटा माल कमा रहे हैं।
और सबसे बड़ी बात — गली नंबर 14 में बोरिंग करके हर घर में पानी की पाइपलाइन बिछा दी गई है। प्राइवेट पानी बेचा जा रहा है — 1200 रुपये प्रति महीना, रोज़ सिर्फ 15 मिनट पानी!
सूत्रों से पता चला है कि दिल्ली जल बोर्ड का एक आदमी पूरे तुगलकाबाद एक्सटेंशन से इलीगल बोरिंग के पैसे वसूली करता है। वो खुद कहता है:
“खुले में पानी बेचो… हिस्सा ऊपर तक जा रहा है!”
ये है आपका सिस्टम? गरीबों को 30 मिनट का पानी, और माफिया को खुली छूट?
इतनी खुली लूट! अधिकारी चुप क्यों हैं? क्योंकि माल मोटा जा रहा है?
📍 गली नंबर 13, 14, 23, 10, 17 – तुगलकाबाद एक्सटेंशन, नई दिल्ली 110019
पूरे कॉलोनी में इलीगल बोरवेल चल रहे हैं।
पानी खुलेआम बिक रहा है।
गली नंबर 14 में हर घर तक प्राइवेट पाइपलाइन डालकर लूट मची हुई है।
दलाल रात-दिन मोटा मा�� कमा रहे हैं।
जवाबदेही कहाँ है? कानून कहाँ है?
@PIB_Altsarkar @waterdpt008 @LtGovDelhi @CMODelhi @HMOIndia @DelhiJalBoard @Ceo_djb @DoWRRDGR_MoJS @JalShaktiAbhyan @CWCOfficial_GoI @WorldBankWater @TheWaterDigest @UNICEFwater @Water @gupta_rekha @p_sahibsingh @BJPChandankr @RamvirBidhuri @DelhiComplaint @DelhiPolice
@Dmsoutheastdelh
@DMCentralDelhi
इलीगल वॉटर माफिया बंद करो। अभी एक्शन लो!⚠️
#DelhiJalBoard #WaterScam #Tughlakabad #Corruption #DelhiNews #WakeUpAuthorities #IllegalBoring #WaterMafia
🚨 सवाल यह है कि आखिर यह गेट हट क्यों नहीं रहा?
कई बार शिकायतें और जानकारी दिए जाने के बावजूद साकेत, ब्लॉक-ई के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगा यह गेट आज भी जस का तस है।
अब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या किसी प्रभावशाल��� व्यक्ति या रसूखदार वर्ग का दबाव होने के कारण संबंधित अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं?
अगर यही मामला किसी गरीब या आम नागरिक की जमीन/मकान से जुड़ा होता, तो क्या इतनी लंबी अवधि तक गेट या अवरोध बना रहता? या फिर तत्काल कार्रवाई कर दी जाती?
कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।
अगर गेट अवैध है तो उसे हटाने में इतनी देरी क्यों? और अगर यह गेट वैध है, तो संबंधित विभाग सार्वजनिक रूप से इसका कानूनी आधार, ��्वीकृति और अनुमति स्पष्ट क्यों नहीं करता?
जनता यह जानना चाहती है कि आखिर किसके दबाव में कार्रवाई रुकी हुई है?
@DMSouthDelhi @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @DelhiPwd @CMODelhi @LtGovDelhi
@CVCIndia
@gupta_rekha @OfficialDMRC
@DCP_DelhiMetro
जनहित में निष्पक्ष जांच और स्पष्ट कार्रवाई की मांग।
🚨 शर्मनाक प्राथमिकताएँ या जनता की सुरक्षा से खिलवाड़?
एक बात समझ से परे है—जब यहां की रेलिंग टूट रही थी और नीचे नाले के किनारे की सड़क भी जर्जर हालत में थी, तब इन जरूरी समस्याओं को ठीक करने के बजाय नए डिवाइडर लाकर लगाने में पैसा खर्च कर दिया गया।
आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि जिस काम की तुरंत जरूरत है, उसे छोड़कर ऐसे कामों पर सरकारी पैसा खर्च किया जा रहा है?
👉 टूटी हुई रेलिंग आज भी हादसे को न्योता दे रही है।
👉 नीचे नाले के ���ास सड़क की हालत खराब है।
👉 आसपास स्कूल हैं और बच्चों व आम लोगों का लगातार आना-जाना रहता है।
👉 रेलिंग को बल्ली और ��ंडों के सहारे खड़ा करना क्या स्थायी समाधान है?
अगर उसी खर्च में जर्जर रेलिंग, दीवार और नाले के पास खराब सड़क की मरम्मत हो सकती थी, तो पहले जनता की सुरक्षा क्यों नहीं सुनिश्चित की गई?
जनता के टैक्स के पैसे का इस्तेमाल दिखावे और खानापूर्ति के लिए नहीं, बल्कि जरूरी और सुरक्षित कामों के लिए होना चाहिए।
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
हादसा होने के बाद मुआयना और कार्रवाई करने से बेहतर है कि आज ही निरीक्षण करके खतरे को खत्म किया जाए।
जिम्मेदार अधिकारियों से सीधा सवाल—
डिवाइडर लगाने की प्राथमिकता तय करने से पहले इस जर्जर रेलिंग और नाले की मरम्मत क्यों नहीं कराई गई? खर्च का विवरण और मौके की जिम्मेदारी तय की जाए।
@MCD_Delhi @LtGovDelhi @CMODelhi @RekhaGuptaDelhi
@DirectorPI_MCD @SBM_MCD @DelhiPwd
@BJPChandankr
@chanderprakas1
#Delhi #Kalkaji #MCD #PublicSafety #SchoolSafety #Accountability #DelhiGovernment 🚨
सेवा में,
माननीय आयुक्त महोदय,
Municipal Corporation of Delhi (MCD), नई दिल्ली
प्रतिलिपि: माननीय उपराज्यपाल, दिल्ली | मुख्य सचिव, दिल्ली सरकार | Vigilance Authority | CVC | Anti-Corruption Branch एवं अन्य सक्षम जांच एजेंसी
विषय: JE Honey Aggarwal के स्थानांतरण के बाद उनके पिछले कार्यकाल की स्वतंत्र Vigilance/Departmental Inquiry तथा कथित अवैध निर्माण एवं वित्तीय अनियमितताओं की जांच के संबंध में।
महोदय,
दिनांक 07.10.2026 के MCD Engineering Department के Office Order No. AO/Engg.(HQ)/MCD/2026-27/498 के अनुसार Honey Aggarwal, JE (Civil), BMID 40003350 का स्थानांतरण EE (Bldg-II)/SZ से EE (Pr)/KPZ किया गया है।
स्थानांतरण प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल स्थानांतरण हो जाने से अधिकारी के पिछले कार्यकाल की जवाबदेही और उस दौरान लिए गए निर्णयों की जांच की आवश्यकता समाप्त हो जाती है?
Honey Aggarwal के संबंधित कार्यकाल के दौरान निम्न क्षेत्रों में कथित अवैध/बहुमंजिला निर्माणों को लेकर लगातार शिकायतें एवं दस्तावेज प्रस्त��त किए जाने की बात सामने आई है:
📍 Farm No. 64, Radhe Mohan Drive, Bhati Ward
📍 Metro Pillar No. 28 के सामने, Sultanpur/Chhattarpur
📍 Khasra No. 130-131 के सामने, Fatehpur Beri, M.K. Garden
शिकायतकर्ता/परिवर्तन फाउंडेशन के अनुसार इन मामलों से संबंधित लगभग 3000+ पन्नों के दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि शिकायतों पर की गई विभागीय कार्रवाई और मौके की वास्तविक स्थिति का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जाए।
मुख्य जांच बिंदु
- प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण की जांच।
- संबंधित Site Inspection Reports का वास्तविक मौके से मिलान।
- नोटिस, sealing/demolition एवं अन्य कार्रवाई का सत्यापन।
- Building Plans/Sanction Plans एवं File Movement की जांच।
- शिकायतों के बावजूद निर्माण जारी रहने के कारणों की जांच।
- लगभग ₹1 करोड़ अथवा अन्य कथित वित्तीय लेन-देन/अनियमितताओं से संबंधित उपलब्ध सामग्री प्रथमदृष्टया जा��च योग्य पाए जाने पर स्वतंत्र वित्तीय जांच।
- संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों एवं शिकायतों में उल्लिखित अन्य व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच।
- उपलब्ध ऑडियो, वीडियो, दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्यों की कानूनसम्मत जांच।
हमारी मांग
1. JE Honey Aggarwal के संबंधित क्षेत्र में पूरे कार्यकाल का स्वतंत्र Vigilance Audit/Departmental Review कराया जाए।
2. उपरोक्त सभी मामलों की फाइल-वार जांच एवं Ground Verification कराया जाए।
3. लगभग 3000+ पन्��ों के उपलब्ध रिकॉर्ड एवं साक्ष्यों का स्वतंत्र परीक्षण किया जाए।
4. यदि किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता प्रथमदृष्टया सामने आती है तो सक्षम जांच एजेंसी से विस्तृत जांच कराई जाए।
5. दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारी/व्यक्ति के विरुद्ध नियमों के अनुसार कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
6. जांच पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता को Action Taken Report (ATR) उपलब्ध कराई जाए।
हम किसी व्यक्ति को बिना जांच के दोषी नहीं ठहरा रहे हैं। हमारा स्पष्ट प्रश्न केवल इतना है कि यदि किसी अधिकारी के कार्यकाल में लगातार गंभीर शिकायतें आती रही हैं, तो उसके स्थानांतरण के बाद उन शिकायतों की जांच क्यों रुकनी चाहिए?
स्थानांतरण जांच का विकल्प नहीं ��ो सकता।
यदि आरोप निराधार हैं तो निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा, और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
जनहित में निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं रिकॉर्ड-आधारित जांच कराया जाना आवश्यक है।
@MCD_Delhi
@DCSOUTHZONE
@DMSouthDelhi @LtGovDelhi @CVCIndia @CMODelhi @AdditionalMcd @DPCC_Pollution @HMOIndia @parivartan54164 @DirectorPI_MCD @PTI_News @ANI @official_dda @dofwgnctd @hqrevenue_ @NGTribunal
सेवा में,
माननीय आयुक्त महोदय,
Municipal Corporation of Delhi (MCD), नई दिल्ली
प्रतिलिपि: माननीय उपराज्यपाल, दिल्ली | मुख्य सचिव, दिल्ली सरकार | Vigilance Authority | CVC | Anti-Corruption Branch एवं अन्य सक्षम जांच एजेंसी
विषय: JE Honey Aggarwal के स्थानांतरण के ���ाद उनके पिछले कार्यकाल की स्वतंत्र Vigilance/Departmental Inquiry तथा कथित अवैध निर्माण एवं वित्तीय अनियमितताओं की जांच के संबंध में।
महोदय,
दिनांक 07.10.2026 के MCD Engineering Department के Office Order No. AO/Engg.(HQ)/MCD/2026-27/498 के अनुसार Honey Aggarwal, JE (Civil), BMID 40003350 का स्थानांतरण EE (Bldg-II)/SZ से EE (Pr)/KPZ किया गया है।
स्थानांतरण प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल स्थानांतरण हो जाने से अधिकारी के पिछले कार्यकाल की जवाबदेही और उस दौरान लिए गए निर्णयो�� की जांच की आवश्यकता समाप्त हो जाती है?
Honey Aggarwal के संबंधित कार्यकाल के दौरान निम्न क्षेत्रों में कथित अवैध/बहुमंजिला निर्माणों को लेकर लगातार शिकायतें एवं दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई है:
📍 Farm No. 64, Radhe Mohan Drive, Bhati Ward
📍 Metro Pillar No. 28 के सामने, Sultanpur/Chhattarpur
📍 Khasra No. 130-131 के सामने, Fatehpur Beri, M.K. Garden
शिकायतकर्ता/परिवर्तन फाउंडेशन के अनुसार इन मामलों से संबंधित लगभग 3000+ पन्नों के दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि शिकायतों पर की गई विभागीय कार्रवाई और मौके की वास्तविक स्थिति का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जाए।
मुख्य जांच बिंदु
- प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण की जांच।
- संबंधित Site Inspection Reports का वास्तविक मौके से मिलान।
- नोटिस, sealing/demolition एवं अन्य कार्रवाई का सत्यापन।
- Building Plans/Sanction Plans एवं File Movement की जांच।
- शिकायतों के बावजूद निर्माण जारी रहने के कारणों की जांच।
- लगभग ₹1 कर���ड़ अथवा अन्य कथित वित्तीय लेन-देन/अनियमितताओं से संबंधित उपलब्ध सामग्री प्रथमदृष्टया जांच योग्य पाए जाने पर स्वतंत्र वित्तीय जांच।
- संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों एवं शिकायतों में उल्लिखित अन्य व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच।
- उपलब्ध ऑडियो, वीडियो, दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्यों की कानूनसम्मत जांच।
हमारी मांग
1. JE Honey Aggarwal के संबंधित क्षेत्र में पूरे कार्यकाल का स्वतंत्र Vigilance Audit/Departmental Review कराया जाए।
2. उपरोक्त सभी मामलों की फाइल-वार जांच एवं Ground Verification कराया जाए।
3. लगभग 3000+ पन्नों के उपलब्ध रिकॉर्ड एवं साक्ष्यों का स्वतंत्र परीक्षण किया जाए।
4. यदि किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता प्रथमदृष्टया सामने आती है तो सक्षम जांच एजेंसी से विस्तृत जांच कराई जाए।
5. दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारी/व्यक्ति के विरुद्ध नियमों के अनुसार कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई ���ी जाए।
6. जांच पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता को Action Taken Report (ATR) उपलब्ध कराई जाए।
हम किसी व्यक्ति को बिना जांच के दोषी नहीं ठहरा रहे हैं। हमारा स्पष्ट प्रश्न केवल इतना है कि यदि किसी अधिकारी के कार्यकाल में लगातार गंभीर शिकायतें आती रही हैं, तो उसके स्थानांतरण के बाद उन शिकायतों की जांच क्यों रुकनी चाहिए?
स्थानांतरण जांच का विकल्प नहीं हो सकता।
यदि आरोप निराधार हैं तो निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा, और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
जनहित में निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं रिकॉर्ड-आधारित जांच कराया जाना आवश्यक है।
@MCD_Delhi
@DCSOUTHZONE
@DMSouthDelhi @LtGovDelhi @CVCIndia @CMODelhi @AdditionalMcd @DPCC_Pollution @HMOIndia @parivartan54164 @DirectorPI_MCD @PTI_News @ANI @official_dda @dofwgnctd @hqrevenue_ @NGTribunal
अधिछिनी वक्फ कब्रिस्तान घोटाला ?
वक्फ बोर्ड की ज़मीन पर खुलेआम अवैध कब्ज़ा करके 50-60 गज को 250-500 गज तक फैला दिया गया है। बिना किसी मंज़ूर नक्शे के बहुमंज़िला इमारतें खड़ी कर दी गईं, सार्वजनिक रास्ता भी हड़प लिया गया और अब फ्लैट बेचे जा रहे हैं।
### काम कैसे चल रहा है?
काम धड़ल्ले से चल रहा है, बिना किसी टेंशन के। यहाँ के JE-AE ने इन्हें खुली छूट दे रखी है — “काम करो, करने दो”। जो भी शिकायत कर रहा है, उसकी कोई सुनवाई नहीं होगी। क्योंकि सबको पता है कि यहाँ कुछ भी नहीं होगा, अवैध काम करते रहो।
### दक्षिण दिल्ली DM साहब
आपको इतने सारे लेटर दिए गए। आपने कहा “हम एक्शन लेंगे”। लेकिन लगता है आप भी एक्शन लेने से डर रहे हैं। डर का माहौल ही नहीं है यहाँ। बस पैसे फेंको और तमाशा देखो, क्योंकि कुर्सी में बहुत दम है।
### DC South Zone — सबसे ईमानदार स��
आपकी क्या तारीफ करें! आँखें बंद हैं या गांधी का चश्मा पहन लिया है? यहाँ के बिल्डर खुलेआम कह रहे हैं — “हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा, हमने नज़राना पहुँचा दिया है”।
### सबक नहीं लिया गया
सैदुल्लाजाब में अवैध निर्माण गिरने से बच्चों की जान चली गई थी। लेकिन लगता है कोई सबक नहीं लिया गया। क्या फिर किसी बड़ी तबाही का इंतज़ार है?
### नाम सामने आ रहे हैं
स्थानीय लोगों द्वारा जिन निर्माणकर्ताओं के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें अशरफ मलिक, हाफिज और जावेद शामिल हैं। यदि जाँच में इनके द्वारा अवैध निर्माण पाया जाता है, तो इनके विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
### सीधे सवाल
1. अवैध निर्माण पूरी तरह कब हटेगा?
2. वक्फ भूमि कब कब्जामुक्त होगी?
3. JE-AE और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी?
4. धर्म-आधारित फ्ल���ट बिक्री की जाँच कब शुरू होगी?
जनता को फोटो-शूट और कागज़ी कार्रवाई नहीं चाहिए। पूरी और असरदार कार्रवाई चाहिए।
कागजों में कार्रवाई, ज़मीन पर कब्ज़ा — ये दोहरा खेल अब नहीं चलेगा।
जनता सब देख रही है।
अब Cosmetic Action नहीं — Complete & Irreversible Action चाहिए।
अतिरिक्त टिप्पणी (स्थानीय लोगों की बात):
ऐसा लग रहा है कि MCD और वक्फ बोर्ड ने अपने कान में रूई घुस ली है, इसलिए इन्हें अब न सुनाई दे रहा है न दिखाई। बस टाइम पास कर रहे हैं। DM साहब साउथ के बारे में अब क्या ही बोलें — कुछ बोल देंगे तो बवाल हो जाएगा, लेकिन क्या फर्क पड़ रहा है इन्हें भी। आस-पास के लोगों से सुनने को मिल रहा है कि जितने भी ओनर और बिल्डर हैं, उनका कहना है कि “सबको पैसे दिए हैं, कुछ नहीं होगा”। और ये फ्लैट सिर्फ मुसलमानों को ही देंगे — क्यों ऐसा है? यहाँ भी यही हाल है।
बेहद शर्मनाक बात है कि इतनी शिकायत देने के बाद भी यही हाल है। और सबसे शर्मनाक बात यह है कि CMO रेखा गुप्ता जी का कहना है कि कब्जा और अवैध निर्माण नहीं होगा, लेकिन यहाँ तो कुछ और ही हो रहा है।
@LtGovDelhi @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @HMOIndia @OfficialWaqf @DelhiPolice @DelhiComplaint @addlcomm @gupta_rekha @official_dda @DPCC_Pollution @dofwgnctd @NBTDilli @mssirsa @ashishsood_bjp @AmitShahOffice @shashvat_IAS @SandhuTaranjitS @saravanakr_n @VPIndia @tokhansahu_bjp @PTI_News @ani_digital @MLJ_GoI @swachhbharat @mygovindia @CVCIndia @PIB_India @moefcc @CPCB_OFFICIAL @tweetndmc @MoHUA_India @DMSouthDelhi @DirectorPI_MCD @newmedia89 @satya_office @p_sahibsingh @Secretary_MoHUA @BJP4Delhi @bsesdelhi @parivartan54164
8 साल से अवैध निर्माण खड़ा है… MCD सिर्फ नोटिस दे रही है!
🚨 Location: Gate No. 2, 155-A, Opp. Max Hospital, Saket Institutional Area, Hauz Rani, Malviya Nagar, New Delhi – 110017
(Near Maximum Help Pharmacy)
2018 में MCD ने खुद अवैध निर्माण बुक किया था:
📄 नोटिस
नंबर: 8964 | दिनांक: 17-01-2018
धारा 344(1) व 343 के तहत
📄 गिराने का आदेश
नंबर: 7024 | दिनांक: 05-02-2018
धारा 343 के तहत
अवैध निर्माण: Ground Floor + First Floor + Second Floor
(155 हौज़ रानी विलेज)
लेकिन 8 स��ल में कार्रवाई नहीं हुई। फाइल में बार-बार यही बहाने लिखे गए:
- Police Force not available
- Shortage of Time
आज भी:
❌ परिसर खाली नहीं हुआ
❌ अवैध निर्माण खड़ा है
❌ जमीनी एक्शन नहीं हुआ
सवाल साफ है:
1. 8 साल में कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
2. Vacation Notice के बाद असली एक्शन कब होगा?
3. अवैध निर्माण कब टूटेगा?
4. देरी की जिम्मेदारी किसकी?
नोटिस देना कार्रवाई नहीं है।
जनता अब कागजी कार्रवाई नहीं, जमीनी ध्वस्तीकरण चाहती है।
हमारी मांग
1. समयबद्ध तरीके से परिसर खाली कराया जाए
2. अवैध निर्माण पर तुरंत ध्वस्तीकरण हो
3. 2018 से पूरी फाइल की स्वतंत्र जांच हो
4. देरी के जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय हो
@MCD_Delhi @official_dda @DirectorPI_MCD @AdditionalMcd @DCSOUTHZONE @CVCIndia @DMSouthDelhi @LtGovDelhi @DelhiPwd @hqrevenue_ @DPCC_Pollution @CPCB_OFFICIAL @upadhyaysbjp @ashishsood_bjp
#HauzRani #IllegalConstruction #MCD #ActionNow #SystemSharamKaro #Accountability
सेवा में,
माननीय आयुक्त महोदय,
Municipal Corporation of Delhi (MCD), नई दिल्ली
प्रतिलिपि: माननीय उपराज्यपाल, दिल्ली | मुख्य सचिव, दिल्ली सरकार | Vigilance Authority | CVC | Anti-Corruption Branch एवं अन्य सक्षम जांच एजेंसी
विषय: JE Honey Aggarwal के स्थानांतरण के बाद उनके पिछले कार्यकाल की स्���तंत्र Vigilance/Departmental Inquiry तथा कथित अवैध निर्माण एवं वित्तीय अनियमितताओं की जांच के संबंध में।
महोदय,
दिनांक 07.10.2026 के MCD Engineering Department के Office Order No. AO/Engg.(HQ)/MCD/2026-27/498 के अनुसार Honey Aggarwal, JE (Civil), BMID 40003350 का स्थानांतरण EE (Bldg-II)/SZ से EE (Pr)/KPZ किया गया है।
स्थानांतरण प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल स्थानांतरण हो जाने से अधिकारी के पिछले कार्यकाल की जवाबदेही और उस दौरान लिए गए निर्णयों की जांच की आवश्यकता समाप्त हो जाती है?
Honey Aggarwal के संबंधित कार्यकाल के दौरान निम्न क्षेत्रों में कथित अवैध/बहुमंजिला निर्माणों को लेकर लगातार शिकायतें एवं दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई है:
📍 Farm No. 64, Radhe Mohan Drive, Bhati Ward
📍 Metro Pillar No. 28 के सामने, Sultanpur/Chhattarpur
📍 Khasra No. 130-131 के सामने, Fatehpur Beri, M.K. Garden
शिकायतकर्ता/परिवर्तन फाउंडेशन के अनुसार इन मामलों से संबंधित लगभग 3000+ पन्नों के दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि शिकायतों पर की गई विभागीय कार्रवाई और मौके की वास्तविक स्थिति का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जाए।
मुख्य जांच ��िंदु
- प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण की जांच।
- संबंधित Site Inspection Reports का वास्तविक मौके से मिलान।
- नोटिस, sealing/demolition एवं अन्य कार्रवाई का सत्यापन।
- Building Plans/Sanction Plans एवं File Movement की जांच।
- शिकायतों के बावजूद निर्माण जारी रहने के कारणों की जांच।
- लगभग ₹1 करोड़ अथवा अन्य कथित वित्तीय लेन-देन/अनियमितताओं से संबंधित उपलब्ध सामग्री प्रथमदृष्टया जांच योग्य पाए जाने पर स्वतंत्र वित्तीय जांच।
- संबंधित अधिक��रियों/कर्मचारियों एवं शिकायतों में उल्लिखित अन्य व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच।
- उपलब्ध ऑडियो, वीडियो, दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्यों की कानूनसम्मत जांच।
हमारी मांग
1. JE Honey Aggarwal के संबंधित क्षेत्र में पूरे कार्यकाल का स्वतंत्र Vigilance Audit/Departmental Review कराया जाए।
2. उपरोक्त सभी मामलों की फाइल-वार जांच एवं Ground Verification कराया जाए।
3. लगभग 3000+ पन्नों के उपलब्ध रिकॉर्ड एवं साक्ष्यों का स्वतंत्र परीक्षण क��या जाए।
4. यदि किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता प्रथमदृष्टया सामने आती है तो सक्षम जांच एजेंसी से विस्तृत जांच ��राई जाए।
5. दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारी/व्यक्ति के विरुद्ध नियमों के अनुसार कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
6. जांच पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता को Action Taken Report (ATR) उपलब्ध कराई जाए।
हम किसी व्यक्ति को बिना जांच के दोषी नहीं ठहरा रहे हैं। हमारा स्पष्ट प्रश्न केवल इतना है कि यदि किसी अधिकारी के कार्यकाल में लगातार गंभीर शिकायतें आती रही हैं, तो उसके स्थानांतरण के बाद उन शिकायतों की जांच क्यों रुकनी चाहिए?
स्थानांतरण जांच का विकल्प नहीं हो सकता।
यदि आरोप निराधार हैं तो निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा, और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
जनहित में निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं रिकॉर्ड-आधारित जांच कराया जाना आवश्यक है।
@MCD_Delhi
@DCSOUTHZONE
@DMSouthDelhi @LtGovDelhi @CVCIndia @CMODelhi @AdditionalMcd @DPCC_Pollution @HMOIndia @parivartan54164 @DirectorPI_MCD @PTI_News @ANI @official_dda @dofwgnctd @hqrevenue_ @NGTribunal
🚨 सव��ल यह है कि आखिर यह गेट हट क्यों नहीं रहा?
कई बार शिकायतें और जानकारी दिए जाने के बावजूद साकेत, ब्लॉक-ई के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगा यह गेट आज भी जस का तस है।
अब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति या रसूखदार वर्ग का दबाव होने के कारण संबंधित अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं?
अगर यही मामला किसी गरीब या आम नागरिक की जमीन/मकान से जुड़ा होता, तो क्या इतनी लंबी अवधि तक गेट या अवरोध बना रहता? या फिर तत्काल कार्रवाई कर दी जाती?
कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।
अगर गेट अवैध है तो उसे हटाने में इतनी देरी क्यों? और अगर यह गेट वैध है, तो संबंधित विभाग सार्वजनिक रूप से इसका कानूनी आधार, स्वीकृति और अनुमति स्पष्ट क्यों नहीं करता?
जनता यह जानना चाहती है कि आखिर किसके दबाव में कार्रवाई रुकी हुई है?
@DMSouthDelhi @MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @DelhiPwd @CMODelhi @LtGovDelhi
@CVCIndia
@gupta_rekha @OfficialDMRC
@DCP_DelhiMetro
जनहित में निष्पक्ष जांच और स्पष्ट कार्रवाई की मांग।
शर्म करो दिल्ली जल बोर्ड! 🚨
दिल्ली में पैसा कानून से ऊपर बोलता है! 💰
तुगलकाबाद एक्सटेंशन में पीने के पानी की भारी कमी है — सिर्फ 30 मिनट पानी मिलता है।
लेकिन पूरे तुगलकाबाद एक्सटेंशन में इलीगल बोरिंग चल रही है। पानी खुलेआम बेचा जा रहा है। 10 रुपये की बोतल 20 रुपये में बेची जा रही है। दलाल मोटा माल कमा रहे हैं।
और सबसे बड़ी बात — गली न��बर 14 में बोरिंग करके हर घर में पानी की पाइपलाइन बिछा दी गई है। प्राइवेट पानी बेचा जा रहा है — 1200 रुपये प्रति महीना, रोज़ सिर्फ 15 मिनट पानी!
सूत्रों से पता चला है कि दिल्ली जल बोर्ड का एक आदमी पूरे तुगलकाबाद एक्सटेंशन से इ��ीगल बोरिंग के पैसे वसूली करता है। वो खुद कहता है:
“खुले में पानी बेचो… हिस्सा ऊपर तक जा रहा है!”
ये है आपका सिस्टम? गरीबों को 30 मिनट का पानी, और माफिया को खुली छूट?
इतनी खुली लूट! अधिकारी चुप क्यों हैं? क्योंकि माल मोटा जा रहा है?
📍 गली नंबर 13, 14, 23, 10, 17 – तुगलकाबाद एक्सटेंशन, नई दिल्ली 110019
पूरे कॉलोनी में इलीगल बोरवेल चल रहे हैं।
पानी खुलेआम बिक रहा है।
गली नंबर 14 में हर घर तक प्राइवेट पाइपलाइन ड��लकर लूट मची हुई है।
दलाल रात-दिन मोटा माल कमा रहे हैं।
जवाबदेही कहाँ है? कानून कहाँ है?
@PIB_Altsarkar @waterdpt008 @LtGovDelhi @CMODelhi @HMOIndia @DelhiJalBoard @Ceo_djb @DoWRRDGR_MoJS @JalShaktiAbhyan @CWCOfficial_GoI @WorldBankWater @TheWaterDigest @UNICEFwater @Water @gupta_rekha @p_sahibsingh @BJPChandankr @RamvirBidhuri @DelhiComplaint @DelhiPolice
@Dmsoutheastdelh
@DMCentralDelhi
इलीगल वॉटर माफिया बंद करो। अभी ��क्शन लो!⚠️
#DelhiJalBoard #WaterScam #Tughlakabad #Corruption #DelhiNews #WakeUpAuthorities #IllegalBoring #WaterMafia
8 साल से अवैध निर्माण खड़ा है… MCD सिर्फ नोटिस दे रही है!
🚨 Location: Gate No. 2, 155-A, Opp. Max Hospital, Saket Institutional Area, Hauz Rani, Malviya Nagar, New Delhi – 110017
(Near Maximum Help Pharmacy)
2018 में MCD ने खुद अवैध निर्माण बुक किया था:
📄 नोटिस
नंबर: 8964 | दिनांक: 17-01-2018
धारा 344(1) व 343 के तहत
📄 गिराने का आदेश
नंबर: 7024 | दिनांक: 05-02-2018
धारा 343 के तहत
अवैध निर्माण: Ground Floor + First Floor + Second Floor
(155 हौज़ रानी विलेज)
लेकिन 8 साल में कार्रवाई नहीं हुई। फाइल में बार-बार यही बहाने लिखे गए:
- Police Force not available
- Shortage of Time
आज भी:
❌ परिसर खाली नहीं हुआ
❌ अवैध निर्माण खड़ा है
❌ जमीनी एक्शन नहीं हुआ
सवाल साफ है:
1. 8 साल में कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
2. Vacation Notice के बाद असली एक्शन कब होगा?
3. अवैध निर्माण कब टूटेगा?
4. देरी की जिम्मेदारी किसकी?
नोटिस देना कार्रवाई नहीं है।
जनता अब कागजी कार्रवाई नहीं, जमीनी ध्वस्तीकरण चाहती है।
हमारी मांग
1. समयबद्ध तरीके से परिसर खाली कराया जाए
2. अवैध निर्माण पर तुरंत ध्वस्तीकरण हो
3. 2018 से पूरी फाइल की स्वतंत्र जांच हो
4. देरी के जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय हो
@MCD_Delhi@official_dda@DirectorPI_MCD@AdditionalMcd@DCSOUTHZONE@CVCIndia@DMSouthDelhi@LtGovDelhi@DelhiPwd@hqrevenue_@DPCC_Pollution@CPCB_OFFICIAL@upadhyaysbjp@ashishsood_bjp
#HauzRani #IllegalConstruction #MCD #ActionNow #SystemSharamKaro #Accountability
सेवा में,
डिप्टी कमिश्नर / जोनल ऑफिसर
म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (एमसीडी)
साउथ जोन / संबंधित वार्ड ऑफिस
विषय: तुगलकाबाद एक्सटेंशन, मध्य मार्ग (गली नंबर 1 से 13 तक) पर दुकानदारों और रेहड़ीवालों द्वारा अवैध अतिक्रमण, सड़क कब्जा, भारी जाम, जन-असुविधा तथा एमसीडी व पुलिस कर्मचारियों की खुली मिलीभगत/भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी शिकायत
महोदय,
मैं इस शिकायत पत्र के माध्यम से तुगलकाबाद एक्सटेंशन, मध्य मार्ग की गली नंबर 1 से गली नंबर 13 तक चल रहे अवैध गतिविधियों के खिलाफ अपनी तीव्र नाराजगी और गुस्सा दर्ज कराना चाहता हूँ। एमसीडी और स्थानीय पुलिस की पूरी नाकामी के कारण आम जनता को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
### मामले के तथ्य:
1. इस इलाके के दुकानदारों ने स���कारी जमीन पर खुलेआम अतिक्रमण कर अपनी दुकानों की सीढ़ियाँ (सीढ़ी) बना ली हैं। यह सीधा सरकारी जमीन का कब्जा है।
2. सड़क पर सीढ़ियाँ बनाकर कब्जा करने के बाद इन्हीं दुकानदारों और रेहड़ीवालों ने बाकी बची सड़क पर भी रेहड़ी, पटरी और अस्थायी संरचनाएँ लगाकर कब्जा कर लिया है। नतीजा यह है कि गली 1 से 13 तक पूरा मध्य मार्ग संकरा और जाम वाला हो गया है।
3. इस दोहरे अतिक्रमण की वजह से रोजाना भारी ट्रैफिक जाम ल��ता है। बाजार के अंदर रहने वाले लोगों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाई हो रही है, आपातकालीन वाहन आसानी से नहीं निकल पाते और आम जनता रोजाना परेशान हो रही है।
4. स्थिति इतनी खराब हो गई है कि सार्वजनिक सड़क पर स्वतंत्र आवागमन का मूल अधिकार भी इन अतिक्रमणकारियों ने छीन लिया है।
5. स्थानीय सूत्रों से पता चला है कि ये अतिक्रमणकारी हर महीने एमसीडी और स्थानीय पुलिस के कुछ कर्मचारियों को निश्चित “सिस्टम” (सुरक्षा राशि/रिश्वत) देते ���ैं। इसी वजह से बार-बार शिकायत करने के बावजूद इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। यह खुला भ्रष्टाचार और मिलीभगत है।
### तत्काल कार्रवाई की माँग:
- दुकानदारों द्वारा सरकारी जमीन पर बनाई गई सभी अवैध सीढ़ियाँ, प्लेटफॉर्म और संरचनाएँ तुरंत हटाई जाएँ।
- मध्य मार्ग (गली 1 से 13) से सभी रेहड़ी, पटरी और अस्थायी कब्जे पूरी तरह साफ किए जाएँ।
- अतिक्रमणकारियों के खिलाफ दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन अधिन��यम और अन्य लागू कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
- एमसीडी और पुलिस कर्मचारियों द्वारा वसूली जा रही मासिक “सिस्टम” की जाँच कर दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय तथा आपराधिक कार्रवाई की जाए।
- भविष्य म���ं सड़क पर कोई अतिक्रमण न हो, इसके लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
यदि इस शिकायत के प्राप्त होने के 7 दिनों के अंदर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो मुझे बाध्य होकर यह मामला उच्च अधिकारियों, लेफ्टिनेंट गवर्नर कार्यालय, एंटी-करप्शन ब्रांच तथा मीडिया व न्यायालय तक ले जाना पड़ेगा।
यह सार्वजनिक सड़क है, किसी दुकानदार या रेहड़ीवाले की निजी संपत्ति नहीं। आपकी निष्क्रियता और कथित भ्रष्टाचार के ���ारण जनता रोजाना परेशान हो रही है। तत्काल सख्त कार्रवाई की अपेक्षा है।
@MCD_Delhi@DCCNZMCD @DelhiPolice@DelhiPwd@CMODelhi @LtGovDelhi @BJPChandankr @DPCC_Pollution @Dmsoutheastdelh @CPDelhi @DCPSEastDelhi
🚨 JE Honey Aggarwal की 3+ वर्ष की तैनाती पर सवाल — Sundar Tawar, BJP के Deputy Chairperson, की भूमिका की भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाए। @HMOIndia से विनम्र अनुरोध है कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराकर वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएं।
संपत्ति/शिकायत से संबंधित स्थान:
📍 Farm No. 64, Radhe Mohan Drive, Bhati Ward
📍 Opposite Metro Pillar No. 28, Sultanpur, Chhattarpur Ward
📍 खसरा नं. 130-131 के सामने, Fatehpur Beri, M.K. Garden
विषय: फतेहपुर बेरी एवं भट्टी वार्ड क्षेत्र में कथित अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर लगातार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने, JE Honey Aggarwal की भूमिका, संबंधित व्यक्तियों के कथित प्रभाव तथा शिकायतकर्ता की सुरक्षा संबंधी चिंता की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच के संबंध में।
महोदय,
परिवर्तन फाउंडेशन (A Change) द्वारा उपरोक्त क्षेत्रों में कथित अवैध निर्माणों के संबंध में लगा��ार शिकायतें, दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं। लगभग 3000 से अधिक पन्नों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देने के कारण कई गंभीर प्रश्न उत्पन्न होते हैं।
Deputy Chairman Sundar Tawar से संबंधित जांच योग्य तथ्य
कुछ स्थानीय सूत्रों द्वारा Sundar Tawar, जिन्हें स्थानीय स्तर पर BJP से जुड़े व्यक्ति के रूप में बताया जाता है तथा जिनके बारे में यह भी कहा जाता है कि वे पूर���व में आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं, के संबंध में इस निर्माण मामले में कथित प्रभाव/हस्तक्षेप की बातें सामने आई हैं।
सूत्रों द्वारा यह भी दावा किया गया है कि उक्त व्यक्ति का संबंधित भवन/निर्माण मामले में किसी प्रकार का प्रभाव या समझौता/“सेटिंग” हो सकता है। हम इन बातों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं और न ही किसी व्यक्ति को दोषी ठहरा रहे हैं। इसलिए अनुरोध है कि यदि सक्षम विभाग के पास ऐसे किसी प्रभाव, लेन-देन या अनुचित हस्तक्षेप से संबंधित कोई रिकॉर्ड/साक्ष्य उपलब्ध हो, तो उसकी स्वतंत्र जांच कराई जाए।
JE Honey Aggarwal से संबंधित कथित बातचीत
शिकायतकर्ता द्वारा जब संबंधित JE से इस मामले में शिकायत/जानकारी साझा की गई, तो शिकायतकर्ता के अनुसार JE द्वारा कथित रूप से कहा गया कि “Sundar Tawar से दूर रहो” तथा आगे यह भी कहा गया कि “Sundar Tawar अपने आप तुम्हें देख लेगा” और यह कि भवन मालिक का कुछ नहीं बिगाड़ा जा सकता।
शिकायतकर्ता की सुरक्षा संबंधी चिंता
उपरोक्त परिस्थितियों के कारण शिकायतकर्ता क�� यह आशंका उत्पन्न हुई है कि शिकायत करने के बाद उस पर किसी प्रकार का दबाव या परेशानी उत्पन्न की जा सकती है। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति को बदनाम करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक हित में कथित अवैध निर्माणों एवं प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराना है।
JE Honey Aggarwal की 3 वर्ष से अधिक की तैनाती
यह भी जांच का विषय है कि यदि JE Honey Aggarwal को संबंधित पद/क्षेत्र में 3 वर्ष से अधिक समय हो चुका है, तो उनकी तैनाती एवं स्थानांतरण से संबंधित नियमों का पालन हुआ या नहीं।
यदि स्थानांतरण नीति के अनुसार स्थानांतरण अपेक्षित था, तो उसके कारणों एवं प्रक्रिया की जांच की जाए। किसी प्रकार के प्रभाव, अनुचित लाभ या अन्य कारण से स्थानांतरण प्रभावित हुआ हो तो संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर वा���्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
कथित ₹1 करोड़ की वित्तीय अनियमितता
कुछ सूत्रों द्वारा लगभग ₹1 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितता/रिश्वत से संबंधित जानकारी होने का दावा किया गया है। हम इस आरोप को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं।
अतः अनुरोध है कि यदि सक्षम विभाग को इस संबंध में कोई प्रथमदृष्टया सामग्री, वित्तीय रिकॉर्ड या अन्य साक्ष्य प्राप्त होते हैं, तो उनकी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जा��च कराई जाए।
हम किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं कर रहे हैं। हमारा केवल अनुरोध है कि उपलब्ध शिकायतों, दस्तावेजों, रिकॉर्ड एवं कथित बयानों की स्वतंत्र जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएं और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
धन्यवाद।
@MCD_Delhi @DCSOUTHZONE @DMSouthDelhi @LtGovDelhi @CVCIndia @AdditionalMcd @DirectorPI_MCD @CMODelhi @CPCB_OFFICIAL
@satya_office @HMOIndia @PMOIndia @NGTribunal @hqrevenue_
@parivartan54164 @BJP4Delhi @ashishsood_bjp
@p_sahibsingh
@mssirsa
@PTI_News
@AamAadmiParty @ArvindKejriwal
@ANI @rashtrapatibhvn
@AmitShah
@Saurabh_MLAgk @AAPDelhi
विषय: Metro Pillar No. 28 के सामने, MG Road, Sultanpur में अवैध निर्माण – JE Honey Aggarwal की मिलीभगत, 1 करोड़ रिश्वत और बड़े नेताओं की भूमिका की जांच की मांग
सेवा में,
आयुक्त महोदय, नगर निगम दिल्ली (MCD)
महोदय,
Metro Pillar No. 28 के सामने, MG Road, Sultanpur पर बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण चल रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार JE Honey Aggarwal की मिलीभगत से यह काम हो रहा है। खबर है कि इसमें करीब 1 करोड़ की रिश्वत ली गई है और कुछ बड़े BJP नेताओं (जो अपने क्षेत्र में बाहुबली हैं) का भी हिस्सा गया है।
Honey Aggarwal जी, कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? मात्र 3 साल में करोड़ों की संपत्ति कैसे बन गई? विभाग में क्या चल रहा है?
हरियाली खत्म हो रही है, प्रदूषण बढ़ रहा है। आम जनता के बच्चे और लोग मरेंगे, लेकिन इन नेताओं-अफसरों को फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उनके बच्चे विदेश में पढ़ते-रहते हैं। एक बार नेता बन जाओ तो जिंदगी भर मौज ही मौज।
अतः अनुरोध है:
1. तुरंत निरीक्षण कर अवैध निर्माण रोका जाए।
2. स्वीकृत नक्शे और अनुमति की जांच हो।
3. Honey Aggarwal की निष्पक्ष Vigilance Inquiry हो और लापरवाही/मिलीभगत पर सख्त कार्रवाई हो।
4. 1 करोड़ रिश्वत और नेताओं के हिस्से की CBI जांच कराई जाए।
सिर्फ बोलने-लिखने से कुछ नहीं होगा। जनहित में तुरंत कार्रवाई करें।
धन्यवाद
@MCD_Delhi@LtGovDelhi@DMSouthDelhi@CVCIndia@DirectorPI_MCD@AdditionalMcd@ANI@DCSOUTHZONE@DPCC_Pollution@CPCB_OFFICIAL@DelhiPwd@CMODelhi@parivartan54164@HMOIndia@gupta_rekha@mssirsa@ashishsood_bjp
#IllegalConstruction #HauzRaniEncroachment #ActionNow #HoneyAggarwal