@JioCare@reliancejio एक बात बताओ आप रिचार्ज के पैसे हर साल बढ़ते जा रहे हो पर सर्विस के नाम पर 2G दे रहे हो 5G के पैसे लेकर और जब कस्टमर केयर में कॉल करता हूं तो AI से बात करवाते है?
@TRAI क्या बस नाम के हो या कुछ काम के भी?
.@RailwaySeva@nerailwaygkp@RailMinIndia मेरा ग्रुप डी का एग्जाम 25 अगस्त को है मैं 2 दिन से एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की कोशिश कर रहा हूं पर हो नहीं रहा।
साइट एट मेंटेनेंस लिखा आ रहा है अगर ऐसे ही रहा तो एग्जाम कैसे दूं?
#rrbgroupD#railway
पूरे झारखंड से बेहद शर्मनाक और चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं, विशेष रूप से गिरिडीह की घटना अत्यंत भयावह है।
सत्ता के नशे और अहंकार में चूर झामुमो के पोषित गुंडों द्वारा आज कई स्थानों पर छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं और आरोप है कि इस कृत्य में प्रशासन भी मूकदर्शक बना रहा।
गिरिडीह के झंडा मैदान में निहत्थे छात्र-युवाओं के साथ जिस प्रकार का दुर्व्यवहार और दमन किया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
झामुमो-कांग्रेस के संरक्षण में छात्रों पर झंडे और डंडे लेकर हमला करने की ये तस्वीरें आखिर किस मानसिकता को दर्शाती हैं?
छात्रों की आवाज लाठियों से दबाई नहीं जा सकती। यह संघर्ष अब केवल छात्रों का नहीं, पूरे झारखंड की आवाज बन चुका है।
झारखंड में अंधेरा होते ही छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज
ये वीडियो देखकर दिल दहल रहा है
इन छात्रों का अपराध ये है कि ये Jharkhand JPSC Paper Leak के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं
बदले इन्हें लाठियों से पीटा जा रहा है
राजधानी राँची की नाक के नीचे JPSC और JSSC-CGL जैसी परीक्षाओं में जिस तरह से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है, वह प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है!!
आखिर सरकार और प्रशासन की आंख के नीचे इतना बड़ा खेल कैसे चलता रहा और उन्हें भनक तक नहीं लगी?झारखंड के युवा सालों-साल मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं और अंत में सिस्टम की लाचारी या भ्रष्टाचार के कारण उनके अरमानों पर पानी फेर दिया जाता है!!
यह सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकारों का हनन है!!
सरकार को लीपापोती बंद कर इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच CBI करानी चाहिए!!
@JharkhandCMO@JharkhandPolice@ranchipolice@DC_Ranchi@BJP4India@BJP4Jharkhand
झारखंड के छात्र किसी का इस्तीफा नहीं मांग रहे हैं। उनकी स्पष्ट मांग है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए।
लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार छात्रों की इस सीधी और जायज मांग को मानने तक को तैयार नहीं है।
#jpsc#jssc
जंतर मंतर पर शबाना आजमी नेहा बोरा को चूमने आईं थीं। बस इतने में ही शबाना जी की ममता का स्टॉक खत्म हो गया। ये बच्चियों जो रांची में भूख हड़ताल पर बैठी हैं इनके लिए शबाना आजमी के स्टॉक में कुछ नहीं है।
पर पूरे झारखंना का प्यार इन्हें मिल रहा है।
परीक्षा कराने वाली ब्लैकलिस्टेड एजेंसी (TDPL) का मैनेजर खुद एग्जाम में बैठता है और 'सेकंड टॉपर' बन जाता है!
झारखंड के JSSC-CGL महाघोटाले की बेशर्मी देखिए, जब छात्र मोबाइल से पेपर लीक का सबूत देते हैं, तो हेमंत सरकार न्याय देने के बजाय उल्टे उन पर ही केस ठोक देती है।
CID जांच के नाम पर लीपापोती कर हाईकोर्ट से धांधली छिपाती है, सेटिंग वालों को नेपाल ले जाकर पेपर रटवाया जाता है, और मुख्यमंत्री के करीबी (विनोद सिंह) के घर से छात्रों के एडमिट कार्ड के साथ 539 पन्नों की ED चैट बरामद होती है।
यह कोई परीक्षा प्रणाली नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं के भविष्य की सरेआम नीलामी है। सत्ता संपोषित इस सिंडिकेट के खिलाफ सड़क पर उतरा झारखंड का युवा अब अपना हक छीन कर ही मानेगा!
"सारे रिश्तेदार अफसर बनेंगे, तो आम छात्र कहाँ जाएंगे?"
#JSSC_CGL परीक्षा में अभय तिवारी ने ऐसा 'पारिवारिक कल्याण' चलाया कि साले से लेकर साढू के बेटे तक, सब एक ही बार में साहब बन गए!
ये कोई संयोग नहीं, बल्कि ₹40 करोड़ का सुव्यवस्थित सिंडिकेट है जिसने पूरी व्यवस्था को खोखला कर दिया।
झारखंड के युवाओं की प्रतिभा को पैसे के दम पर बेचा गया है!
@RahulGandhi@kharge@HemantSorenJMM@INCJharkhand_
4 डेलीगेशन में से केवल 1 ने JSSC CGL घोटाले की बात की , सबसे पहले वाले छात्रों का जो डेलीगेशन गया था केवल उसने, बाकी सभी ने JPSC में मामले को निपटा दिया, क्यों? ये आप अच्छी तरह से जानते हैं,अब छात्रों को और जोर शोर से आवाज उठाना होगा और एकजुट रहना होगा
रिजर्वेशन को बढ़ाकर बिश्वगुरु बनने के सपने दिखाए जा रहे हैं, लेकिन ज़रा देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत भी देख लीजिए।
बिहार के शिवहर की 20 वर्षीय रेखा कुमारी कान का इलाज कराने पटना के महावीर आरोग्य संस्थान गई थीं। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद नर्स ने नस की बजाय आर्टरी में इंजेक्शन लगा दिया। रेखा ने दर्द और तकलीफ़ की शिकायत भी की, लेकिन कथित तौर पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। नतीजा इन्फेक्शन इतना बढ़ा कि उनका हाथ काटना पड़ा। नवंबर में होने वाली शादी भी टूट गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि FIR दर्ज कराने गए तो पुलिस ने मना कर दिया।
सोचिए, जिस देश में इलाज कराने जाओ और इलाज के बदले अपना हाथ गंवाकर लौटो, वहाँ सिर्फ़ नारे लगाने से क्या होगा? पहले अस्पतालों में जवाबदेही, डॉक्टरों-नर्सों की जिम्मेदारी और पीड़ितों को न्याय तो सुनिश्चित कीजिए। 100 में से 99 पाने वाले घर बैठेंगे और -40 लानेवाले इलाज करेंगे तो और क्या ही उम्मीद करेंगे हम सब ।
नारों से नहीं, व्यवस्था से देश महान बनता है।
आज झारखंड, रांची आया। इतने छात्रों का दर्द सुना।
मैं कहूँगा कि आज exam system इतना खोखला हो चुका है कि भर्तियों का इतना बुरा हाल है।
पहले भर्ती आए- इसके लिए लड़ो।
फिर exam के लिए सालों इंतज़ार करते रहो।
5 साल में एक मौका मिल भी गया तो paper leak हो जाएगा, या setting और cheating का खेल शुरू हो जाएगा।
इन सब से भी ऊपर निकलकर आप 300 में 299 भी ले आए, तो भी result में नाम आएगा इसकी कोई गारंटी नहीं।
आख़िर हर कदम पर इस देश के छात्रों के साथ क्यों छल किया जा रहा है?
और जो छात्र 100-200 रुपये की form fees जैसे-तैसे जमा करता है, वो बार-बार आंदोलन कैसे करे?
क्या करे?
असहाय महसूस करता है। जैसे-तैसे लड़ने की हिम्मत जुटाता है, सालों के अत्याचार के बाद…
कोई भी सरकार भर्ती प्रक्रियाओं को ठीक नहीं कर रही। इसकी एक बड़ी वजह मुझे यह लगती है कि सरकारों की प्राथमिकताएँ में ये है नहीं और उनके funds का बड़ा हिस्सा freebies में indirectly वोट ख़रीदने में जा रहा है
जनता जिस विचारधारा के ख़िलाफ़ वोट देती है, कल को वही नेता पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में चला जाता है। हर मोड़ पे बिस्वासघात ।
आज देश के सभी शिक्षकों को छात्रों के हितों के लिए आगे आना होगा। इनकी लड़ाई का हिस्सा बनना होगा।
तभी सबके पढ़ाने की सार्थकता है।
वरना आप भी सरकार की तरह ही है जिसका ध्यान बस पैसे आने से है,बस पढ़ाओ। Selection हो या न हो, उससे क्या मतलब?
जितनी भर्ती cancel होगी, जितनी delay होगी, उतना ज़्यादा coaching का पैसा आएगा।
इसलिए मैं सभी शिक्षकों से हाथ जोड़कर आग्रह करता हूँ 🙏🏻
please छात्रों के साथ हो रहे इस अन्याय में, जैसे भी संभव हो, वीडियो बनाकर उनकी आवाज़ उठायें या यहाँ की व्यवस्था के लिए आर्थिक मदद दे।
अगर शिक्षा से जुड़े लोग भी छात्रों के साथ खड़े नहीं होंगे, तो फिर उनके साथ खड़ा कौन होगा?
Media? Silent. 🤐
CJP? Silent. 🤐
Opposition? Silent. 🤐
Thousands of students in Jharkhand are protesting on the streets against JPSC/JSSC exam irregularities, yet NO mainstream coverage.
Why the radio silence? Because it’s an INDI alliance-ruled state?