@BPanIndian Reality is different
China's upstream dam operations on the Mekong have been widely criticized for disrupting the river's natural flow leaving downstream countries like Thailand Laos Cambodia and Vietnam facing water shortages reduced fisheries & threats to farmers livelihoods
अगर मैं ठहर गया …. तो क्या जवाब दूंगा भांडासर के उन 80 साल के लंगे खान जी को …. जिनसे पानी का वादा करके आया था.... क्या जवाब दूंगा डगारी गांव के उस बुजुर्ग को जिन्होनें मुझे माला पहनाते हुए कहा था कि तुमने पोस्टर पर मेरे गांव का नाम लिखा …. हमको जिंदा कर दिया फिर से .... क्या जवाब दूंगा पनिया गांव के लोगों को जिनसे में सड़क पानी बिजली का वादा करके आया हूं .... मोडरड़ी के लोगों में विश्वास है कि रवि एमएलए बनेगा और भारतमाला से एक पतली सड़क हमारे गांव तक भी आएगी.... बरसिंगा से लेकर आरंग चोचरा तक के लोगों को मैनें सोलर में स्थानीय लोगों को रोजगार का वादा किया है...
अगर आज मैं रुक गया तो क्या जवाब दूंगा थुंबली, गिरल, आकली, तुड़बी के लोगों को जो 10 मिनट का सफर 1 घंटे में पूरा करते है....जिनकी जमीनों को कब्जा कर कंपनियां और सरकारें करोड़ों कमाती है लेकिन उन लोगों के हालात आज भी बदतर है... जिनके घरों पर रात में काला धुंआ छाया रहता है... जिनसे मैं वादा करके आया था...कि ये अंधेरा छंटेगा.
मैनें कोटड़ा, हड़वा हड़वेचा के लोगों को सड़क का वादा किया है... भाडखा से लेकर भिंयाड़ और ऊंडू आरंग तक के किसानों की लाइट ट्रिपिंग से मोटरें जलती है....हजारों का नुकसान हो जाता है.... समय पर बिजली नहीं मिलने से फसलें बर्बाद होती है .. उनके और मेरे बीच उम्मीद और विश्वास का रिश्ता बना था...
मैनें उन कोटड़ा के लोगों से कुछ वादा किया था...जिनका गौरवशाली इतिहास है...पहचान है...लेकिन वर्तमान बुनियादी सुविधाओं को भी तरस रहा है .... ये हालत ना सिर्फ़ शिव विधानसभा के रामसर, गडरा, चौहटन, भीयाड़, हरसाणी, गिराब और गागरिया सहित हर क्षेत्र के है …. बल्कि हम जितना गहरा उतरेंगे हालत और बदतर स्थिति में हमारे सामने आयेंगे …. एक लाइन में इस सच को बोला जाये तो ये है “हालत-ए-सरहद”
मैं उन युवाओं को क्या जवाब दूंगा जिनको मैनें कहा था....कि एक-एक को रोजगार देने का काम करूंगा... अगर मैं ठहर गया तो उनको मुंह कैसे दिखाऊंगा ….
बड़ी मुश्किलों के बाद...बड़े इंतजार के बाद...मैनें गांवों के बुजुर्गों की आखों में बेहतर कल की चमक देखी है...मैनें देखा है जब मेरे युवा भाई कंधे से कंधा मिलाकर मेरे साथ चलते है तो बुजुर्गों में भी जोश आ जाता है....वो अपने बेटों...अपने पौतों के भविष्य को लेकर बेफिक्र हो जाते है....घर की खिड़कियों से झांकती जो माएं मुझे आशीष दे रही थी....अगर मैं ठहर गया तो उनको क्या जवाब दूंगा...
लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का सबको हक है....लेकिन शिव की 4 पंचायत समितियों..... 124 ग्राम पंचायतों.... 630 गावों और 2 हजार ढ़ाणियों की तरक्की कैसे होगी....इसका प्लान किसके पास है?….शिव के 200 गांव ऐसे है जहां 10वीं तक भी स्कूल नहीं है .. बहन बेटियां अनपढ़ रह जाती है... सैकड़ों गांव है जहां आज भी सड़क नहीं है...स्कूल नहीं है...पीने का पानी नहीं है...
आखिर में एक विश्वास जो मैं आप सबको देता हूं... इस लड़ाई का परिणाम जो रहे.... आप मेरे काम आ सकेंगे या नहीं....लेकिन रविंद्र आपके लिए हमेशा हाजिर रहेगा.... आपकी लड़ाई अब आप नहीं...रविंद्र लड़ेगा.....और सिर्फ शिव विधानसभा क्षेत्र की बात नहीं कर रहा हूं....आपके परिवार का...आपके कुनबे का कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी कौने में कैसे भी मुसीबत में हो.... रवि को याद करना... अगर आपका भाई और आपका बेटा बनकर...आपके परिवार का बनकर काम न करूं...तो कहना, उसी दिन राजनीति छोड़ दूंगा.
@mrsinha Let law take its course, India runs on law, we can't take action on mob demand and under mob pressure, tomorrow anyone can blame anyone and demand arrest without any proof. The country will be unsafe for men
#POSCO#BrijBhushanSharanSingh
क्रान्तिकारी #महावीरसिंह#राठोड को भुला दिया जो #भगतसिंह के साथी थे आजादी के बाद चुन चुनकर राजपूत इतिहास को तहस नहस करने का षड्यंत्र शुरू हुआ जो कांग्रेस और अब bjp के बाद बदस्तूर जारी है भगतसिंह को आज बच्चा बच्चा जानता है लेकिन कितने लोग है जो क्रांतिकारी महावीरसिंह को जानते है ??