#जैसादर्दअपनेहो_ऐसाजान_बिरानै
मैंने देखा भेदभाव को,
मैंने देखा है लोगों को—बाभन, बभना, पोंगा पंडित,
सदा दरिद्र, भिखमंगा कहते।
मैंने देखा बच्चों को
आरक्षण के कुटिल खेल से,
जमकर लड़ते,
लड़कर मरते।
मैंने देखा लोगों को झूठे जाति-एक्ट में फंसते,
सब कुछ खोकर
फाँसी चढ़ते।
मैंने देखा लोगों को ब्राह्मण की बेटी-बहुओं के,
दाम लगाते
और रेप की धमकी देते,
और चरित्र पर सदा व्यर्थ इल्जाम लगाते।
मैंने देखा भेदभाव को
मैंने देखा है कुछ बंधु,
एक वर्ग के
अत्याचार पर,
बलात्कार पर,
नरसंहार पर,
पर्दा करते, मिट्टी पाते।
और वही फिर,
अलग कहीं फिर,
गलत-सही कुछ तथ्य बनाते,
कथ्य बनाते,
लोगों को जाति में बाँटकर
आग लगाते।
और विधि भी ऐसी जैसे—
भेदभाव-उन्मूलन कहके,
भेदभाव ही थोपा जाता।
एक को दूजे वर्ग के बारे,
कुछ भी कहने की खुली छूट हो,
और दूजे को रोका जाता।
कोई तो कानून हो ऐसा ,
जिसमें ठाकुर की बेटी भी रहे सुरक्षित,
और ब्राह्मणों की बहुओं पर ना कोई आरोप लगाए।
तथा सुरक्षित हो हर बेटी और बेटे भी—
जातिवादी अपमानों से।
अपराधी की जाति को न पूछा जाए।
आप बताएँ, भेदभाव कह
फिर वही करना,
कहाँ ठीक है?
और आपको लगता है
गर यही ठीक तो,
चलो यार फिर
यही ठीक है।
गौरव झा "साधनेय"
वैशाली,बिहार
#StajyerÇırakBayramdaMağdur #عیدقرباں_عہدمزاحمت #عيد_الأضحى
आदरणीय शिक्षा मंत्री महोदय, @BiharEducation_
व माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
@samrat4bjp
बिहार के कई जिलों में जब जिलाधिकारी के आदेश से विद्यालय बंद होते हैं, तो बच्चों की किलकारियों के बिना पूरा परिसर सूना और बोझिल लगने लगता है। बच्चों का न होना हमें अंदर तक विचलित करता है।
ऐसे में शिक्षकों को विद्यालय आना है या नहीं, यह स्थिति स्पष्ट न होने से भारी असमंजस और मानसिक परेशानी होती है। आपसे विनम्र निवेदन है कि इस संवेदनशील विषय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की कृपा करें ताकि हम शिक्षक अपना काम बेहतर ढंग से कर सकें।
#BiharEducation #BiharTeachers #EducationDepartment #Bihar
अगर उत्तर प्रदेश के बाद IPL में एक बिहार की भी टीम इंटर करती है तो काफी बढ़िया रहेगा क्योंकि बिहार में भी अच्छे क्रिकेटरों की बहार है
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने आज एक पोस्ट के माध्यम से आगामी IPL में बिहार की टीम को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखाई है
और कोई आश्चर्य नहीं होगा कि
आपको अगले सीजन में बिहार की भी एक IPL फ्रेंचाइजी देखने को मिल जाए, क्योंकि बिहार के छोटे कस्बों और शहरों ने भारत को कई बेहतरीन क्रिकेटर दिए हैं।
#bihar #ipl #cricket
सभी पार्टियों को कॉकरोचों को बदनाम करने के बजाय उन्हें चुनावी मैदान में उतरने देना चाहिए।
अगर देश का युवा सच में बदलाव चाहता है, अगर वह बेरोजगारी, पेपर लीक, महंगी शिक्षा, खराब स्वास्थ्य व्यवस्था, भ्रष्टाचार और पुरानी जाति-धर्म वाली राजनीति से ऊब चुका है, तो एक मौका इस नए राजनीतिक प्रयोग को भी मिलना चाहिए।
बहस इस बात पर होनी चाहिए कि इनके मुद्दे क्या हैं।
बहस इस बात पर होनी चाहिए कि इनके उम्मीदवार कैसे चुने जाएंगे।
बहस इस बात पर होनी चाहिए कि टिकट अपराधियों, गुंडों और पैसे वालों को मिलेगा या पढ़े-लिखे, ईमानदार और जमीन से जुड़े लोगों को।
बहस इस बात पर भी होनी चाहिए कि ये चुनाव कब और कैसे लड़ेंगे।
भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है।
भारत एक लोकतांत्रिक देश है।
यहां हर नागरिक, हर समूह और हर विचार को संवैधानिक तरीके से चुनाव लड़ने का अधिकार है।
यह कहना कि कोई पहले आम आदमी पार्टी में था, इसलिए यह उनकी B टीम है - यह कमजोर तर्क है।
बीजेपी में आज कांग्रेस से आए हुए सैकड़ों नेता हैं।
तो क्या बीजेपी कांग्रेस की B टीम हो गई?
असल सवाल यह नहीं है कि कौन पहले कहां था।
असल सवाल यह है कि आज वह किन मुद्दों पर खड़ा है।
अगर मुद्दे असली हैं , अगर बात शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार , भ्रष्टाचार, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य की है , तो इन्हें संवैधानिक तरीके से चुनाव लड़ने देने में किसी को डर क्यों लग रहा है?
लोकतंत्र में फैसला जनता करती है।
अगर जनता को ये लोग पसंद नहीं आएंगे, तो जनता इन्हें नकार देगी।
लेकिन चुनाव लड़ने से पहले ही इन्हें बदनाम करना दिखाता है कि पुराने सिस्टम को नए सवालों से डर लग रहा है।
अभिजीत दीपके का बैकग्राउंड: इस सोशल मीडिया मूवमेंट को शुरू करने वाले 30 वर्षीय अभिजीत दीपके हैं (जो वर्तमान में बोस्टन यूनिवर्सिटी, अमेरिका के छात्र हैं)। वे पेशेवर रूप से एक पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटजिस्ट (राजनैतिक संचार रणनीतिकार) हैं।
#कॉकरोच_जनता_पार्टी
कॉकरोच जनता पार्टी
भारत के कुछ युवा तिलचट्टे है?
जी... बिल्कुल है।
वैसे ही जैसे कुछ जज अंधे है.
कुछ नेता चोर है
अधिकारी बहरे है
देश के कुछ युवा तिलचट्टे भी है।
गौरव झा "साधनेय"
वैशाली,बिहार
#cockroachjanataparty
#melody बरसों से दुनिया पूछ रही थी—"मेलोडी इतनी चॉक्लेट्टी क्यों है?"
पार्ले वाले मुस्कुराते रहे, पर असली जवाब कूटनीति के मंच से आया। इतिहास गवाह है कि जब भारत का 'di' और इटली की 'melo' आपस में मिले, तब जाकर दुनिया को असली 'मेलोडी' का स्वाद समझ आया! #melody#मेलोडीचोकलेट