𝗦𝘂𝗿𝘆𝗮𝗸𝘂𝗺𝗮𝗿 𝗬𝗮𝗱𝗮𝘃 at
Age 29 - "My father always checks all the websites any time an India A team is announced. He calls me as soon as he sees it, and tells me your name is not there. I tell him that's not a problem" - Surya
Age 30 - T20I Debut
Age 31 - Maiden T20I Century
Age 32 - No.1 T20I Batsman
Age 32 - 900 Rating Points in T20I (1st Asian)
Age 32 - ICC T20I Cricketer of the Year (1st time)
Age 33 - ICC T20I Cricketer of the Year (2nd time)
Age 33 - Became permanent T20I Captain
Age 34 - Won Asia Cup as a Captain
Age 35 - Won 𝗧𝟮𝟬 𝗪𝗼𝗿𝗹𝗱𝗰𝘂𝗽 as a Captain*
डिमेंशिया और अल्जाइमर का दुष्प्रभाव जब बढ़ता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में चला जाता है जहाँ आप सहानुभूतिपूर्वक रोगी के मानसिक स्वास्थ्य लाभ की कामना ही कर सकते है।
प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री को “लड़की” कहने तथा महिलाओं के प्रति अपनी संकीर्ण, नकारात्मक व दोषपूर्ण सोच का बारम्बार प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री को आप क्या कहेंगे?
मुख्यमंत्री जी की इसी मानसिकता के कारण ही प्रतिदिन बिहार की सैंकड़ो बच्चियों, छात्राओं और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को प्रोत्साहन मिलता है। #Shame #Bihar
पढ़ाई–लिखाई पर ध्यान दीजिए, यादव समाज के भाइयों…
पूरे पाँच साल हमें मिले हैं सोचने–समझने के लिए, अपने आसपास के लोगों को पहचानने के लिए।
जो चार साल 11 महीने साथ रहते हैं, वही चुनाव आते ही हमारा विरोधी बन जाते हैं।
इसलिए अभी के बदलते राजनीतिक घटनाक्रम पर राय देने से बेहतर है कि हम अपने भविष्य पर ध्यान दें।
जिसे सरकारी नौकरी चाहिए, वह जी-जान से पढ़ाई करे। जिसे बिज़नेस करना है, वह अपने काम में पूरी मेहनत लगाए। लक्ष्य साफ़ रखें, आगे बढ़ें और अपने परिवार की तरक्की पर फोकस करें।
देश में कहाँ क्या हो रहा है, कौन-सा कानून आ रहा है, किस तरफ़ बुलडोज़र चल रहा है—इन सबमें उलझने के बजाय अपने सपनों की नींव मज़बूत करें।
धरना–प्रदर्शन और समाजसेवा छोड़कर अपने जीवन को संवारने का समय है। क्योंकि हर समाज आपका इस्तेमाल किया है अपने फायदे के लिए और साथ देने के समय आपको धोखा दिया है।
बिहार में जो होना था, 14 नवम्बर को हो चुका है।
अब बस दर्शक दीर्घा में बैठकर खेल का आनंद लीजिए। 🙏
#ahirsamaj #UGC
बिहार में लोकतंत्र की हार हुई है!
जनता की ताकत, उनका मत... दलगत राजनीति से बहुत ऊपर है!
लोकतंत्र की हार मतलब जनता की हार है!
बिहार में "तंत्र" जीता है, "लोक" की हार हुई है!
बिहार में भाजपा द्वारा खड़ी की गई प्रपंची सिस्टम की जीत हुई है! लोकतंत्र की हार हुई है!
@yadavtejashwi
#RJD #Bihar #TejashwiYadav
बिहार में जो लोग आज अपने ही घरों पर चले बुलडोज़र को देखकर आँसू बहा रहे हैं, जो कैमरे के सामने खड़े होकर यह स्वीकार कर रहे हैं कि “हमने 10 हज़ार रुपये लेकर NDA को वोट देकर बहुत बड़ी गलती की… अब कभी उनके झाँसे में नहीं आएँगे” — उन सबके लिए हमें ज़रा भी दुखी होने की ज़रूरत नहीं है।
क्योंकि सच्चाई यही है कि —
जो बोता है, वही काटता है।
जिस जनता ने अपने भविष्य, अपने घर, अपनी सुरक्षा की कीमत सिर्फ कुछ हज़ार रुपयों में बेच दी, आज वही उस सौदे का दर्द महसूस कर रही है।
ये लोग आज कह रहे हैं कि हमसे गलती हो गई।
लेकिन हमें पूरा यकीन है —
अगर अगले चुनाव में वही NDA 10 हज़ार की जगह 20 हज़ार रुपये थमा देंगी,
तो यही लोग फिर लाइन में लगकर वोट डाल आएँगे।
फिर उसी धोखे पर भरोसा कर लेंगे।
और उसी जाल में फिर फँस जाएँगे।
लोकतंत्र में सबसे बड़ा अधिकार ‘वोट’ है —
और इसी वोट की कीमत जब नोटों से तौली जाती है,
तो परिणाम यही होता है कि घर उजाड़े जाते हैं,
परिवार सड़क पर आ जाते हैं।
आज जो लोग पीड़ित हैं, दुख झेल रहे हैं,
उनकी पीड़ा पर सहानुभूति जरूर रखी जा सकती है,
लेकिन ज़िम्मेदारी भी उन्हीं की है।
क्योंकि जब फैसले लालच में होते हैं,
तो भुगतना भी वही पड़ता है।
याद रखिए —
वोट सिर्फ बटन दबाने का नाम नहीं,
वोट भविष्य चुनने का नाम है।
और जिसने अपने भविष्य को बिकाऊ बना दिया,
उसे यह दर्द बार-बार झेलना ही पड़ेगा।
कल कांग्रेस पार्टी ये कहकर कैंपेन चला रही थी कि
“क्षेत्रीय पार्टियों के गठबंधन से नुकसान होता है!”
लेकिन कांग्रेस के छुटभैये नेता , अगर आप अकेले लड़ने निकलोगी तो
अमेठी–रायबरेली भी हाथ से निकल जाएगी।
यह ज़मीन की राजनीति है, अहंकार की नहीं!
आज भी कांग्रेस को राजनीति में ऑक्सीजन
SP, RJD और DMK जैसे साथियों से ही मिलता है —
अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और स्टालिन
कांग्रेस के वास्तविक खेवनहार हैं,
वरना नाव कब की डूब चुकी होती!
INDIA ब्लॉक को तोड़ने वालों को
राजनीति की समझ शून्य है।
जो हाथ पकड़कर आपको बचा रहा है,
उसी हाथ को काटना —
राजनीति नहीं, मूर्खता है। 🤦♂️
कांग्रेस पार्टी को चाहिए कि
साथ चलने वालों का सम्मान करे,
वरना जनता सबक देना अच्छी तरह जानती है!
कांग्रेस अपनी खोखली शान और पुरानी विरासत के नशे में इतनी डूबी रहती है कि उसे यह सच्चाई दिखती ही नहीं कि आज उसकी राजनीतिक जमीन दूसरों की बदौलत ही बची हुई है।
केंद्र में जब-जब कांग्रेस सत्ता के दरवाज़े तक पहुँची है, तब-तब उसके पीछे क्षेत्रीय पार्टियों का दम रहा है —
लालू प्रसाद यादव जी जैसे नेता और RJD का बेझिझक समर्थन न होता तो कांग्रेस का राजनीतिक अस्तित्व कब का हवा हो जाता।
तमिलनाडु की बात कर लें — DMK की वजह से 10 सांसद जीतकर आए और कांग्रेस शोर मचाने लगी जैसे पूरे देश ने उसे सिर आँखों पर बिठा लिया हो!
लेकिन असलियत ये है कि कांग्रेस बिना सहारे खड़ी भी नहीं हो सकती।
फिर भी अहंकार ऐसा कि अपने सहयोगियों के योगदान को कब का मिटा देती है।
श्रेय खुद ले लेती है, और ज़मीनी लड़ाई लड़ने वालों को हाशिये पर डाल देती है।
यही कांग्रेस की नीच राजनीति की पहचान है।
उत्तर प्रदेश इसका सबसे बड़ा सबूत है —
35 साल पहले ही नेता जी ने कांग्रेस को औकात समझा दी थी।
जिस दिन सामाजिक न्याय की आवाज़ उठी, उसी दिन कांग्रेस की राजनीति UP की मिट्टी में दफ़न हो गई।
और सच कहें, तो यह फैसला जनता का ही नहीं — इतिहास का भी सबसे सही फैसला था।
आज कांग्रेस आँकड़ों पर रोती है,
लेकिन हक़ीक़त ये है कि कांग्रेस हारती नहीं…
कांग्रेस खुद को हराती है — अपने घमंड, अपने पुराने सोच और अपने सहयोगियों की अनदेखी से।
कांग्रेस को सलाह भी क्या दें?
जिस पार्टी ने जनता का भरोसा खो दिया हो,
और कंधा देने वालों का सम्मान भी…
उसका भविष्य सिर्फ़ राजनीतिक इतिहास की किताबों में ही बचेगा।
नेता जी, आपको हार्दिक बधाई!
आप केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी की उम्मीद और बिहार के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक हैं। यह सफर आसान नहीं था और आगे का रास्ता भी चुनौतियों से भरा होगा, लेकिन आपकी सकारात्मक सोच, जज़्बा और जनता के प्रति समर्पण ही आपकी पहचान है।
चुनाव परिणाम चाहे जैसे भी आए हों, लेकिन जनता का विश्वास समय के साथ मेहनत, ईमानदारी और निरंतर सेवा से और अधिक गहराता है।
आपकी संघर्ष यात्रा ने बिहार की राजनीति को नई भाषा और नई दृष्टि दी है। आपने हर कदम पर बेरोजगारों, गरीबों, किसानों और युवाओं के अधिकारों की आवाज़ को मजबूती से उठाया है।
हार-जीत राजनीति का हिस्सा है, लेकिन सपना और संकल्प कभी हारते नहीं। आज भी लाखों दिलों में एक ही उम्मीद धड़कती है — बदलते हुए बिहार का सपना तेज़स्वी के संग।
आपका साहस, आपकी प्रतिबद्धता और जनता के लिए आपका प्रेम ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है।
हम सबको भरोसा है कि आप जैसे युवाओं के नेतृत्व में बिहार एक नए युग की शुरुआत करेगा —
जहाँ शिक्षा, रोजगार, सम्मान और विकास हर घर तक पहुँचेगा।
आप हमेशा आगे बढ़ते रहें, यही शुभकामनाएँ!
जय बिहार • जय भारत ✊🏽💚
नेताजी,
आपके नेतृत्व में हमारी पार्टी मजबूती से लड़ी। आपने वह हर संभव प्रयास किया जो किया जा सकता था। सीमित संसाधन में भी अपनी इच्छाशक्ति और मेहनत से आपने पूरे चुनावी माहौल को अकेले एकतरफा बना दिया था। आपको हराने में कई राज्यों के मुख्यमंत्री, अनेकों मंत्री, सांसद, विधायक, स्टार प्रचारक और यहां तक कि देश के प्रधानमंत्री तक नाकाम रहे। आपने सबको अकेले नाकों चने चबवा दिया।
तब एंट्री कराई गई चुनाव आयोग की। SIR कराया गया। पैसों की नदी बहाई गई। बीच चुनाव में वोटिंग के दिन तक 10,000 की रिश्वत बांटी गई तब कहीं जाके बीजेपी आपके आगे टिकी।
आपने अकेले जिस जोश और जुनून से लड़ाई लड़ी उससे बेहतर नहीं लड़ा जा सकता था। बिहार के एक बहुत बड़े वर्ग का विश्वास आप पर है। बिहार के एक बहुत बड़े हिस्से को आप से उम्मीद है। हम सब को आपसे बहुत उम्मीद है। और आप पर पूरा विश्वास है।
आपके नेतृत्व में हम दोबारा उठेंगे। लड़ेंगे। जीतेंगे।
#TejashwiYadav #RJD #Bihar
यादवों!
आपने सोशल मीडिया पर उनके लिए हर दिन अंबेडकरवाद, पिछड़ेवाद, सामाजिक न्याय इत्यादि की लड़ाई लड़ी, मैंने खुद भी खूब लड़ी। जब से होश इधर संभाला है हर दिन सामाजिक न्याय पर ही कमोबेश लिख रहा।
लेकिन वो खुद इतने ज्यादा गुलाम मानसिकता के हैं कि आप उनके लिए लड़ाई लड़ते लड़ते खुद कमजोर हो जाओगे, और तुमको कमजोर करने में हांथ भी उनका ही होगा जिनके लिए तुम लड़ रहे।
यहां तक कि तुम उनके लिए लड़ोगे फिर भी the least thing कि वे तुम्हारे साथ खड़े भी नहीं हो सकते।
कुर्मियों से सीखो कुछ, वो भी ओबीसी में आते हैं, उन्हें नहीं चूल रहती सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने की, उन्हें नहीं चूल रहती अंबेडकरवाद की लड़ाई लड़ने की।
लालू जी ने इनको खिलाना शुरू किया, अब ये इतना खा लिए कि ये मोटा हो गए हैं, अब ये इतना मोटा हो गए हैं कि भूल गए कि खिलाना कौन शुरू किया।
ना, बिल्कुल नहीं , कोई नहीं सामाजिक न्याय पर लिखेगा इधर, 1100 और दारू पर बिकने वालों की लड़ाई आप कबतक लड़ते रहोगे?
जिन सामंतों से आजादी आपने उन्हें दिलाई, उन्हीं को वोट देकर वे उन्हें लाना चाहते हैं, लाने दो इन्हें। फिर कोई लालू दुबारा नहीं पैदा होना इनको आजादी दिलवाने के लिए, प्लीज।
मैं भाजपा से खुद ये रिक्वेस्ट करता हूं कि कोई सवर्ण मुख्यमंत्री बिहार को दे।
कल रात्रि पार्टी प्रत्याशियों तथा जिला संगठन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए मतगणना संबंधित दिशा-निर्देश एवं काउंटिंग की तैयारियों के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया।
लोकतंत्र की जननी बिहार की न्यायप्रिय जनता तथा बिहार व संविधान प्रेमी सभी सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता उत्साह, उम्मीद व विश्वास के साथ सतर्क, सचेत, सावधान एवं किसी भी प्रकार के अनुचित असंवैधानिक कार्य से निपटने के लिए पूर्ण रूप से सक्षम, जागरूक और तैयार है। बिहार और बिहारी लोकतंत्र व संविधान बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बच्चे भी समझ गए हैं कि प्रधानमंत्री की भाषा निम्नस्तरीय है और उनके द्वारा उठाए जा रहे हैं मुद्दे घटिया और हवा हवाई हैं, जिनका बिहार से कोई सरोकार नहीं है!
अब बच्चे भी कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक भाषा में कोई मर्यादा या गरिमा नहीं है!
प्रधानमंत्री जी,
यह बिहार का चुनाव है!
बिहार देश का सबसे गरीब राज्य है!
थोड़ा गंभीरता दिखाइए!
आपके छिछले मुद्दों से बिहार का भला नहीं होगा!
11 साल से केंद्र में बैठे बैठे डबल इंजन का ढिंढोरा पीटकर आपने बिहार की बहुत अनदेखी कर ली!
अब बिहार में एक अच्छी #तेजस्वी_सरकार बनने जा रही है!
बिहार में नौकरी रोजगार वाली #तेजस्वी_सरकार बनने जा रही है!
@yadavtejashwi
#RJD #Bihar #TejashwiYadav #तेजस्वी_सरकार
जन्मदिन मंगलमय हो नेताजी , जीत - हार अपनी जगह लेकिन आप बिहार के राजनीति का रुख बदल दिए ।
आपको इस समाजवादी छात्र द्वारा जन्मदिन की शुभकामनाएं , ईश्वर आपको लंबी उम्र दे ❤️✌🏼
#HappyBirthdayTejashwi
दिन हो या रात, हर दिल, हर मन, हर मुख, हर गाँव, हर गली, हर सभा से उठ रही एक ही आवाज़ “अबकी बार 20 साल वालों का पत्ता साफ़”। आपका यह विश्वास इतिहास रचेगा!
📍कल रात्रि कटिहार के प्राणपुर में अपनों के बीच!