@narendramodi कंपनी अच्छा प्रदर्शन कर रही है लेकिन इस कंपनी के कर्मचारियों की वेतन समझौता 75 माह बाद भी पूरी तरह से संपन्न नहीं हुआ है, रात्रि भत्ता, इनसेंटिव रिवाइज, HRA, आदि अन्य बहुत सारे मुद्दे का समाधान नहीं हो पाया है...
@narendramodi सरकार की चरित्र को वह समझते है जो सरकार के पापो का दंश झेलते है,यह सच है की सरकार की शह पर सरकारी संस्थाएं (सेल) लूट मचाती है बदले मे दलाली संप्रभुता के केंद्र तक पहुंचती है
सरकार का स्तर इतना गिर चुका है की संसद तक में गलत बयानी करती है ताकि श्रमिको के हक को मिल बाट खुद खा सके ।
हम तो इसलिए कह रहे @SAILsteel को आजाद भारत का ईस्ट इंडिया कंपनी घोषित कर दिया जाए क्योंकि जितनी भी सुविधाएं है वो सिर्फ अधिकारी वर्ग को ही मिलेगा आम कर्मचारी अगर आवाज़ उठा दे अपने हक के लिए भी तो सजा मिलेगी जैसे अंग्रेजो के जमाने होता था। @narendramodi
@PMOIndia@narendramodi प्रधानमंत्री का पद व्यक्तिगत नहीं होता ।
लोगो की आस्था उस पद के प्रति होती है ।
सेल की ओर जो लाभांश सरकार लेती है वह सेल कर्मचारियों के मेहनत पर आधारित है फिर सेल में फैली कुव्यवस्था पर सरकार की चुप्पी क्यों ?
बर्बरीक बन चुप न रह शीघ्र संज्ञान लेकर और कठोरतम कार्यवाही करे महोदय ।
@PMOIndia माननीय आप भी सिर्फ पेज3 की ही राजनीति करिएगा तो सेल प्रबंधन जैसे अनेकों लुटेरे कईयों की जिंदगी चौपट कर देंगे ।
आप क्यों चुप है यह समझ से परे है
किसी की मजाल कैसे हो जाती है किसी को लूट लेने की जबकि संस्थानो के ऊपर भी संस्थाएं होती है जो उनकी काले करगुजारी पर अंकुश लगाए
@SteelMinIndia पोस्ट लिबरल युग में भ्रष्टाचार पर चुप्पी से खतरनाक कुरीति क्या हो सकती है ?
संप्रभु के लूट संस्कार जो आज भ्रूणावस्था मे है कल दैत्याकार स्वरूप धारण कर समाज को नरक में बदल देगी
हमसे पहले से यह समाज था और हमारे जाने के बाद भी यह समाज रहेगा पर समाज कैसा रहेगा यह आज पर निर्भर करेगा ।
@INTUCnational@kharge@INCIndia इंटक अध्यक्ष संजीव रेड्डी के पाप से वाकिफ नहीं हैं ?
सड़ी मछली की तरह दुर्गंध दे रहा है वह सेल में अपनी नीच हरकतों की वजह से ।
ख्याली पुलाव से बेहतर है इंटक अध्यक्ष का निष्पक्ष मूल्यांकन कर खुद ईडी/सीबीआई के हाथों सौंप दे उस श्रमिक शत्रु को ।
पूरे श्रमिक यूनियन को लज्जित कर दिया
@PMOIndia श्रमिक शोषण की प्रयोगशाला और भ्रष्टाचार का केंद्र बिंदु बन चूकी महारत्न "सेल" पर आपके ध्यान आकृष्ट का अनुरोध है महोदय,मुद्दे पर इस्पात मंत्रालय की चुप्पी ने पहले सिस्टम के कोढ़ में खाज़ दान किया और अब हे संप्रभु आप चुप रह गए तो पूरा सिस्टम ही ज़हरीला बन जायेगा।
कुछ करे
@ppbajpai क्लासिकल से मॉडर्न तक की पॉलिटिक्स में शुचिता (प्रॉबिटी) का अभाव सदैव रहा पर इतना नहीं की लूट की खबर संप्रभुता के केंद्र तक पहुंचे बावजूद लूट जारी रहे ।
सेल में कर्मचारी वर्ग के साथ प्रबंधन और श्रमिक नेता मिलकर आर्थिक शोषण और संसाधनों की लूट कर रहे है ।
आप ही प्रश्न करे
@sambitswaraj मोदी जी भी विश्व के पहले ऐसे संप्रभु प्रधानमंत्री है जो गैर राजनीतिक वर्ग के 50 हज़ार सेल कर्मचारियों के साथ हो रहे शोषण पर चुप है जो सेल प्रबंधन और श्रमिक नेता मिलकर कर रहे है ।
इस्पात मंत्रालय और स्टैंडिंग कमिटी तो पहले ही विस्तारीकरण मे कमीशन और ठेकेदारी पाकर समतल हो चूके है
@kanhaiyakumar कन्हैया जी संप्रभुता के केंद्र तक शोषण की खबर पहुंचनी है,उससे नीचे के स्तर पर सब समतल पड़े है।
सेल प्रबंधन और ट्रेड यूनियन लीडर्स (सीटू,इंटक,बीएमएस,एचएमएस,एआईटीयूसी) स्टेट की उपेक्षा से सेल कर्मचारियों को लूट रहे है ।
पॉलिटिकल सोशलाइजेशन चाहते है तो मदद कर सकते है