The reality of education under AAP’s so-called "padhi-likhi" government
AAP's Punjab Education Minister shared a school photo with clear spelling errors.
Deer written as "Dear."
Vegetables written as "Vegitables."
When the minister's own post exposes basic spelling mistakes in school material, the education model stands fully revealed.
BJP वाले मनुस्मृति के समर्थन में कूद पड़े हैं - यह कोई हैरानी वाली बात नहीं है
मनुस्मृति में महिलाओं को सिर्फ दोयम दर्जे का या पुरुष पर निर्भर रहने के लिए ही नहीं कहा गया है - बल्कि तमाम और वाहियात घटिया बातें कहीं हैं -सुनकर खून खौल जाए 👇
▪️मनुस्मृति के पांचवें अध्याय के 148वें श्लोक में कहा गया है कि "एक स्त्री को हमेशा अपने पिता के संरक्षण में रहना चाहिए, विवाह पश्चात पति द्वारा उसका संरक्षण होना चाहिए, पति की मृत्यु के बाद उसे अपने बच्चों की दया पर निर्भर रहना चाहिए. लेकिन किसी भी स्थिति में एक महिला स्वतंत्र नहीं रह सकती"
यानी स्त्री के पास अपने बारे में भी निर्णय लेने के अधिकार नहीं है
▪️मनुस्मृति में महिलाओं को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार नहीं है. सिर्फ वे महिलाएं ही वेदों का अध्ययन कर सकती हैं, जिनका यज्ञोपवीत संस्कार होता है. यानी उच्च वर्ण की कुछ महिलाओं को छोड़कर किसी को कोई शिक्षा लेना का अधिकार नहीं है
▪️मनुस्मृति के 15वें नियम में कहा गया है कि 'महिलाओं का चंचल मन और स्वाभाविक हृदयहीनता की वजह से अपने पति के प्रति धोखेबाज हो सकती हैं. ऐसे में उन्हें निगरानी में रखना चाहिए
▪️मनुस्मृति के दूसरे अध्याय में कहा गया है कि 'पुरुषों को उत्तेजित करना और उनको बहकाना महिलाओं का स्वभाव है. ऐसे में समझदार लोगों को महिलाओं के आसपास संभलकर रहना चाहिए. किसी भी पुरूष को अपनी मां, बहन या बेटी के साथ भी एकांत में नहीं रहना चाहिए, वर्ना स्त्रियों की वजह से पुरूष का धर्म भ्रष्ट हो सकता है
▪️मनुस्मृति में कहा गया है कि राजा धन और स्त्रियों की रक्षा करता है. मगर विपत्ति में धन या स्त्रियों के प्रयोग से भी राज्य को सुरक्षित रख सकता है. यानी स्त्रियों का उपयोग वस्तु की तरह किया जा सकता है
▪️मनुस्मृति में कहा गया है कि महिला को अपने माता-पिता या पति की संपत्ति पर प्रत्यक्ष अधिकार नहीं है. अगर वह धन अर्जित करती है तो वो धन उसके पति या पुत्रों को जाएगा. यदि स्त्री के भाई हैं, तो उसे माता-पिता की संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलेगा
▪️मनुस्मृति के तीसरे अध्याय में मनु ने महिलाओं की तुलना कुत्ते और सुअर से की है. कहा है कि “जब ब्राह्मण भोजन करें तब उन्हें किसी सुअर, मुर्गे, कुत्ते या किन्नर या ऐसी महिला जो रजस्वला (पीरियड्स) में हो, उसको देखना भी नहीं चाहिए”
तीसरे अध्याय में ही कहा गया है कि उस महिला से विवाह न किया जाए, जिसके बाल और आंखें लाल हो. या एक ऐसी महिला जो नीची जाति की हो
▪️मनुस्मृति के ग्यारहवें श्लोक में कहा गया है कि जिस स्त्री के भाई न हो या जिसके पिता को कोई न जानता हो यानी वो लड़की किसकी है ये किसी को न मालूम हो तो उस स्त्री से विवाह करने वाला आदमी मूर्ख होता है. जबकि बिना बाप वाले पुत्र से विवाह करने में कोई दिक्कत नही है
आख़िर कौन हैं वो महिलायें जिनका खून नहीं खौलता यह सब सुनकर?
मनुस्मृति जिसकी घटिया बातों से यह कहकर ध्यान भटकाने की कोशिश है कि बाक़ी धर्मों की बात नहीं हो रही - ऐसे लोग तो राजा राममोहन रॉय को सती प्रथा ख़त्म करते वक़्त कहते बाक़ी धर्मों की कुरीतियाँ ख़त्म कीजिए. ये कैसी बचकानी बेहूदी और महिला विरोधी बात है
आख़िर BJP वाले मनुस्मृति का बचाव कैसे कर सकते हैं?
देश आज़ादी का जश्न मना रहा है और उधर 14 दिन से भूखे प्यासे बैठे व्यक्ति के साथ ये हो रहा है झारखंड में।
ये है आज़ादी?
“हम लेकर रहेंगे आज़ादी” का नारा लगाने वाले कहीं नहीं दिखेंगे अब इसपर छाती पीटते।
कॉकरोच अभी BJP शासित राज्य घूमने में बिजी हैं।
गजबे है