नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। इसमें इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के हवाले से आरोप लगाया गया है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी, की सहमति के बिना लिए गए और उनकी 14 से अधिक आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया।
अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका में बिना सर्वसम्मति के लिए गए निर्णयों को अमान्य करने, मूल फॉर्म 6 को बहाल करने और एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए 13 करोड़ नामों की जांच के लिए एसआईटी (SIT) के गठन की मांग की गई है।
इसके अलावा, ज्ञानेश कुमार, वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग और महानिदेशक (IT) सीमा खन्ना पर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने की मांग की गई है।
दिल्ली में आज CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा, “ज्ञानेश कुमार CEC की कुर्सी पर बैठने के लायक़ नहीं हैं, उन्हें तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।”
इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, हमास का समर्थन करने के लिए ममदानी आपको शर्म आनी चाहिए। उन्होंने हमारे लोगों की हत्या की। न्यूयॉर्क के यहूदियों के खिलाफ दंगे भड़काने के लिए भी आपको शर्म आनी चाहिए।
मैं संयुक्त राष्ट्र आ रहा हूं। मैं अपने सैनिकों के बारे में सच बताऊंगा और आपके बारे में भी सच दुनिया के सामने रखूंगा।”
बिहार के जमुई में 10वीं कक्षा की नाबालिग के साथ छेड़छाड़ और बदसलूकी के मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। आरोपी के पैर में गोली लगी है। मुठभेड़ के बाद जमुई पुलिस नंदन यादव को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची।
बताया जा रहा है कि वारदात के दौरान नंदन यादव ने चेहरे पर गमछा बांध रखा था। इस मामले में तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, घटना में 7-8 आरोपी शामिल हैं और बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।
उत्तर प्रदेश के मेरठ के पॉश इलाके सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई से हड़कंप मच गया। कोर्ट के निर्देश पर प्रशासन ने 6 व्यावसायिक भवनों से जुड़ी करीब 55 दुकानों को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के दौरान बाजार में भारी पुलिस बल तैनात रहा। देखते ही देखते वर्षों की मेहनत से खड़ी की गई दुकानें मलबे में तब्दील हो गईं।
दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में आयोजित ‘भारत एक्सप्रेस उर्दू’ के कॉन्क्लेव ‘बज़्म-ए-सहाफ़त’ में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “उर्दू बहुत रिच ज़बान है, इसलिए इसे सिर्फ़ रिच लोगों की नहीं बल्कि आम लोगों की ज़बान बनाने पर ज़ोर देना चाहिए। यह सोच ग़लत है कि उर्दू सिर्फ़ अदालतों, शायरों या बहुत पढ़े-लिखे लोगों की ज़बान है। यह एक ऐसी ज़बान है जो दिल की बात कहने का कुदरती ज़रिया देती है”
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने मंगलवार को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में कहा, उमर खालिद राष्ट्रवादी हैं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को उमर खालिद के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि ABVP नाथूराम गोडसे को मानता है- जो राष्ट्र-विरोधी था और देश का पहला आतंकवादी था। उनके पास उमर खालिद के बारे में बोलने का कोई नैतिक अधिकार या नैतिकता नहीं है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित आपत्तिजनक ईमेल भेजने के मामले में करीब ढाई साल से जेल में बंद मुबारक अली को जमानत दे दी है।
अली 20 मार्च 2024 से हिरासत में थे। कोर्ट ने सुनवाई की धीमी रफ्तार को भी ध्यान में रखा। 23 जुलाई 2026 तक मामले में केवल चार गवाहों के बयान दर्ज हुए थे, जबकि 26 गवाहों की गवाही बाकी थी।
अली के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है। कोर्ट ने कहा कि अगर जमानत का आधार बनता है तो केवल आपराधिक इतिहास के आधार पर किसी आरोपी को लंबे समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता।
हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत देते समय कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है।
सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का के पास ड्रोन हमले की कोशिश पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कड़ी निंदा की है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोककर नष्ट कर दिया गया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, मैं मक्का मुकर्रमा के पवित्र स्थल पर किए गए इस घिनौने और निंदनीय ड्रोन हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। पाकिस्तान के लोग इस निंदनीय कृत्य से दुखी और व्याकुल हैं। इस निंदनीय और अक्षम्य कृत्य से हमारे मन में उमड़े गहरे दुख और पीड़ा को व्यक्त करने के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट की 120 साल पुरानी ऐतिहासिक मस्जिद को ज़मींदोज़ किए जाने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदर से भी विरोध और इंसाफ के सुर उठने लगे हैं। पूर्व भाजपा विधायक शशिबाला पुंडीर ने इस गैर-संवैधानिक बुलडोज़र कार्रवाई पर गहरा दुख जताते हुए अपनी ही सरकार और सूबे👇
सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले पर बयान देने वाली मुस्लिम पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हुदा जरीवाला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अपने बयान में जरीवाला ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सहारनपुर के डीएम को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और मुख्यमंत्री योगी को मस्जिद ध्वस्तीकरण के लिए ‘अपराधी’ बताया। इसी बयान को लेकर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई, जिसके बाद सहारनपुर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।